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शहर के बीचों बीच सौ साल पुराना भवन जलकर राख
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोलन।
Updated Wed, 10 Jun 2015 10:42 PM IST
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डीसी चौक से कुछ ही दूरी पर शहर के बीचोबीच साौ साल पुराना भवन जलकर राख हो गया। करीब 10 कमरों वाले इस निजी भवन में कोई नहीं रहता था। यह भवन एक नामी बिल्डर का है। आग की सूचना दमकल विभाग को सुबह करीब साढ़े नौ बजे मिली, लेकिन हाइड्रेंट से पानी न मिलने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका और देखते ही देखते भवन पूरी तरह से जलकर खाक हो गया।
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दमकल विभाग के मुताबिक इस घटना में 3-4 लाख के नुकसान का अनुमान है। आग लगते ही शहर में धुंए का बवंडर निकलने लगा। इस कारण डीसी चौक एरिया में अफरातफरी का माहौल रहा। भवन के नजदीक स्थित अमित अपार्टमेंट और साथ लगते कई घरों को खतरा पैदा हो गया, लेकिन स्थानीय लोगों की मदद से दमकल विभाग ने आग को बढ़ने नहीं दिया।
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उधर, फायर आफिसर बंसी राम भाटिया के अनुसार आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। लकड़ी के बने भवन में फर्नीचर भी भरा पड़ा था।
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2 घंटे बाद नप ने छोड़ा पानी
दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक फायर टेंडर में कुछ ही देर में पानी खत्म हो गया। साढ़े नौ बजे नगर परिषद को हाइड्रेंट में पानी छोड़ने की सूचना दी गई थी, लेकिन साढ़े ग्यारह बजे पानी मिला है। नतीजतन भवन को नहीं बचाया जा सका। दावा किया जा रहा है कि हाइड्रेंट बिल्कुल दुरुस्त होने के बावजूद पानी छोड़ने में दो घंटे लगा डाले।
कोताही पड़ सकती है भारी
हाइड्रेंट से पानी न छोड़ने को लेकर नगर परिषद और दमकल विभाग आमने सामने है। दोनों विभागों में समन्वय की कमी लोगों के जानमाल पर भारी पड़ सकती है। लोगों के मुताबिक अगर यही आग किसी बाजार में या अपार्टमेंट में लगी होती तो हादसा काफी भयंकर हो सकता था।
न बिजली न गैस रिसाव फिर कैसे लगी आग
मौके पर पहुंचे अधिकारियों का कहना है कि पुराने भवन में बिजली का कनेक्शन नहीं था। न ही गैस सिलेंडर या आग लगने वाला कोई सामान था। ऐसेे में आग लगने के कारणों की जांच जरूरी है। आग बिल्डिंग के अंदर से लगी है जबकि बाहर आग नहीं गई। जंगल या बाहर से भी आग भड़कने का कोई साक्ष्य नहीं है। हो सकता है कि किसी शरारती तत्व या अन्य ने इस घटना को जानबूझ कर अंजाम दिया हो।
नप ने नहीं छोड़ा पानी: फायर आफिसर
फायर आफिसर के मुताबिक नगर परिषद ने पानी नहीं छोड़ा। जिस कारण आग बुझाने में परेशानी हुई है। टेंडर में पानी तो चंद ही मिनट में खत्म हो गया था। उसके बाद पानी का प्रेशर नहीं बन सका। इस कारण बाल्टियों में भर-भर कर पानी घटनास्थल पर फेंकना पड़ा।
हाइड्रेंट में भर गई थी एयर
नगर परिषद के ईओ बीआर नेगी ने कहा कि हाइड्रेंट में पानी आने में थोड़ा समय लग गया। डीसी चौक वाला हाइड्रेंट काफी कम प्रयोग में आता है। लिहाजा इसमें हवा भरने से पानी नहीं आ सका। हाइड्रेंट की दशा को लेकर दमकल विभाग को समय समय पर रिपोर्ट करनी चाहिए।