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सोलन में बढ़ने लगी लड़कियों की संख्या, 899 से 941 पहुंचा शिशु लिंगानुपात
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सोलन। वर्तमान में लड़कियां किसी भी स्तर पर लड़कों से पीछे नहीं है। इसका अंदाजा जिला सोलन में बढ़ती बेटियों की संख्या से लगाया जा सकता है। बाल विकास विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में लगातार लड़कियों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। यह संख्या धीमी नहीं बल्कि तेज गति से बढ़ रही है। इसके पीछे लोगों में जागरूकता और सरकारी स्तर पर लड़कियों को मिलने वाली कई सुविधाएं हैं। गांव में भी लोगों ने सोच से उठकर लड़कियों को स्थान दिया है।
बाल विकास विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में शिशु लिंगानुपात 2011 के मुकाबले काफी सुधर गया है जबकि जन्म लिंगानुपात में भी इजाफा हुआ है। जाहिर तौर पर बेटियों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ने लगा है। शिशु लिंगानुपात जीरो से पांच साल के मध्य में होता है।
2011 में शिशु लिंगानुपात एक हजार पुरुषों पर 899 लड़कियां थी जो इस वर्ष बढ़कर 941 हो गई है। इसी के साथ जन्म लिंगानुपात 2011 में एक हजार पुरुषों पर 880 लड़कियां थीं जो 2021 में बढ़कर 955 हो गई है। इसके बड़े पैमाने पर बदलाव लोगों में सकारात्मक सोच की पहल है। लड़कियों को नौकरी से लेकर सरकारी, निजी संस्थानों में बेहतर पद मिलना और आत्मनिर्भर होने की जानकारियां लोगों की सोच बदल रही हैं।
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उधर, बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी सुरेंद्र तेगटा ने बताया कि जिले में लड़कियों की संख्या बढ़ रही है। यह बेटियों के प्रति बेहतर संकेत है। सरकार लड़कियों के लिए कई योजनाएं चला रही हैं जिनका लाभ उन्हें मिल रहा है। सरकार की योजनाएं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बेटी है अनमोल, शगुन योजना से भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है।
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बाल विकास विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में शिशु लिंगानुपात 2011 के मुकाबले काफी सुधर गया है जबकि जन्म लिंगानुपात में भी इजाफा हुआ है। जाहिर तौर पर बेटियों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ने लगा है। शिशु लिंगानुपात जीरो से पांच साल के मध्य में होता है।
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2011 में शिशु लिंगानुपात एक हजार पुरुषों पर 899 लड़कियां थी जो इस वर्ष बढ़कर 941 हो गई है। इसी के साथ जन्म लिंगानुपात 2011 में एक हजार पुरुषों पर 880 लड़कियां थीं जो 2021 में बढ़कर 955 हो गई है। इसके बड़े पैमाने पर बदलाव लोगों में सकारात्मक सोच की पहल है। लड़कियों को नौकरी से लेकर सरकारी, निजी संस्थानों में बेहतर पद मिलना और आत्मनिर्भर होने की जानकारियां लोगों की सोच बदल रही हैं।
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उधर, बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी सुरेंद्र तेगटा ने बताया कि जिले में लड़कियों की संख्या बढ़ रही है। यह बेटियों के प्रति बेहतर संकेत है। सरकार लड़कियों के लिए कई योजनाएं चला रही हैं जिनका लाभ उन्हें मिल रहा है। सरकार की योजनाएं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बेटी है अनमोल, शगुन योजना से भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है।