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Solan News: विशेष छात्रवृत्ति के लिए नहीं आ रहे आवेदन, अभी तक नौ ही हुए वेरिफाई
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अनुसूचित जाति और गरीब विद्यार्थियों को मिलती है आर्थिक मदद
शिक्षा विभाग ने पहली से दसवीं कक्षा तक के बच्चों से मांगे हैं आवेदन
जिले में 112 बच्चों का विभाग के पास डाटा, 11 बच्चों के आवेदन स्कूल स्तर पर पेंडिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। केंद्र सरकार की प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप (घटक-2) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में जिले के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी कम रुचि दिखा रहे हैं। विशेष छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्राप्त नहीं हो रहे हैं। अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से केवल नौ बच्चों के आवेदन वेरिफाई किए गए हैं। विशेष छात्रवृत्ति के लिए अंतिम तारीख 30 सितंबर है, लेकिन आवेदन संख्या कम होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
केंद्र सरकार अनुसूचित जाति सहित अस्वच्छ और खतरनाक व्यवसायों से जुड़े परिवारों के बच्चों को छात्रवृत्ति दे रही है। विभाग के पास 112 बच्चों का डाटा मौजूद है, लेकिन आवेदन करने वालों की संख्या काफी कम है। वहीं 11 विद्यार्थियों का डाटा स्कूल स्तर पर पेंडिंग पड़ा है। यदि यही हाल रहा तो कई पात्र विद्यार्थी विशेष छात्रवृत्ति से चूक जाएंगे। प्रति वर्ष 3,500 से 8,800 रुपये तक छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके लिए किसी आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती।
उप-जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा जिला सोलन राज कुमार पराशर ने बताया कि खतरनाक और अस्वच्छ व्यवसाय से जुड़े परिजनों के बच्चों को केंद्रीय सरकार द्वारा प्रायोजित योजना के तहत छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसमें पहली से दसवीं तक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। ऑनलाइन फार्म भरने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है।
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उन्होंने बताया कि सभी सरकारी और गैर-सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च स्कूलों के प्रधानाचार्य और मुख्य अध्यापकों को पात्र विद्यार्थियों के आवेदन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने कहा कि नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर सत्र 2025-26 के लिए आवेदन समय से पहले भरना सुनिश्चित किया जाए।
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा मोहिंद्र चंद पिरटा ने बताया कि जिले के 112 स्कूलों के विद्यार्थियों का डाटा विभाग के पास आया है, लेकिन अभी तक केवल नौ विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। 11 विद्यार्थियों का डाटा स्कूल स्तर पर पेंडिंग है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शीघ्रता से आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और जिन बच्चों ने अभी तक ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरा है, उनके आवेदन भी सुनिश्चित करवाएं।
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शिक्षा विभाग ने पहली से दसवीं कक्षा तक के बच्चों से मांगे हैं आवेदन
जिले में 112 बच्चों का विभाग के पास डाटा, 11 बच्चों के आवेदन स्कूल स्तर पर पेंडिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। केंद्र सरकार की प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप (घटक-2) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में जिले के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी कम रुचि दिखा रहे हैं। विशेष छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्राप्त नहीं हो रहे हैं। अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से केवल नौ बच्चों के आवेदन वेरिफाई किए गए हैं। विशेष छात्रवृत्ति के लिए अंतिम तारीख 30 सितंबर है, लेकिन आवेदन संख्या कम होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
केंद्र सरकार अनुसूचित जाति सहित अस्वच्छ और खतरनाक व्यवसायों से जुड़े परिवारों के बच्चों को छात्रवृत्ति दे रही है। विभाग के पास 112 बच्चों का डाटा मौजूद है, लेकिन आवेदन करने वालों की संख्या काफी कम है। वहीं 11 विद्यार्थियों का डाटा स्कूल स्तर पर पेंडिंग पड़ा है। यदि यही हाल रहा तो कई पात्र विद्यार्थी विशेष छात्रवृत्ति से चूक जाएंगे। प्रति वर्ष 3,500 से 8,800 रुपये तक छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके लिए किसी आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती।
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उप-जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा जिला सोलन राज कुमार पराशर ने बताया कि खतरनाक और अस्वच्छ व्यवसाय से जुड़े परिजनों के बच्चों को केंद्रीय सरकार द्वारा प्रायोजित योजना के तहत छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसमें पहली से दसवीं तक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। ऑनलाइन फार्म भरने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है।
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उन्होंने बताया कि सभी सरकारी और गैर-सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च स्कूलों के प्रधानाचार्य और मुख्य अध्यापकों को पात्र विद्यार्थियों के आवेदन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने कहा कि नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर सत्र 2025-26 के लिए आवेदन समय से पहले भरना सुनिश्चित किया जाए।
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा मोहिंद्र चंद पिरटा ने बताया कि जिले के 112 स्कूलों के विद्यार्थियों का डाटा विभाग के पास आया है, लेकिन अभी तक केवल नौ विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। 11 विद्यार्थियों का डाटा स्कूल स्तर पर पेंडिंग है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शीघ्रता से आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और जिन बच्चों ने अभी तक ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरा है, उनके आवेदन भी सुनिश्चित करवाएं।