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Solan News: महिलाओं ने सीखा बेबी फ्रॉक बनाना
Sun, 30 Aug 2026 12:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 30 Aug 2026 12:48 AM IST
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यूको आरसेटी सोलन में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के दौरान मौजूद महिलाएं। संवाद
यूको आरसेटी सोलन में आयोजित किया गया महिला टेलर प्रशिक्षण शिविर
26 महिलाएं ले रही हैं निशुल्क शिविर का लाभ, सीख रही कपड़े सिलने का गुर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान सोलन की ओर से जिले की महिलाओं के लिए निशुल्क महिला टेलर का प्रशिक्षण शिविर लगा। इसके तहत शनिवार को महिलाओं को बेबी फ्रॉक बनाना सिखाया गया। शिविर के तहत अब महिलाओं के प्रेक्टिकल शुरू हो गए हैं। इसमें महिलाओं को बेबी फ्रॉक बनाने के सभी चरणों को बारी-बारी कर बताया गया। प्रशिक्षक ने महिलाओं को जानकारी दी कि कोई भी फ्रॉक या ड्रेस बनाने के लिए सबसे जरूरी नाप होता है। कहा कि नाप यदि गलत हो जाए, तो पूरी ड्रेस खराब हो सकती है। उन्होंने बताया कि नाप लेने के बाद सही से कपड़े को काटा जाना चाहिए। साथ ही सही से इसकी सिलाई की जानी चाहिए। इस दौरान शिविर में 26 महिलाओं ने भाग लिया। शिविर के तहत किए जा रहे प्रेक्टिकल में सभी महिलाओं को अलग से सिलाई मशीन दी जा रही है, ताकि सभी महिलाएं एक समान रूप से सिख सकें। यूको आरसेटी की निदेशक मीनू बारिया ने बताया कि आरसेटी का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को अधिक से अधिक स्वरोजगार से जोड़ना है। इसके तहत आने वाले समय में भी कई विभिन्न प्रकार के निशुल्क प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाने वाला है। इसके लिए आवेदन भी शुरू हो गए हैं। उन्होंने बताया कि शिविर के लिए इच्छुक प्रतिभागी आरसेटी में आकर आवेदन कर सकते हैं।
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26 महिलाएं ले रही हैं निशुल्क शिविर का लाभ, सीख रही कपड़े सिलने का गुर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान सोलन की ओर से जिले की महिलाओं के लिए निशुल्क महिला टेलर का प्रशिक्षण शिविर लगा। इसके तहत शनिवार को महिलाओं को बेबी फ्रॉक बनाना सिखाया गया। शिविर के तहत अब महिलाओं के प्रेक्टिकल शुरू हो गए हैं। इसमें महिलाओं को बेबी फ्रॉक बनाने के सभी चरणों को बारी-बारी कर बताया गया। प्रशिक्षक ने महिलाओं को जानकारी दी कि कोई भी फ्रॉक या ड्रेस बनाने के लिए सबसे जरूरी नाप होता है। कहा कि नाप यदि गलत हो जाए, तो पूरी ड्रेस खराब हो सकती है। उन्होंने बताया कि नाप लेने के बाद सही से कपड़े को काटा जाना चाहिए। साथ ही सही से इसकी सिलाई की जानी चाहिए। इस दौरान शिविर में 26 महिलाओं ने भाग लिया। शिविर के तहत किए जा रहे प्रेक्टिकल में सभी महिलाओं को अलग से सिलाई मशीन दी जा रही है, ताकि सभी महिलाएं एक समान रूप से सिख सकें। यूको आरसेटी की निदेशक मीनू बारिया ने बताया कि आरसेटी का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को अधिक से अधिक स्वरोजगार से जोड़ना है। इसके तहत आने वाले समय में भी कई विभिन्न प्रकार के निशुल्क प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाने वाला है। इसके लिए आवेदन भी शुरू हो गए हैं। उन्होंने बताया कि शिविर के लिए इच्छुक प्रतिभागी आरसेटी में आकर आवेदन कर सकते हैं।