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Solan News: उल्लास पोर्टल पर पंजीकरण शुरू, हर उम्र के लोग बनेंगे साक्षर
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15 वर्ष से ऊपर के लोगों का होगा रजिस्ट्रेशन, नवसाक्षरों को दिए जाएंगे प्रमाणपत्र
साक्षरता से वंचित रहे लोगों की करेगी शिक्षा विभाग की टीमें पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नव भारत साक्षरता अभियान के तहत उल्लास पोर्टल पर शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत जिले भर में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों का पंजीकरण किया जाएगा। हाल ही में मार्च माह में प्रदेशभर में उल्लास परीक्षा भी आयोजित की गई, हालांकि इसके परिणाम अभी जारी नहीं हुए हैं।उल्लास कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से लेकर बुजुर्गों तक को शिक्षित किया जाता है। इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है, 90 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए विभाग ने विशेष रूप से वॉलंटियर तैनात किए हैं, जो 10 से 15 लोगों के समूह को पढ़ाते हैं। पंजीकरण के लिए जेबीटी शिक्षक अपने-अपने स्कूलों के आसपास के गांवों में जाकर ऐसे लोगों की पहचान करेंगे, जो किसी कारणवश शिक्षा से वंचित रह गए। उनका पंजीकरण कर उन्हें साक्षर बनाने का प्रयास किया जाएगा। डाइट सोलन के प्रिंसिपल डॉ. शिव कुमार ने बताया कि इस बार उल्लास अभियान के तहत नवसाक्षरों को प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे, ताकि अन्य लोग भी इससे प्रेरित हो सकें। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाता है, जो बचपन में विभिन्न कारणों से स्कूल नहीं जा सके। पहले लड़कियों को स्कूल दूर होने के कारण परिजन भेजते नहीं थे, जबकि कुछ लोग आर्थिक तंगी के चलते शिक्षा से वंचित रह गए। अब इस योजना के माध्यम से ऐसे लोगों को साक्षर बनाकर अनपढ़ता की मुहर मिटाई जाएगी।
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साक्षरता से वंचित रहे लोगों की करेगी शिक्षा विभाग की टीमें पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नव भारत साक्षरता अभियान के तहत उल्लास पोर्टल पर शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत जिले भर में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों का पंजीकरण किया जाएगा। हाल ही में मार्च माह में प्रदेशभर में उल्लास परीक्षा भी आयोजित की गई, हालांकि इसके परिणाम अभी जारी नहीं हुए हैं।उल्लास कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से लेकर बुजुर्गों तक को शिक्षित किया जाता है। इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है, 90 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए विभाग ने विशेष रूप से वॉलंटियर तैनात किए हैं, जो 10 से 15 लोगों के समूह को पढ़ाते हैं। पंजीकरण के लिए जेबीटी शिक्षक अपने-अपने स्कूलों के आसपास के गांवों में जाकर ऐसे लोगों की पहचान करेंगे, जो किसी कारणवश शिक्षा से वंचित रह गए। उनका पंजीकरण कर उन्हें साक्षर बनाने का प्रयास किया जाएगा। डाइट सोलन के प्रिंसिपल डॉ. शिव कुमार ने बताया कि इस बार उल्लास अभियान के तहत नवसाक्षरों को प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे, ताकि अन्य लोग भी इससे प्रेरित हो सकें। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाता है, जो बचपन में विभिन्न कारणों से स्कूल नहीं जा सके। पहले लड़कियों को स्कूल दूर होने के कारण परिजन भेजते नहीं थे, जबकि कुछ लोग आर्थिक तंगी के चलते शिक्षा से वंचित रह गए। अब इस योजना के माध्यम से ऐसे लोगों को साक्षर बनाकर अनपढ़ता की मुहर मिटाई जाएगी।