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Solan News: ोम एप्लाइंसिस उद्योग मंदी के कगार पर युवाओं को सता रहा रोजगार छिनने का डर

Sun, 25 Dec 2022 11:57 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Dec 2022 11:57 PM IST
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बद्दी (सोलन)। प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में होम एप्लाइंसेस उद्योग इन दिनों मंदी की मार झेल रहे हैं। बीबीएन की सबसे बड़ी मार्केट दिल्ली है। लेकिन दिल्ली के समीप हरियाणा में उद्योग लगने से अब बीबीएन में स्थित उद्योगों को कम आर्डर मिल रहे हैं। वहीं थोक विक्रेताओं को भय है कि दुपहिया वाहनों की तर्ज पर घरेलू उत्पाद में आने वाले पंखे, फ्रीज और अन्य इलेक्ट्रानिक सामान पर सरकार ने नए नियम बना दिए तो उनका सामान नहीं बिकेगा। ऐसे में अगर यह उद्योग मंदी की मार से बाहर नहीं आए तो इसकी मार कामगारों पर भी पड़ सकती है। कामगारों की छंटनी भी करनी पड़ सकती है। इन उद्योगों में कम डिमांड का सीधा असर गत्ता उद्योग पर पड़ा है।
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बीबीएन में आधा दर्जन से अधिक होम एप्लाइंसेस उद्योग है। जिसमें एलएन एप्लाइंसिस, पृथ्वी किचन, सुविधा, सृष्टि, ल्यूमिनस पावर, लीव गार्ड और इस्टमेन आदि शामिल हैं। यहां पर पंखे, मिक्सी, ग्राइंडर, प्रेस, हेयर ड्रायर, हेयर स्टे्रटनर, बैटरी और इंवर्टर आदि तैयार होते हैं। बीबीएन में इन उद्योगों में दस हजार के करीब लोगों को रोजगार मिला हुआ है। लेकिन बाजार में अनिश्चितता का माहौल होने के कारण थोक विक्रेता कंपनियों से सामान नहीं उठा रहे हैं। इसके अलावा आफ सीजन का भी असर है।
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गत्ता उद्योग संघ बीबीएन के अध्यक्ष हेमराज चौधरी ने बताया कि गत्ते की सबसे अधिक खपत होम एप्लाइंसेस उद्योग में होती है। लेकिन पंखे व अन्य चीजों के ऑर्डर न के बराबर आ रहे हैं। ऐसे में उनका 20 फीसदी उत्पादन प्रभावित हुआ है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने कहा कि ऑफ सीजन होने के कारण आर्डर कम मिल रहे हैं। हरियाणा राज्य के मुरथल में भी होम एप्लाइंसेस उद्योग लग चुके हैं जिससे दिल्ली की मार्केट से कम आर्डर आ रहे हैं।
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ईएसआई से सेवानिवृत्त सहायक निदेशक देवव्रत यादव ने बताया कि घरेलू उपयोग वस्तु निर्माता उद्योग संकट से गुजर रहा है। वर्ष 2018 में पुराने वाहनों की बिक्री पर रोक लगी थी उसी प्रकार मार्केट में घरेलू उत्पाद को लेकर अफवाह होने से थोक विक्रेता सामान नहीं खरीद रहे हैं। ऐसे में तैयार माल से कंपनियों के स्टोर भर गए हैं। अगर यह उद्योग मंदी से नहीं उभरा तो युवाओं को रोजगार की समस्या आ जाएगी।
उधर, उद्योग विभाग के उपनिदेशक संजय कंवर ने बताया कि यह घरेलू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों में मंदी होने की उनके पास कोई सूचना नहीं है।
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