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पांच बैटरी उद्योगों पर कसा शिकंजा, बाइस सैंपल फेल
Updated Sat, 29 Jul 2017 10:26 PM IST
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नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ में एक बैटरी उद्योग पर लगे प्रदूषण फैलाने के आरोपों की जांच की जद में अब चार और उद्योग भी आ गए हैं। सैंपल फेल होने के बाद हाईकोर्ट ने नालागढ़ में चल रहे सभी बैटरी उद्योगों के सैंपल भरने के आदेश दिए हैं। इन उद्योगों के सैंपल की रिपोर्ट अब इनका भविष्य तय करेगी। इससे उद्योगों के संचालकों की नींद उड़ी हुई है। उद्योगों से निकल रहे प्रदूषण युक्त कचरे और केमिकल की वजह से आसपास के गांव के पेयजल स्रोत तथा खेतीबाड़ी प्रभावित हो रही है। लोगों का आरोप है कि उद्योगों की वजह से फैले प्रदूषण के कारण उनके कई मवेशियों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने शिकायत पर कोई कार्रवाई न होने के बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर जांच टीम ने 22 सैंपल उठाए थे।
यह सभी सैंपल जांच के दौरान फेल पाए गए हैं। इसी कड़ी के तहत बीबीएन के पांच बैटरी बनाने वाले उद्योगों पर शिकंजा कसा है। हाईकोर्ट के आदेश बाद टीम लीडर अधिवक्ता श्रेया चौहान और प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के सदस्य सचिव संजय सूद के नेतृत्व में शनिवार को फिर से सैंपल भरे गए। टीम ने बैटरी बनाने वाले सुकैम पावर, जियोन इंटरनेशनल, लुमीनस, इस्टमैन पावर और एएच उद्योग का निरीक्षण किया तथा मैटीरियल और उसके आस पास की मिट्टी तथा पानी के सैंपल लिए।
उद्योग फैला रहे हैं बीमारियां
औचक निरीक्षण के दौरान ग्रामीण लक्की, संजू राजपूत, अंकित, बब्बू, संत राम, सुच्चा राम, मुनी लाल, अमृत, गोला, राहुल, शिव कुमार, लखविंद्र, नितेश, बलवीर और रामलाल ने कहा कि पहले भी कई बार शिकायतें की लेकिन कुछ नहीं हुआ। लोगों की इस दौरान अधिकारियों के साथ कहासुनी भी हुई। उद्योग से फैल रहे प्रदूषण के कारण कई बीमारी क्षेत्र में बढ़ रही है।
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पांच उद्योगों से भरे हैं सैंपल : चौहान
टीम लीडर श्रेया चौहान ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर बैटरी बनाने वाले पांच उद्योगों के सैंपल लिए हैं। इनकी रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जाएगी। आगामी कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर होगी।
प्रदूषण फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई : सूद
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव संजय सूद ने बताया प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ उचित कार्यवाही होगी। सैंपल भरे हैं जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा।
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यह सभी सैंपल जांच के दौरान फेल पाए गए हैं। इसी कड़ी के तहत बीबीएन के पांच बैटरी बनाने वाले उद्योगों पर शिकंजा कसा है। हाईकोर्ट के आदेश बाद टीम लीडर अधिवक्ता श्रेया चौहान और प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के सदस्य सचिव संजय सूद के नेतृत्व में शनिवार को फिर से सैंपल भरे गए। टीम ने बैटरी बनाने वाले सुकैम पावर, जियोन इंटरनेशनल, लुमीनस, इस्टमैन पावर और एएच उद्योग का निरीक्षण किया तथा मैटीरियल और उसके आस पास की मिट्टी तथा पानी के सैंपल लिए।
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उद्योग फैला रहे हैं बीमारियां
औचक निरीक्षण के दौरान ग्रामीण लक्की, संजू राजपूत, अंकित, बब्बू, संत राम, सुच्चा राम, मुनी लाल, अमृत, गोला, राहुल, शिव कुमार, लखविंद्र, नितेश, बलवीर और रामलाल ने कहा कि पहले भी कई बार शिकायतें की लेकिन कुछ नहीं हुआ। लोगों की इस दौरान अधिकारियों के साथ कहासुनी भी हुई। उद्योग से फैल रहे प्रदूषण के कारण कई बीमारी क्षेत्र में बढ़ रही है।
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पांच उद्योगों से भरे हैं सैंपल : चौहान
टीम लीडर श्रेया चौहान ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर बैटरी बनाने वाले पांच उद्योगों के सैंपल लिए हैं। इनकी रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जाएगी। आगामी कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर होगी।
प्रदूषण फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई : सूद
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव संजय सूद ने बताया प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ उचित कार्यवाही होगी। सैंपल भरे हैं जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा।