{"_id":"6033eb398ebc3ee8ef00adf4","slug":"foam-water-reaching-to-farms-in-dhang-nihali-of-nalagarh-solan-news-sml3618461150","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढांग निहली में खेतों में पहुंच रहा झागयुक्त पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढांग निहली में खेतों में पहुंच रहा झागयुक्त पानी
विज्ञापन
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ के ढांग निहली पंचायत के उपरली ढांग गांव में सोमवार को खेतों में सिंचाई के दौरान सफेद झाग वाला पानी निकलने लगा। किसान सिंचाई के लिए आ रहा ऐसा पानी देखकर डर गए। किसानों का मानना है कि ऐसे पानी से सिंचाई तो छोड़िये, फसल को जिंदा तक रखना कठिन लग रहा है।
सूचना मिलते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मौके पर जेई को जांच के लिए भेजा। उपरली ढांग में सोमवार को किसान सदा राम, हिम्मत सिंह, साध राम, सतविंद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह, महेंद्र सिंह जब सरकारी ट्यूबवेल से पानी लगाने लगे तो पानी में झाग आना शुरू हो गया। देखते ही देखते पूरा खेत झाग से भर गया। झाग इतनी थी कि किसान पानी को छूने से भी कतराने लगे।
यह ट्यबवेल खड्ड के किनारे बना हुआ है। ट्यूबवेल से खड्ड का पानी आता है। खड्ड में कई उद्योग अपने रसायन युक्त पानी छोड़ रहे हैं जिससे समस्या आ रही है। किसानों ने बताया कि पहले भी कभी पानी का रंग लाल हो जाता है तो कभी इसमें मछलियां मर रही हैं। लॉकडाउन में जब उद्योग बंद थे तो खड्ड में मछलियां आ गई थी लेकिन जैसे ही दोबारा उद्योग चले अब सारी मछलियां मर गई हैं।
विज्ञापन
बंजर हो रहे खेत
नालागढ़ के विधायक लखविंद्र सिंह राणा ने कहा कि उद्योगों ने दिखावे के लिए कंपनी में ईटीपी प्लांट लगाए हैं। वे तभी चलते हैं जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कोई अधिकारी-कर्मचारी मौके पर आता है अन्यथा उद्योगों से निकलने वाले दूषित पानी नदी में ही छोड़ा जा रहा है। यही पानी किसानों की जमीन पर आता है और किसानों के खेत धीरे-धीरे बंजर होते जा रहे हैं।
जिम्मेवार उद्योग पर होगी कार्रवाई
प्रदूषण बोर्ड के अधीक्षण अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि मिलते ही उन्होंने जेई को मौके पर भेजा। मौके पर सैंपल भरे जाएंगे और जिम्मेवार उद्योग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सूचना मिलते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मौके पर जेई को जांच के लिए भेजा। उपरली ढांग में सोमवार को किसान सदा राम, हिम्मत सिंह, साध राम, सतविंद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह, महेंद्र सिंह जब सरकारी ट्यूबवेल से पानी लगाने लगे तो पानी में झाग आना शुरू हो गया। देखते ही देखते पूरा खेत झाग से भर गया। झाग इतनी थी कि किसान पानी को छूने से भी कतराने लगे।
विज्ञापन
यह ट्यबवेल खड्ड के किनारे बना हुआ है। ट्यूबवेल से खड्ड का पानी आता है। खड्ड में कई उद्योग अपने रसायन युक्त पानी छोड़ रहे हैं जिससे समस्या आ रही है। किसानों ने बताया कि पहले भी कभी पानी का रंग लाल हो जाता है तो कभी इसमें मछलियां मर रही हैं। लॉकडाउन में जब उद्योग बंद थे तो खड्ड में मछलियां आ गई थी लेकिन जैसे ही दोबारा उद्योग चले अब सारी मछलियां मर गई हैं।
विज्ञापन
बंजर हो रहे खेत
नालागढ़ के विधायक लखविंद्र सिंह राणा ने कहा कि उद्योगों ने दिखावे के लिए कंपनी में ईटीपी प्लांट लगाए हैं। वे तभी चलते हैं जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कोई अधिकारी-कर्मचारी मौके पर आता है अन्यथा उद्योगों से निकलने वाले दूषित पानी नदी में ही छोड़ा जा रहा है। यही पानी किसानों की जमीन पर आता है और किसानों के खेत धीरे-धीरे बंजर होते जा रहे हैं।
जिम्मेवार उद्योग पर होगी कार्रवाई
प्रदूषण बोर्ड के अधीक्षण अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि मिलते ही उन्होंने जेई को मौके पर भेजा। मौके पर सैंपल भरे जाएंगे और जिम्मेवार उद्योग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।