{"_id":"6a58c2d3cd93cac92d016f6b","slug":"wishing-for-the-longevity-and-health-of-milch-animals-nahan-news-c-177-1-ssml1028-183532-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: दुधारू पशुओं की दीर्घायु और स्वास्थ्य की कामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: दुधारू पशुओं की दीर्घायु और स्वास्थ्य की कामना
विज्ञापन
रेणुका जी में श्रावण संक्रांति पर आयोजित हवन यज्ञ में पूर्णाहुति प्रदान करते श्रद्धालु। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। श्रावण संक्रांति का पर्व वीरवार को श्री रेणुकाजी तीर्थ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन से पवित्र श्रावण मास का शुभारंभ होता है। इस अवसर पर ददाहू से सटे क्षेत्रों में हरियाली मेलों की खासी धूम रही।
ग्रामीणों ने देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और घरों से लाए व्यंजनों का भोग लगाया। सैनधार क्षेत्र के शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने घर से लाए देसी घी और दूध को माता की प्रतिमा पर अर्पित किया। भक्तों ने मां शीतला से अपने दुधारू पशुओं की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
दोपहर बाद आयोजित हरियाली मेले में ग्रामीणों ने भाग लिया। वहीं, संक्रांति के अवसर पर कोटला मोलर स्थित गणेश मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यहां भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
विज्ञापन
भगवान परशुराम के पिता महर्षि जमदग्नि की तपोस्थली तपे के टीले पर भी पारंपरिक हरियाली मेले का आयोजन किया गया। दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने महर्षि जमदग्नि के दर्शन किए और उनके अखंड धूने की भस्म (विभूति) मस्तक पर लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की।
इसके अलावा, रेणुका विकास बोर्ड के सौजन्य से श्री रेणुकाजी तीर्थ के मंदिर परिसर में विशेष हवन-यज्ञ किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में ददाहू के तहसीलदार जय सिंह ठाकुर सहित बोर्ड के सदस्य इंद्र प्रकाश गोयल, राकेश शर्मा, देवा रमेश कपिल, पंडित रविदत्त शर्मा, तारा चंद, राजेंद्र दत्त, वीरेंद्र सिंह और विक्रम सिंह सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। सभी ने यज्ञ में आहुतियां डालीं।
विज्ञापन
ददाहू (सिरमौर)। श्रावण संक्रांति का पर्व वीरवार को श्री रेणुकाजी तीर्थ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन से पवित्र श्रावण मास का शुभारंभ होता है। इस अवसर पर ददाहू से सटे क्षेत्रों में हरियाली मेलों की खासी धूम रही।
ग्रामीणों ने देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और घरों से लाए व्यंजनों का भोग लगाया। सैनधार क्षेत्र के शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने घर से लाए देसी घी और दूध को माता की प्रतिमा पर अर्पित किया। भक्तों ने मां शीतला से अपने दुधारू पशुओं की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
विज्ञापन
दोपहर बाद आयोजित हरियाली मेले में ग्रामीणों ने भाग लिया। वहीं, संक्रांति के अवसर पर कोटला मोलर स्थित गणेश मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यहां भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
विज्ञापन
भगवान परशुराम के पिता महर्षि जमदग्नि की तपोस्थली तपे के टीले पर भी पारंपरिक हरियाली मेले का आयोजन किया गया। दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने महर्षि जमदग्नि के दर्शन किए और उनके अखंड धूने की भस्म (विभूति) मस्तक पर लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की।
इसके अलावा, रेणुका विकास बोर्ड के सौजन्य से श्री रेणुकाजी तीर्थ के मंदिर परिसर में विशेष हवन-यज्ञ किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में ददाहू के तहसीलदार जय सिंह ठाकुर सहित बोर्ड के सदस्य इंद्र प्रकाश गोयल, राकेश शर्मा, देवा रमेश कपिल, पंडित रविदत्त शर्मा, तारा चंद, राजेंद्र दत्त, वीरेंद्र सिंह और विक्रम सिंह सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। सभी ने यज्ञ में आहुतियां डालीं।