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Solan News: जंगल की आग को बुझाने का जिम्मा पंचायत और वन बीट अधिकारी का
Thu, 18 Apr 2024 11:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 18 Apr 2024 11:46 PM IST
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आग अधिक फैलने पर अग्निशमन विभाग का भी ले सकेंगे सहयोग
उपायुक्त ने भी जंगलों में आग की रोकथाम के लिए आदेश किए जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। गर्मियों के दौरान जंगलों में आग से वन संपदा व जीवों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके तहत उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने आदेश जारी कर दिए हैं। इन आदेशों के तहत सभी गांवों के निवासी सक्षम पुरुष जंगलों में आग से बचाव के लिए और गश्त लगाने के लिए उत्तरदायी होंगे। यह आदेश सार्वजनिक संपत्ति और जंगलों की सुरक्षा के तहत 15 जुलाई तक लागू रहेंगे।
आग बुझाने का जिम्मा जंगल के साथ लगने वाली संबंधित पंचायत और वन बीट अधिकारी का होगा। इसमें ग्रामीणों का समूह वन बीट अधिकारी के साथ आग पर काबू पाने में मदद करेंगे। इसके अलावा जंगल में आगजनी की सूचना भी देंगे। इस बीच आग पर काबू करने के लिए वह अग्निशमन विभाग की सहायता भी ले सकते हैं। जानकारी के अनुसार जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े-बड़े चीड़ के जंगल हैं। हर वर्ष अधिक गर्मी पड़ने के कारण इन जंगलों में आग लगने की घटनाएं हो जाती हैं। इससे लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है। जिसको लेकर उपमंडल स्तर पर कमेटियों का गठन कर दिया है, वहीं मोबाइल वैन, ठीकरी पहरे भी सुनिश्चित बनाए जा रहे हैं। वन कर्मियों के मोबाइल नंबरों को सर्कुलेट किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र के जंगलों की सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाया जा सके, वहीं वन संपदा को भी आग में नुकसान होने से बचाया जा सके।
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उपायुक्त ने भी जंगलों में आग की रोकथाम के लिए आदेश किए जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। गर्मियों के दौरान जंगलों में आग से वन संपदा व जीवों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके तहत उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने आदेश जारी कर दिए हैं। इन आदेशों के तहत सभी गांवों के निवासी सक्षम पुरुष जंगलों में आग से बचाव के लिए और गश्त लगाने के लिए उत्तरदायी होंगे। यह आदेश सार्वजनिक संपत्ति और जंगलों की सुरक्षा के तहत 15 जुलाई तक लागू रहेंगे।
आग बुझाने का जिम्मा जंगल के साथ लगने वाली संबंधित पंचायत और वन बीट अधिकारी का होगा। इसमें ग्रामीणों का समूह वन बीट अधिकारी के साथ आग पर काबू पाने में मदद करेंगे। इसके अलावा जंगल में आगजनी की सूचना भी देंगे। इस बीच आग पर काबू करने के लिए वह अग्निशमन विभाग की सहायता भी ले सकते हैं। जानकारी के अनुसार जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े-बड़े चीड़ के जंगल हैं। हर वर्ष अधिक गर्मी पड़ने के कारण इन जंगलों में आग लगने की घटनाएं हो जाती हैं। इससे लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है। जिसको लेकर उपमंडल स्तर पर कमेटियों का गठन कर दिया है, वहीं मोबाइल वैन, ठीकरी पहरे भी सुनिश्चित बनाए जा रहे हैं। वन कर्मियों के मोबाइल नंबरों को सर्कुलेट किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र के जंगलों की सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाया जा सके, वहीं वन संपदा को भी आग में नुकसान होने से बचाया जा सके।
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