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Sirmour News: शिक्षकों को पढ़ाने के लिए सिखाए ऐसे तरीके, जिससे विद्यार्थी समझें झट से
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पूजा भगत
संशोधित शिक्षा परिचर्चा--
शिक्षकों को पढ़ाने के लिए सिखाए ऐसे तरीके, जिससे विद्यार्थी समझें झट से
डाइट नाहन में इंडक्शन कार्यशालाओं से बताई पठन-पाठन की नई तकनीक
कई चरणों में चली कार्यशालाओं में नई तकनीक से पारंगत किए गए शिक्षिक
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। अध्यापक अपना कार्य पूरी क्षमता के साथ करें और बच्चों को पढ़ाने के लिए ऐसे तरीके अपनाएं जो सरल हों और हर बच्चे को आसानी से समझ आएं। इसके लिए डाइट नाहन में विद्यालय के सामान्य मुद्दों के समाधान को लेकर छह-छह दिवसीय कई कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इन कार्यशालाओं में चरणवार जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए जेबीटी, ओटी और टीजीटी शिक्षकों ने भाग लिया।
उनको स्रोत समन्वयकों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क-एनसीएफ-2023 ड्राफ्ट), बच्चों को सरल ढंग से पढ़ाने के तरीके और उनकी समस्याओं का कैसे समाधान करें, कैसे नई तकनीक से बच्चों को पढ़ाएं इसमें पारंगत किया गया।
आखिर यह कार्यशालाएं शिक्षकों के लिए कितनी कारगर सिद्ध हुई, इसे लेकर शिक्षकों से उनकी राय जानने का प्रयास किया।
-- -बाक्स
1. शिक्षकों की क्षमता हो रही विकसित
शिक्षिका पूजा भगत ने कहा कि कार्यशालाओं से प्रभावशाली अध्यापन के लिए शिक्षकों की क्षमता विकसित हुई है। शिक्षा क्षेत्र में नई चीजों की जानकारी भी मिली। इससे बच्चों को पढ़ाने में भी मदद मिलनी निश्चित है।
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2. नई नई तकनीक की मिली जानकारी
शिक्षक सुभाष शर्मा ने कहा कि इन कार्यशालाओं में बच्चों को विभिन्न प्रकार की गतिविधियों से पढ़ाने की जानकारी मिली। सरल तरीके से पढ़ाने की नई-नई तकनीक से भी शिक्षक अवगत हुए हैं।
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3. खुद को बदलने में मिलेगी सुविधा
शिक्षक पंच राम शर्मा ने कहा कि शिक्षा में आए बदलाव, नए उपयोगों, आधुनिक उपकरणों, कंप्यूटर व प्रोजेक्टर से बच्चों को पढ़ाने का भी प्रशिक्षण मिला। इससे आने वाले समय में शिक्षा के बदलते ढांचे के साथ खुद को बदलने में सुविधा मिलेगी।
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4. बताई गई पठन-पाठन की नई तकनीक
कार्यशाला के समन्वयक रहे संत राम शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को विभागीय योजनाओं के अलावा पठन-पाठन की नई तकनीक से भी अवगत करवाया गया ताकि वह शिक्षा ढांचे में आ रहे बदलाव के साथ खुद को बदल सके।
-- -- संवाद
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शिक्षकों को पढ़ाने के लिए सिखाए ऐसे तरीके, जिससे विद्यार्थी समझें झट से
डाइट नाहन में इंडक्शन कार्यशालाओं से बताई पठन-पाठन की नई तकनीक
कई चरणों में चली कार्यशालाओं में नई तकनीक से पारंगत किए गए शिक्षिक
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। अध्यापक अपना कार्य पूरी क्षमता के साथ करें और बच्चों को पढ़ाने के लिए ऐसे तरीके अपनाएं जो सरल हों और हर बच्चे को आसानी से समझ आएं। इसके लिए डाइट नाहन में विद्यालय के सामान्य मुद्दों के समाधान को लेकर छह-छह दिवसीय कई कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इन कार्यशालाओं में चरणवार जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए जेबीटी, ओटी और टीजीटी शिक्षकों ने भाग लिया।
उनको स्रोत समन्वयकों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क-एनसीएफ-2023 ड्राफ्ट), बच्चों को सरल ढंग से पढ़ाने के तरीके और उनकी समस्याओं का कैसे समाधान करें, कैसे नई तकनीक से बच्चों को पढ़ाएं इसमें पारंगत किया गया।
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आखिर यह कार्यशालाएं शिक्षकों के लिए कितनी कारगर सिद्ध हुई, इसे लेकर शिक्षकों से उनकी राय जानने का प्रयास किया।
1. शिक्षकों की क्षमता हो रही विकसित
शिक्षिका पूजा भगत ने कहा कि कार्यशालाओं से प्रभावशाली अध्यापन के लिए शिक्षकों की क्षमता विकसित हुई है। शिक्षा क्षेत्र में नई चीजों की जानकारी भी मिली। इससे बच्चों को पढ़ाने में भी मदद मिलनी निश्चित है।
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2. नई नई तकनीक की मिली जानकारी
शिक्षक सुभाष शर्मा ने कहा कि इन कार्यशालाओं में बच्चों को विभिन्न प्रकार की गतिविधियों से पढ़ाने की जानकारी मिली। सरल तरीके से पढ़ाने की नई-नई तकनीक से भी शिक्षक अवगत हुए हैं।
3. खुद को बदलने में मिलेगी सुविधा
शिक्षक पंच राम शर्मा ने कहा कि शिक्षा में आए बदलाव, नए उपयोगों, आधुनिक उपकरणों, कंप्यूटर व प्रोजेक्टर से बच्चों को पढ़ाने का भी प्रशिक्षण मिला। इससे आने वाले समय में शिक्षा के बदलते ढांचे के साथ खुद को बदलने में सुविधा मिलेगी।
4. बताई गई पठन-पाठन की नई तकनीक
कार्यशाला के समन्वयक रहे संत राम शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को विभागीय योजनाओं के अलावा पठन-पाठन की नई तकनीक से भी अवगत करवाया गया ताकि वह शिक्षा ढांचे में आ रहे बदलाव के साथ खुद को बदल सके।

पूजा भगत

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