{"_id":"5803c0654f1c1b4a2c2905aa","slug":"three-new-patients-of-dengu-admitted-in-ponta-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांवटा में बेकाबू हुआ डेंगू, तीन और मरीज दाखिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांवटा में बेकाबू हुआ डेंगू, तीन और मरीज दाखिल
ब्यूरो/अमर उजाला, पांवटा साहिब (सिरमौर)
Updated Sun, 16 Oct 2016 11:34 PM IST
विज्ञापन
अमरोहा के जिला अस्पताल में शनिवार को भर्ती मरीज।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा और इसके आसपास के इलाके में फैला डेंगू आउट ऑफ कंट्रोल हो गया है। अस्पताल में दाखिल हुए छह मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिलने के बाद छुट्टी दे दी गई है लेकिन डेंगू बुखार की चपेट में आए तीन और मरीज अस्पताल में दाखिल हो गए हैं। जबकि उत्तराखंड में भी कुछ मरीज दाखिल बताए जा रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से जहां लोगों में हड़कंप मच गया है वहीं स्वास्थ्य विभाग के भी हाथ पांव फूलने लगे हैं। इधर स्वास्थ्य मंत्री द्वारा डेंगू, चिकनगुनिया और स्क्रब टायफस की रिपोर्ट तलब करने के बाद विभाग और अलर्ट हो गया है।
उपमंडल पांवटा में डेंगू का प्रकोप और बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने टीमें गठित कर इलाके में फॉगिंग के बाद कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव भी कर दिया है लेकिन फिलहाल डेंगू पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता है। इलाके में मरीजों की संख्या एक दर्जन के पार पहुंच चुकी है। लगभग हरेक पंचायत से डेंगू के मरीज अस्पताल पहुंच रहे है। इससे स्वच्छता अभियान एवं स्वास्थ्य विभाग के इंतजामों की कलई खुल गई है।
विज्ञापन
भले की स्वास्थ्य विभाग ने टीम गठित कर गांव-गांव जाकर दवाई का छिड़काव किया तथा लोगों को स्थायी तौर पर गंदगी एवं पानी का ठहराव न होने देने बारे जागरूक भी किया लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा। फूलपुर पंचायत के गांव बांगरण से महिला दीपिका अस्पताल में तीन सप्ताह दाखिल रही। अब स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे छुट्टी मिल गई है। दूसरी किल्लौड़ से सुनीता देवी डेंगू की चपेट में आने से उत्तराखंड के हर्बटपुर में दाखिल है।
विज्ञापन
सतौन के मरीज भी उत्तराखंड में दाखिल हैं। डेंगू के लक्षण पाए जाने से मरीज सहमें हुए है। इससे पहले सतौन, गोंदपुर, देवीनगर, बडवास, नाया, क्यारी गुंडाह, माजरा, धौलाकुआं से मरीज रोग की चपेट में आ चुके हैं जिनकी संख्या दर्जन पार पहुंच चुकी है। हालांकि, विभाग डेंगू -चिकनगुनिया के मरीजों में बढ़ते खतरे से निपटने के 18 अक्तूबर को खून की जांच की मशीन पांवटा अस्पताल में स्थापित कर रहा है जिससे डेंगू के लक्षण से पीड़ित संदिग्ध मरीजों का उपचार शुरू होगा।
उधर, बीएमओ राजपुर संजय सहगल ने कहा कि समय रहते दाखिल मरीजों का सही उपचार हुआ है जिनमें से आधा दर्जन के लगभग मरीजों को डिस्चार्ज भी कर दिया है, बाकि के स्वास्थ्य में भी सुधार है। इसके अस्पताल में मरीजों के लिए सभी सुविधाएं पहले से ही तैयार है। लगभग छह और मरीज अस्पताल में दाखिल हैं।