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Sirmour News: जिले के किसानों को नहीं हुआ छह महीने से गेहूं बीज का भुगतान, विभाग के कार्यालय का किया घेराव
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किसान संगठन पांवटा साहिब में कृषि विभाग कार्यालय का घेराव के दौरान उप मंडल मृदा संरक्षण अधिकार
-खाद के लिए भी भटक रहे किसान, पांवटा साहिब में नारेबाजी कर जताया रोष
-20 अक्तूबर तक भुगतान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। किसानों से गेहूं का बीज लिए छह महीने बीत गए, लेकिन भुगतान अब तक नहीं हुआ। खेती के लिए बीज उपलब्ध करवाने वाले किसानों को अपनी ही रकम के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, खाद हासिल करने के लिए भी उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं से नाराज किसानों का गुस्सा शुक्रवार को कृषि विभाग पर फूट पड़ा। किसानों ने पांवटा साहिब स्थित कृषि विभाग के कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग उठाई। किसानों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि 20 अक्तूबर तक उनकी भुगतान नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
किसानों का कहना है कि कृषि कार्य में समय पर पैसे की उपलब्धता बेहद जरूरी है। बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री पर पहले ही खर्च करना पड़ता है। ऐसे में यदि विभाग किसानों से बीज लेने के बाद छह महीने तक भुगतान नहीं करता, तो उनकी आर्थिक मुश्किलें बढ़ना स्वाभाविक है। किसानों ने सवाल उठाया कि जब विभाग को बीज की जरूरत थी, तब किसानों से आपूर्ति ले ली गई, लेकिन अब भुगतान के लिए उन्हें इंतजार क्यों करना पड़ रहा है। किसानों ने विभाग से इस मामले में जल्द कार्रवाई कर बकाया राशि जारी करने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रदेश अध्यक्ष तरसेम सिंह साग्गी और हिमाचल किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह गोपी की अगुवाई में किसानों ने कार्यालय पहुंचकर अपना रोष जताया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए। एक तरफ बीज की भुगतान अटकी हुई है, वहीं दूसरी ओर खाद लेने की प्रक्रिया में भी किसानों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। ऐसे में खेतीबाड़ी से जुड़े काम प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि तय समयसीमा तक भुगतान नहीं हुआ तो किसान अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
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खाद के लिए आईडी नहीं तो आधार कार्ड से मिलेगा विकल्प
खाद वितरण में आ रही परेशानी पर पांवटा साहिब की उपमंडलीय मृदा संरक्षण अधिकारी रश्मि भटनागर ने बताया कि जिन किसानों की आईडी नहीं बनी है, वे आधार कार्ड के माध्यम से भी खाद प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को इस विकल्प का लाभ उठाने की बात कही। वहीं, गेहूं के बीज की लंबित भुगतान के मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसानों की बकाया राशि जल्द उनके खातों में जमा हो जाएगी।-- -- -- --
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-20 अक्तूबर तक भुगतान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। किसानों से गेहूं का बीज लिए छह महीने बीत गए, लेकिन भुगतान अब तक नहीं हुआ। खेती के लिए बीज उपलब्ध करवाने वाले किसानों को अपनी ही रकम के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, खाद हासिल करने के लिए भी उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं से नाराज किसानों का गुस्सा शुक्रवार को कृषि विभाग पर फूट पड़ा। किसानों ने पांवटा साहिब स्थित कृषि विभाग के कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग उठाई। किसानों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि 20 अक्तूबर तक उनकी भुगतान नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
किसानों का कहना है कि कृषि कार्य में समय पर पैसे की उपलब्धता बेहद जरूरी है। बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री पर पहले ही खर्च करना पड़ता है। ऐसे में यदि विभाग किसानों से बीज लेने के बाद छह महीने तक भुगतान नहीं करता, तो उनकी आर्थिक मुश्किलें बढ़ना स्वाभाविक है। किसानों ने सवाल उठाया कि जब विभाग को बीज की जरूरत थी, तब किसानों से आपूर्ति ले ली गई, लेकिन अब भुगतान के लिए उन्हें इंतजार क्यों करना पड़ रहा है। किसानों ने विभाग से इस मामले में जल्द कार्रवाई कर बकाया राशि जारी करने की मांग की।
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भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रदेश अध्यक्ष तरसेम सिंह साग्गी और हिमाचल किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह गोपी की अगुवाई में किसानों ने कार्यालय पहुंचकर अपना रोष जताया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए। एक तरफ बीज की भुगतान अटकी हुई है, वहीं दूसरी ओर खाद लेने की प्रक्रिया में भी किसानों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। ऐसे में खेतीबाड़ी से जुड़े काम प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि तय समयसीमा तक भुगतान नहीं हुआ तो किसान अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
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खाद के लिए आईडी नहीं तो आधार कार्ड से मिलेगा विकल्प
खाद वितरण में आ रही परेशानी पर पांवटा साहिब की उपमंडलीय मृदा संरक्षण अधिकारी रश्मि भटनागर ने बताया कि जिन किसानों की आईडी नहीं बनी है, वे आधार कार्ड के माध्यम से भी खाद प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को इस विकल्प का लाभ उठाने की बात कही। वहीं, गेहूं के बीज की लंबित भुगतान के मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसानों की बकाया राशि जल्द उनके खातों में जमा हो जाएगी।

किसान संगठन पांवटा साहिब में कृषि विभाग कार्यालय का घेराव के दौरान उप मंडल मृदा संरक्षण अधिकार