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ईश्वर का सुमिरन प्राणी को मोक्ष करता है प्रदान : बीर सिंह
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नालागढ़ के मितियां में हुआ सत्संग का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ के पहाड़ी क्षेत्र मितियां में सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें मानव रूहानी केंद्र नवांनगर से आए भाई बीर सिंह ने अपनी अमृतमयी वाणी से उपस्थित संगत को सत्संग से निहाल किया। उन्होंने कहा कि हम सांसारिक मोह में पड़कर अपने सत्कर्म से भटक जाते हैं जो दुखों का कारण बनता है। व्यक्ति ईश्वर को भूल कर अपने स्वार्थ में लिप्त हो जाता है और 84 लाख योनियों के चक्रव्यूह में फंस जाता है। इसलिए प्राणी को चाहिए कि वह अपने कार्य के साथ साथ ईश्वर का सुमिरन भी करता रहे। इससे उसे चौरासी के चक्कर से मोक्ष मिल सकता है।
सत्संग का आयोजन जगदेव चंद, जगदीप और कुंजबिहारी द्वारा अपनी माता सीतो देवी की पहली बरसी के उपलक्ष्य में किया गया था। सत्संग के बाद भंडारे का आयोजन किया गया था, जिसमें समस्त संगत ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर बधाऊ राम शास्त्री, बुद्धराम धीमान, नामक चंद चंदेल, जगन्नाथ, कुलदीप, भाग सिंह चंदेल, माघी राम धीमान, भगत सिंह धीमान, रामकिशन, दुर्गा दास श्यामलाल चंदेल सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ के पहाड़ी क्षेत्र मितियां में सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें मानव रूहानी केंद्र नवांनगर से आए भाई बीर सिंह ने अपनी अमृतमयी वाणी से उपस्थित संगत को सत्संग से निहाल किया। उन्होंने कहा कि हम सांसारिक मोह में पड़कर अपने सत्कर्म से भटक जाते हैं जो दुखों का कारण बनता है। व्यक्ति ईश्वर को भूल कर अपने स्वार्थ में लिप्त हो जाता है और 84 लाख योनियों के चक्रव्यूह में फंस जाता है। इसलिए प्राणी को चाहिए कि वह अपने कार्य के साथ साथ ईश्वर का सुमिरन भी करता रहे। इससे उसे चौरासी के चक्कर से मोक्ष मिल सकता है।
सत्संग का आयोजन जगदेव चंद, जगदीप और कुंजबिहारी द्वारा अपनी माता सीतो देवी की पहली बरसी के उपलक्ष्य में किया गया था। सत्संग के बाद भंडारे का आयोजन किया गया था, जिसमें समस्त संगत ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर बधाऊ राम शास्त्री, बुद्धराम धीमान, नामक चंद चंदेल, जगन्नाथ, कुलदीप, भाग सिंह चंदेल, माघी राम धीमान, भगत सिंह धीमान, रामकिशन, दुर्गा दास श्यामलाल चंदेल सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
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