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क्षेत्रीय अस्पताल में दो मौतों पर मचा हड़कंप
Updated Sat, 01 Jul 2017 10:55 PM IST
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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में शनिवार को एक साथ दो मरीजों की मौत से हड़कंप मच रहा। अस्पताल में एक युवक और युवती की मौत को लेकर लोग कई तरह के सवाल अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठा रहे हैं। पहले मामले में लड़की ने गलती से जहरीला पदार्थ निकल लिया था। परिजन उसे क्षेत्रीय अस्पताल सोलन लाए थे। यहां इलाज के दौरान उसकी शनिवार को मौत हो गई। इसमें लड़की के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। दूसरे मामले में एक युवक की मौत हुई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि दोनों मरीजों का सही इलाज किया था। डॉक्टरों ने मरीजों के इलाज में कोई भी लापरवाही नहीं बरती है।
जानकारी के मुताबिक वीरवार रात सोलन क्षेत्र के एक गांव की लड़की ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। इसके चलते लड़की को क्षेत्रीय अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया। यहां डॉक्टरों उसका उपचार कर रहे थे लेकिन शनिवार रात को लड़की की तबीयत अचानक खराब हो गई। लड़की की नाजुक हालत को देखते हुए परिजनों ने डॉक्टरों से लड़की को शिमला रेफर करने की अपील की। लेकिन डॉक्टरों ने लड़की स्थिति को स्थिर बताया। लेकिन शनिवार सुबह लड़की ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। लड़की की मौत से दुखी परिजनों ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।
दूसरी मौत को लेकर भी अस्पताल प्रशासन पर कुछ लोगों ने निशाना साधा है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात को एक 26 वर्षीय युवक को अस्पताल में दाखिल करवाया था। रात को उसकी तबियत अचानक बिगड़ गई। लेकिन डॉक्टर उसे देखने के लिए वार्ड में नहीं पहुंचे। रात को लड़का दर्द से करीब एक घंटे तक तड़फता रहा तथा इसके बाद उसकी मौत हो गई।
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परिजनों के आरोप गलत : गुप्ता
चिकित्सा अधीक्षक महेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में शनिवार को दो मरीजों की मौतें हुई हैं। इसमें डॉक्टरों की कोई लापरवाही नहीं है। मरीजों को बचाने की डॉक्टरों ने भरपूर कोशिश की थी लेकिन वह नहीं बच पाए। उन्होंने परिजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया।
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जानकारी के मुताबिक वीरवार रात सोलन क्षेत्र के एक गांव की लड़की ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। इसके चलते लड़की को क्षेत्रीय अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया। यहां डॉक्टरों उसका उपचार कर रहे थे लेकिन शनिवार रात को लड़की की तबीयत अचानक खराब हो गई। लड़की की नाजुक हालत को देखते हुए परिजनों ने डॉक्टरों से लड़की को शिमला रेफर करने की अपील की। लेकिन डॉक्टरों ने लड़की स्थिति को स्थिर बताया। लेकिन शनिवार सुबह लड़की ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। लड़की की मौत से दुखी परिजनों ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।
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दूसरी मौत को लेकर भी अस्पताल प्रशासन पर कुछ लोगों ने निशाना साधा है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात को एक 26 वर्षीय युवक को अस्पताल में दाखिल करवाया था। रात को उसकी तबियत अचानक बिगड़ गई। लेकिन डॉक्टर उसे देखने के लिए वार्ड में नहीं पहुंचे। रात को लड़का दर्द से करीब एक घंटे तक तड़फता रहा तथा इसके बाद उसकी मौत हो गई।
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परिजनों के आरोप गलत : गुप्ता
चिकित्सा अधीक्षक महेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में शनिवार को दो मरीजों की मौतें हुई हैं। इसमें डॉक्टरों की कोई लापरवाही नहीं है। मरीजों को बचाने की डॉक्टरों ने भरपूर कोशिश की थी लेकिन वह नहीं बच पाए। उन्होंने परिजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया।