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भौतिक साधन होते हुए भी आज इंसान दुखी : दुर्वासा
Sat, 18 Nov 2023 11:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 18 Nov 2023 11:48 PM IST
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जालपा मंदिर महुआ में सुनाई श्री कृष्ण जन्म कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। जालपा माता मंदिर महुआ नालागढ़ में मंदिर कमेटी की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक पंडित मदनलाल दुर्वासा ने श्रोताओं से बच्चों को सत्संग और संस्कारों को जीवन में अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा समाज को जोड़ना और प्रेम भाईचारे से रहना सिखाती है यही परमात्मा की कथा जीवात्मा को आत्मिक सुख शांति और आनंद को देने वाली है।
उन्होंने कहा कि धन दौलत ऐश्वर्या के अधिक साधन होते हुए भी आज का प्राणी दुखी है। इसका कारण है कि वह अज्ञान रूपी मोह में फंसा हुआ है इससे बचने के लिए भागवत की शरण में आना चाहिए। भगवान की कथा जीवन जीने की कला सिखाती हैं। दुर्वासा ने ध्रुव, प्रहलाद, गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन की कथा सरल भाषा में सुनाई। इसके बाद भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुनाई। इस अवसर पर भगवान कृष्ण की सुंदर झांकी भी निकाली गई तथा सभी भक्तों ने जन्मोत्सव के भजनों के साथ हर्ष उल्लास से आनंद मना कर भगवान का स्वागत किया। इस पावन मौके पर मंदिर कमेटी के प्रधान प्रेमलाल शर्मा और कमेटी के सेक्रेटरी महेंद्र पाल शर्मा ने बताया कि कथा की पूर्णाहुति 21 नवंबर को विशाल भंडारे के साथ होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। जालपा माता मंदिर महुआ नालागढ़ में मंदिर कमेटी की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक पंडित मदनलाल दुर्वासा ने श्रोताओं से बच्चों को सत्संग और संस्कारों को जीवन में अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा समाज को जोड़ना और प्रेम भाईचारे से रहना सिखाती है यही परमात्मा की कथा जीवात्मा को आत्मिक सुख शांति और आनंद को देने वाली है।
उन्होंने कहा कि धन दौलत ऐश्वर्या के अधिक साधन होते हुए भी आज का प्राणी दुखी है। इसका कारण है कि वह अज्ञान रूपी मोह में फंसा हुआ है इससे बचने के लिए भागवत की शरण में आना चाहिए। भगवान की कथा जीवन जीने की कला सिखाती हैं। दुर्वासा ने ध्रुव, प्रहलाद, गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन की कथा सरल भाषा में सुनाई। इसके बाद भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुनाई। इस अवसर पर भगवान कृष्ण की सुंदर झांकी भी निकाली गई तथा सभी भक्तों ने जन्मोत्सव के भजनों के साथ हर्ष उल्लास से आनंद मना कर भगवान का स्वागत किया। इस पावन मौके पर मंदिर कमेटी के प्रधान प्रेमलाल शर्मा और कमेटी के सेक्रेटरी महेंद्र पाल शर्मा ने बताया कि कथा की पूर्णाहुति 21 नवंबर को विशाल भंडारे के साथ होगी।
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