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Solan News: सुबाथू छावनी में पेयजल संकट पर लगा जनता दरबार, सुनी समस्या
Sun, 30 Aug 2026 12:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 30 Aug 2026 12:55 AM IST
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छावनी परिषद द्वारा आयोजित जनता दरबार मे उपस्थित लोग व अधिकारी जनता दरबार मे अपनी समस्या बताती
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छावनी सीईओ के समक्ष लोगों ने पेयजल संकट और बढे़ वाटर टैक्स पर दी राय
संवाद न्यूज एजेंसी
सुबाथू(सोलन)। सुबाथू छावनी क्षेत्र में लगातार बढ़ती पानी की समस्या के स्थायी समाधान और स्थानीय निवासियों की शिकायतों को सुनने के लिए शनिवार को छावनी परिषद द्वारा एक विशेष जनता दरबार का आयोजन किया गया। करीब दो घंटे से अधिक चले इस जनता दरबार में छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी निशांत गुप्ता ने स्वयं मौजूद रहकर दर्जनों स्थानीय लोगों की पेयजल से जुड़ी समस्याओं और पीड़ा को सुना। इस मौके पर छावनी परिषद के मनोनीत सदस्य रवि शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। जनता दरबार में स्थानीय लोगों ने सीईओ के समक्ष खुलकर अपनी समस्याओं को रखा। उन्होंने पेयजल की अनियमित सप्लाई से लेकर बढ़े हुए वाटर टैक्स और पुराने जल स्रोतों को लेकर कई सवाल उठाए। बैठक में जनता की ओर से रखे गए विभिन्न सुझावों और समस्याओं को नोट किया गया। बैठक में लोगों ने छावनी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे पेयजल टैक्स का मुद्दा जमकर उठाया। जनता का कहना था कि बढ़ते पेयजल टैक्स और मूलभूत समस्याओं के कारण छावनी क्षेत्र से लोग अब धीरे-धीरे बाहर जा रहे हैं। लोगों के अनुसार अब छावनी की आबादी 1500 से भी कम रह गई है। जनता को संबोधित करते हुए सीईओ निशांत गुप्ता ने स्पष्ट किया कि छावनी परिषद खुद भी पानी की इस भारी किल्लत से जूझ रही है। उन्होंने बताया कि छावनी परिषद द्वारा एमईएस की देनदारियों का समय पर भुगतान किया जा रहा है, लेकिन एमईएस विभाग द्वारा पानी के दामों में वृद्धि की गई है।
जनता दरबार में पानी के असमान वितरण को लेकर एक महिला का दर्द भी छलक उठा। महिला ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में तैनात पानी के कर्मचारी आम जनता को पर्याप्त पानी देने के बजाय धमकियां देते हैं, जबकि कुछ चहेते लोगों को भरपूर पानी दिया जाता है। महिला ने कहा कि कुछ लोग तो अपने आप ही पानी की सप्लाई को पानी के चैंबर में से खोल लेते हैं।
इनसेट
सीईओ का आश्वासन- हर वाटर चैंबर पर लगेंगे ताले
जनता की शिकायतों पर सीईओ ने कहा कि सभी वाटर चैंबर पर ताले लगाए जाएंगे और पानी की सप्लाई को व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि हर उपभोक्ता को बराबर पानी मिल सके। कहा कि अगर कोई भी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से टलता है या पब्लिक से अभद्र भाषा का प्रयोग करता है, तो उसकी शिकायत छावनी परिषद को दें। जनता ने मांग की कि पेयजल व्यवस्था को बेहतर करने के साथ-साथ वाटर टैक्स और अन्य शुल्कों की भी समीक्षा की जाए, ताकि लोगों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम किया जा सके। मनोनीत सदस्य रवि शर्मा ने कहा कि पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। ऐसे में सुबाथू के कुछ लोगों ने जायज रेट तय करके इस समस्या का समाधान करवाने की बात रखी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुबाथू(सोलन)। सुबाथू छावनी क्षेत्र में लगातार बढ़ती पानी की समस्या के स्थायी समाधान और स्थानीय निवासियों की शिकायतों को सुनने के लिए शनिवार को छावनी परिषद द्वारा एक विशेष जनता दरबार का आयोजन किया गया। करीब दो घंटे से अधिक चले इस जनता दरबार में छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी निशांत गुप्ता ने स्वयं मौजूद रहकर दर्जनों स्थानीय लोगों की पेयजल से जुड़ी समस्याओं और पीड़ा को सुना। इस मौके पर छावनी परिषद के मनोनीत सदस्य रवि शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। जनता दरबार में स्थानीय लोगों ने सीईओ के समक्ष खुलकर अपनी समस्याओं को रखा। उन्होंने पेयजल की अनियमित सप्लाई से लेकर बढ़े हुए वाटर टैक्स और पुराने जल स्रोतों को लेकर कई सवाल उठाए। बैठक में जनता की ओर से रखे गए विभिन्न सुझावों और समस्याओं को नोट किया गया। बैठक में लोगों ने छावनी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे पेयजल टैक्स का मुद्दा जमकर उठाया। जनता का कहना था कि बढ़ते पेयजल टैक्स और मूलभूत समस्याओं के कारण छावनी क्षेत्र से लोग अब धीरे-धीरे बाहर जा रहे हैं। लोगों के अनुसार अब छावनी की आबादी 1500 से भी कम रह गई है। जनता को संबोधित करते हुए सीईओ निशांत गुप्ता ने स्पष्ट किया कि छावनी परिषद खुद भी पानी की इस भारी किल्लत से जूझ रही है। उन्होंने बताया कि छावनी परिषद द्वारा एमईएस की देनदारियों का समय पर भुगतान किया जा रहा है, लेकिन एमईएस विभाग द्वारा पानी के दामों में वृद्धि की गई है।
जनता दरबार में पानी के असमान वितरण को लेकर एक महिला का दर्द भी छलक उठा। महिला ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में तैनात पानी के कर्मचारी आम जनता को पर्याप्त पानी देने के बजाय धमकियां देते हैं, जबकि कुछ चहेते लोगों को भरपूर पानी दिया जाता है। महिला ने कहा कि कुछ लोग तो अपने आप ही पानी की सप्लाई को पानी के चैंबर में से खोल लेते हैं।
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सीईओ का आश्वासन- हर वाटर चैंबर पर लगेंगे ताले
जनता की शिकायतों पर सीईओ ने कहा कि सभी वाटर चैंबर पर ताले लगाए जाएंगे और पानी की सप्लाई को व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि हर उपभोक्ता को बराबर पानी मिल सके। कहा कि अगर कोई भी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से टलता है या पब्लिक से अभद्र भाषा का प्रयोग करता है, तो उसकी शिकायत छावनी परिषद को दें। जनता ने मांग की कि पेयजल व्यवस्था को बेहतर करने के साथ-साथ वाटर टैक्स और अन्य शुल्कों की भी समीक्षा की जाए, ताकि लोगों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम किया जा सके। मनोनीत सदस्य रवि शर्मा ने कहा कि पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। ऐसे में सुबाथू के कुछ लोगों ने जायज रेट तय करके इस समस्या का समाधान करवाने की बात रखी है।
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