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बिना ढके खाद्य उत्पाद बेचना अवैध
Solan
Updated Tue, 02 Apr 2013 05:30 AM IST
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बिना ढके खाद्य उत्पाद बेचना अवैध
सोलन। डीसी सोलन मीरा मोहंती ने गर्मियों में फैलने वाले रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों को निरीक्षण शक्ति प्रदान करते हुए उचित कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं गर्मियों के मौसम में खाद्य वस्तुओं का कारोबार करने वाले व्यवसायियों से भी साफ सफाई रखने की अपील की है।
सोमवार को संबंध में आदेश जारी करते हुए जिला मैजिस्ट्रेट ने धूल व मक्खियों के कारण खाने के अयोग्य सामान की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। अन्य खाद्य पदार्थों में अनढकी वस्तुएं जैसे मीट, मछली, मिठाइयां, चाट, बिस्कुट, दूध, शीतल पेय तथा अन्य खाने व पीने की वस्तुएं जो ढक कर नहीं रखी गई हों या धूल व मक्खियों के कारण दूषित हो रही हों, को बेचना सख्त मनाही है। उपायुक्त मीरा मोहंती के अनुसार अधिकारी खाद्य वस्तुओं के किसी भी भंडारण और निर्माण स्थल का भी निरीक्षण कर सकते हैं। ये अधिकारी किसी भी खाद्य पदार्थ जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो, इसे जब्त करने व नष्ट कर सकते हैं तथा दोषी के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिये भी सक्षम हैं। ये आदेश तत्काल प्रभावी होंगे।
आइस कैंडी और क्रीम ध्यान से बेचें
आईस कैंडी तथा आईसक्रीम जो एनालिस्ट द्वारा जांच के बगैर तैयार की गई हों, की बिक्री नहीं की जा सकती। खुले डिब्बे व टूटे-फूटे बर्तनों में रखे गए खाद्य पदार्थ जिनसे स्वास्थ्य को हानि पहुंच सकती है, को भी बेचा नहीं जा सकता। ऐसे में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के तहत पांच लाख तक के जुर्माने और कारावास तक का प्रावधान है।
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इन्हें किया प्राधिकृत
जिला मैजिस्ट्रेट द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा व खंड चिकित्सा अधिकारियों, जिला आयुर्वेदिक व आयुर्वेदिक अधिकारियों, खाद्य निरीक्षकों, नगर परिषद्व व नगर पंचायतों के सफाई निरीक्षकों तथा जिला के सभी एसडीएम को किसी भी दुकान में प्रवेश कर खाद्य पदार्थों का निरीक्षण करने के लिए प्राधिकृत किया गया है।
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सोलन। डीसी सोलन मीरा मोहंती ने गर्मियों में फैलने वाले रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों को निरीक्षण शक्ति प्रदान करते हुए उचित कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं गर्मियों के मौसम में खाद्य वस्तुओं का कारोबार करने वाले व्यवसायियों से भी साफ सफाई रखने की अपील की है।
सोमवार को संबंध में आदेश जारी करते हुए जिला मैजिस्ट्रेट ने धूल व मक्खियों के कारण खाने के अयोग्य सामान की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। अन्य खाद्य पदार्थों में अनढकी वस्तुएं जैसे मीट, मछली, मिठाइयां, चाट, बिस्कुट, दूध, शीतल पेय तथा अन्य खाने व पीने की वस्तुएं जो ढक कर नहीं रखी गई हों या धूल व मक्खियों के कारण दूषित हो रही हों, को बेचना सख्त मनाही है। उपायुक्त मीरा मोहंती के अनुसार अधिकारी खाद्य वस्तुओं के किसी भी भंडारण और निर्माण स्थल का भी निरीक्षण कर सकते हैं। ये अधिकारी किसी भी खाद्य पदार्थ जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो, इसे जब्त करने व नष्ट कर सकते हैं तथा दोषी के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिये भी सक्षम हैं। ये आदेश तत्काल प्रभावी होंगे।
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आइस कैंडी और क्रीम ध्यान से बेचें
आईस कैंडी तथा आईसक्रीम जो एनालिस्ट द्वारा जांच के बगैर तैयार की गई हों, की बिक्री नहीं की जा सकती। खुले डिब्बे व टूटे-फूटे बर्तनों में रखे गए खाद्य पदार्थ जिनसे स्वास्थ्य को हानि पहुंच सकती है, को भी बेचा नहीं जा सकता। ऐसे में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के तहत पांच लाख तक के जुर्माने और कारावास तक का प्रावधान है।
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इन्हें किया प्राधिकृत
जिला मैजिस्ट्रेट द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा व खंड चिकित्सा अधिकारियों, जिला आयुर्वेदिक व आयुर्वेदिक अधिकारियों, खाद्य निरीक्षकों, नगर परिषद्व व नगर पंचायतों के सफाई निरीक्षकों तथा जिला के सभी एसडीएम को किसी भी दुकान में प्रवेश कर खाद्य पदार्थों का निरीक्षण करने के लिए प्राधिकृत किया गया है।