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Solan News: मंहगे टेस्ट कराने पर मजबूर मरीज
Wed, 08 Jul 2026 11:23 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Wed, 08 Jul 2026 11:23 PM IST
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रोगियों को एक्सरे मिल रहे फोन पर
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बद्दी अस्पताल में मशीन खराब होने से टेस्ट नहीं हो रहे है। लोगों के मंहगे दामों पर टेस्ट कराने पड़ रहे है। वहीं एक्सरे फिल्म न होने से रिपोर्ट मोबाइल फोन पर ही दी जा रही है। पिछले अक्तूबर में बद्दी अस्पताल का सीएम ने शुभारंभ तो कर दिया है लेकिन अभी तक यहां पर सुविधाओं को अभाव है।
अस्पताल में सीबीसी व पेशाब के टेस्ट करने वाली मशीनें खराब हैं। यहां पर केवल लीवर के ही टेस्ट हो रहे हैं। वहीं एक्सरे की रिपोर्ट भी मोबाइल पर ही दी जा रही है। एक्सरे फिल्म यहां पर पहले दिन से नहीं आई है। अगर किसी रोगी को बड़े संस्थान रेफर किया जाता है। तो उसे नए सिरे से एक्सरे कराना पड़ता है। बद्दी अस्पताल में ढाई सौ से तीन सौ रोगी प्रतिदिन उपचार के लिए आते है लेकिन मशीन खराब होने से रोगियों के टेस्ट नहीं हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस मशीन पर 50 हजार के करीब खर्चा आ रहा है और नई मशीन दो लाख की आ रही है। पचास हजार खर्च करने के बाद भी यह सही चले इसकी कोई गांरटी नहीं है। इसलिए विभाग इसे ठीक नहीं कर रहा है। एससी मोरचा के जिला प्रवक्ता डॉ. संदीप सचदेवा ने बताया कि सीबीसी करने वाली मशीन पिछले दो माह से खराब है। एक माह पूर्व रोगी कल्याण समिति की बैठक में इसे ठीक करने की बात हुई थी लेकिन उसके बावजूद भी अभी तक इसे ठीक नहीं किया गया है। जिससे गरीब लोगों को बाहरी लैब में टेस्ट कराने पड़ रहे है। दून मंडल के उपाध्यक्ष संजीव ठाकुर ने बताया कि अस्पताल में रोगियों को रात के समय एडमिट होने के बाद भी नहीं रखा जाता है। उन्हें दिन में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया जाता है। या उन्हें रेफर कर दिया जाता है।
बद्दी अस्पताल के एसएमओ डॉ. महावीर चौहान ने बताया कि मशीन पर मरम्मत का खर्चा अधिक है। इसलिए नई मशीन लेने की योजना बनाई है। जल्द ही मशीन मंगाई जा रही है। रोगी एक्सरे गुम कर देते हैं जिसके चलते उन्हें मोबाइल फोन पर दिए जा रहे हैं। जिन लोगों की मेनुअल एक्सरे की जरूरत होती है उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे हैं। टीबी रोगियों के बार-बार एक्सरे की जरूरत पड़ती है। इसलिए एक्सरे मोबाइल फोन पर दिए जा रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बद्दी अस्पताल में मशीन खराब होने से टेस्ट नहीं हो रहे है। लोगों के मंहगे दामों पर टेस्ट कराने पड़ रहे है। वहीं एक्सरे फिल्म न होने से रिपोर्ट मोबाइल फोन पर ही दी जा रही है। पिछले अक्तूबर में बद्दी अस्पताल का सीएम ने शुभारंभ तो कर दिया है लेकिन अभी तक यहां पर सुविधाओं को अभाव है।
अस्पताल में सीबीसी व पेशाब के टेस्ट करने वाली मशीनें खराब हैं। यहां पर केवल लीवर के ही टेस्ट हो रहे हैं। वहीं एक्सरे की रिपोर्ट भी मोबाइल पर ही दी जा रही है। एक्सरे फिल्म यहां पर पहले दिन से नहीं आई है। अगर किसी रोगी को बड़े संस्थान रेफर किया जाता है। तो उसे नए सिरे से एक्सरे कराना पड़ता है। बद्दी अस्पताल में ढाई सौ से तीन सौ रोगी प्रतिदिन उपचार के लिए आते है लेकिन मशीन खराब होने से रोगियों के टेस्ट नहीं हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस मशीन पर 50 हजार के करीब खर्चा आ रहा है और नई मशीन दो लाख की आ रही है। पचास हजार खर्च करने के बाद भी यह सही चले इसकी कोई गांरटी नहीं है। इसलिए विभाग इसे ठीक नहीं कर रहा है। एससी मोरचा के जिला प्रवक्ता डॉ. संदीप सचदेवा ने बताया कि सीबीसी करने वाली मशीन पिछले दो माह से खराब है। एक माह पूर्व रोगी कल्याण समिति की बैठक में इसे ठीक करने की बात हुई थी लेकिन उसके बावजूद भी अभी तक इसे ठीक नहीं किया गया है। जिससे गरीब लोगों को बाहरी लैब में टेस्ट कराने पड़ रहे है। दून मंडल के उपाध्यक्ष संजीव ठाकुर ने बताया कि अस्पताल में रोगियों को रात के समय एडमिट होने के बाद भी नहीं रखा जाता है। उन्हें दिन में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया जाता है। या उन्हें रेफर कर दिया जाता है।
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बद्दी अस्पताल के एसएमओ डॉ. महावीर चौहान ने बताया कि मशीन पर मरम्मत का खर्चा अधिक है। इसलिए नई मशीन लेने की योजना बनाई है। जल्द ही मशीन मंगाई जा रही है। रोगी एक्सरे गुम कर देते हैं जिसके चलते उन्हें मोबाइल फोन पर दिए जा रहे हैं। जिन लोगों की मेनुअल एक्सरे की जरूरत होती है उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे हैं। टीबी रोगियों के बार-बार एक्सरे की जरूरत पड़ती है। इसलिए एक्सरे मोबाइल फोन पर दिए जा रहे हैं।
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