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मंडी में लोकल सब्जी सस्ती, बाहर आते ही मंहगी
ब्यूरो/ अमर उजाला, सिरमाौर
Updated Sat, 30 Jan 2016 08:16 PM IST
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सब्जी मंडी पांवटा में सब्जियों के रेट कम है जबकि मंडी के बाहर आते ही फुटकर विक्रेता उसे ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं जिसपर खाद्य आपूर्ति विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है।
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सब्जियाें के भाव मंडी में तो काफी कम हैं लेकिन इससे कोई राहत लोगों को नहीं मिल पाई है। मंडी के बाहर लोगों को अभी भी फुटकर रेट पर सब्जी महंगी ही मिल रही है। जबकि व्यापारियों की मानें तो सब्जियों के दाम कम हुए हैं लेकिन रेहड़ी-फड़ी वालों के रेट से आज भी आम जनता का बजट बिगड़ रहा है।
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शहर में रेहड़ी आदि लगाकर गली मोहल्ले में सब्जी बेचने वाले अधिकांश सब्जी विक्रेता सब्जियों को उसी रेट पर बेच रहे हैं, जिस रेट पर अब से दो-तीन सप्ताह पहले बेची जा रही थी। फुटकर रेट पर प्याज अभी भी 20-25 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा जा रहा है। जबकि मंडी में थोक रेट पर प्याज 10 रुपये प्रति किलोग्राम तक हो गया है। पांच रुपये किलोग्राम वाली गोभी 10-12 रुपये प्रति किलो ग्राम ही बिक रही है। मंडी में लौकी 8-10 रुपये है, लेकिन मंडी के बाहर फुटकर रेट पर लौकी अभी भी 20-25, अदरक 60-70, खीरा 35-40, भिंडी 65-70, कद्दू 20-30, मूली 8-10, गाजर 15-20, फ्रांसबीन 40-50, पालक 15, मैथी 20-25, धनियां 10-15, मटर 35-40, शिमला मिर्च 40, आलू 8-10, प्याज 20-25, बेंगन 20, मशरूम 80 रुपये प्रति किलो ही बेचे जा रहे हैं। ऐसे में ग्राहकों को भी अपनी जेबें खूब ढीली करनी पड़ रही है।
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बाजार में खीरा भी बड़ी उछाल के साथ पहुंच रहा है। कुछ दिन पूर्व खीरा 15-20 रुपये किलो तक बिक रहा था लेकिन अब 35-40 रुपये किलो बिक रहा है। हरी सब्जियों में भिंडी, फ्रांसबीन का भी यही हाल है। फुटकर रेट में भिंडी 65 तथा अदरक 60 तथा फ्रांसबीन 40-50 रुपये किलो तक बिक रही है। इन्हें लेने के लिए गृहिणियों को भी जेबें ढीली करनी पड़ रही है।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक श्याम भाटियां ने पुष्टि करते हुृए कहा कि स्थानीय सब्जियों के बाहर से दाम कम हुए हैं। समय-समय पर मंडियों के दाम की तर्ज पर बाहरी रेड़ी फड़ी वाले की रेट लिस्टें भी खंगाली जाती हैं।
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