फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   The government should take action against scams or allow euthanasia: Chatar Singh

घोटालों पर कार्रवाई करे या इच्छा मृत्यु की अनुमति दे सरकार : चतर सिंह

Tue, 30 Sep 2025 11:28 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Sep 2025 11:28 PM IST
विज्ञापन
The government should take action against scams or allow euthanasia: Chatar Singh
बोले, करोड़ों के घोटाले उजागर करने पर भी नहीं हो रही कार्रवाई
विज्ञापन

कहा-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित आला अधिकारियों से कर चुके शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सालों से सूचना का अधिकार अधिनियम से जानकारी एकत्रित कर करोड़ों रुपये के घोटालों को उजागर किया जा रहा है। समय-समय पर मामलों में कार्रवाई को लेकर विभागों सहित सरकार के संज्ञान में भी लाया जा रहा है, लेकिन किसी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यह आरोप नाहन में पत्रकार वार्ता में आरटीआई कार्यकर्ता चतर सिंह ने लगाए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 से आरटीआई से जानकारी जुटाकर भ्रष्टाचार और घोटालों के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। प्रदेश में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार रही हो, सभी के कार्यकाल के दौरान उन्होंने घोटालों को उजागर किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कि यदि सरकार भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं कर सकती तो उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दे, क्योंकि वे समाज में फैल रहे भ्रष्टाचार को नहीं देख सकते।
विज्ञापन

चतर सिंह ने कहा कि आज आलम यह है कि प्रदेश घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों में बिहार से भी आगे निकल रहा है। भ्रष्टाचार और घोटालों पर कार्रवाई को लेकर सरकार कहती है कि नंबर जारी किए गए हैं, उन पर शिकायत करें, लेकिन शिकायत करने पर उचित कार्रवाई ही नहीं होती। ऐसे में नंबर जारी करने का क्या फायदा।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि कई मामलों में मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी, लेकिन जवाब नहीं मिला। फिर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी। उनकी तरफ से मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा गया। इसके बावजूद अभी तक भी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कालाअंब और बद्दी की दो औद्योगिक इकाइयों से ही करोड़ों के घोटाले को उन्होंने आरटीआई से उजागर किया। उसे भी दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य अभियंता विमल नेगी मौत मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां ईमानदार लोगों के साथ ऐसा किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed