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Sirmour News: पांवटा में कवियों की रचनाओं पर खूब बजीं तालियां
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हिंदी दिवस पर पांवटा साहिब में सोमवार रात को आयोजित कवि गोष्ठी में अपनी प्रस्तुति देते हुए कवि
गणेश भारद्वाज ‘गनी’ समेत वरिष्ठ और युवा कवियों ने काव्य पाठ से बांधा समां
हिंदी दिवस पर ऑथर्स गिल्ड ऑफ हिमाचल की काव्य गोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिंदी दिवस के अवसर पर ऑथर्स गिल्ड ऑफ हिमाचल साहित्यिक संस्था की ओर से काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश के वरिष्ठ कवि गणेश भारद्वाज ‘गनी’ समेत स्थानीय और युवा कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। कार्यक्रम में हिंदी भाषा की महत्ता और साहित्य के विभिन्न पहलुओं को कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम की मुख्यातिथि नगर परिषद अध्यक्ष निर्मल कौर रहीं, जबकि अध्यक्षता सेवानिवृत्त उप शिक्षा निदेशक नीना कौशिक ने की। संस्था के अध्यक्ष और सुप्रसिद्ध कवि-लेखक गणेश भारद्वाज ‘गनी’ तथा नगर परिषद उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह मिक्का विशिष्ट अतिथि रहे। आयोजक अजय शर्मा और जीवन जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया।
कवि गणेश भारद्वाज ‘गनी’ ने ‘हादसा’ और वरिष्ठ कवि डॉ. जयचंद शर्मा ने ‘अंधेरे में कैथलीघाट’ कविता प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। रंजना शर्मा ने गजल ‘हमने एक शाम चिरागों से जला रखी है’ प्रस्तुत की। जीवन जोशी ने ‘मैं रहा अकेला देखता’, रेणु शर्मा ने ‘अच्छे हैं ये चांद सितारे, पर आप सबसे अच्छे हैं’ और अश्वनी वर्मा ने ‘क्योंकि लोग पीपल पूजते हैं’ कविता सुनाई।
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मनिंद्र सिंह मनी ने कविता के माध्यम से हिंदी की अहमियत बताई। बिंदु शर्मा ने ‘मैं संस्कृत की बेटी हूं’ और ‘काश मैं पत्थर हो जाती’, संजय भारद्वाज ने ‘राष्ट्र भाषा एक हो, एक हो संविधान’ तथा सीमा बोस ने ‘बापू तेरे देश में क्यों रोए बेवा के भेष में’ रचना प्रस्तुत की। कमल पांडे, प्रतिभा पांडे और विनोद सैनी ‘शून्य’ ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को प्रभावित किया। विनोद सैनी की हास्य कविता पर श्रोता खूब गुदगुदाए।
युवा कवयित्री वर्षा चौहान ने ‘पहाड़ बनने की उम्मीद’ कविता से प्रभावित किया। पारस चौहान ने ‘मां हिंदी के लाल तुझे क्यों गर्व नहीं होता’, किरण चौहान ने ‘आस कर विश्वास कर’, हमेराज राणा ने ‘संस्कृत की एक लाडली बेटी है हिंदी’ और सुरजन तोमर ने ‘प्यार से दिल की इच्छा पूरी कर लूं’ रचनाएं प्रस्तुत कीं।
गौरव मेहता ने ‘दरवाजे पर इश्क खोजता रहा’, जबकि तुषार शर्मा ने ‘शायद मैं तुम तक पहुंचूं’ कविता सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में एनएम वर्मा, पद्मावती शर्मा, पार्षद शक्ति भटनागर, अजय शर्मा, जीवन जोशी समेत कई मौजूद रहे।-- -- -- -
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हिंदी दिवस पर ऑथर्स गिल्ड ऑफ हिमाचल की काव्य गोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिंदी दिवस के अवसर पर ऑथर्स गिल्ड ऑफ हिमाचल साहित्यिक संस्था की ओर से काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश के वरिष्ठ कवि गणेश भारद्वाज ‘गनी’ समेत स्थानीय और युवा कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। कार्यक्रम में हिंदी भाषा की महत्ता और साहित्य के विभिन्न पहलुओं को कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम की मुख्यातिथि नगर परिषद अध्यक्ष निर्मल कौर रहीं, जबकि अध्यक्षता सेवानिवृत्त उप शिक्षा निदेशक नीना कौशिक ने की। संस्था के अध्यक्ष और सुप्रसिद्ध कवि-लेखक गणेश भारद्वाज ‘गनी’ तथा नगर परिषद उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह मिक्का विशिष्ट अतिथि रहे। आयोजक अजय शर्मा और जीवन जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया।
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कवि गणेश भारद्वाज ‘गनी’ ने ‘हादसा’ और वरिष्ठ कवि डॉ. जयचंद शर्मा ने ‘अंधेरे में कैथलीघाट’ कविता प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। रंजना शर्मा ने गजल ‘हमने एक शाम चिरागों से जला रखी है’ प्रस्तुत की। जीवन जोशी ने ‘मैं रहा अकेला देखता’, रेणु शर्मा ने ‘अच्छे हैं ये चांद सितारे, पर आप सबसे अच्छे हैं’ और अश्वनी वर्मा ने ‘क्योंकि लोग पीपल पूजते हैं’ कविता सुनाई।
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मनिंद्र सिंह मनी ने कविता के माध्यम से हिंदी की अहमियत बताई। बिंदु शर्मा ने ‘मैं संस्कृत की बेटी हूं’ और ‘काश मैं पत्थर हो जाती’, संजय भारद्वाज ने ‘राष्ट्र भाषा एक हो, एक हो संविधान’ तथा सीमा बोस ने ‘बापू तेरे देश में क्यों रोए बेवा के भेष में’ रचना प्रस्तुत की। कमल पांडे, प्रतिभा पांडे और विनोद सैनी ‘शून्य’ ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को प्रभावित किया। विनोद सैनी की हास्य कविता पर श्रोता खूब गुदगुदाए।
युवा कवयित्री वर्षा चौहान ने ‘पहाड़ बनने की उम्मीद’ कविता से प्रभावित किया। पारस चौहान ने ‘मां हिंदी के लाल तुझे क्यों गर्व नहीं होता’, किरण चौहान ने ‘आस कर विश्वास कर’, हमेराज राणा ने ‘संस्कृत की एक लाडली बेटी है हिंदी’ और सुरजन तोमर ने ‘प्यार से दिल की इच्छा पूरी कर लूं’ रचनाएं प्रस्तुत कीं।
गौरव मेहता ने ‘दरवाजे पर इश्क खोजता रहा’, जबकि तुषार शर्मा ने ‘शायद मैं तुम तक पहुंचूं’ कविता सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में एनएम वर्मा, पद्मावती शर्मा, पार्षद शक्ति भटनागर, अजय शर्मा, जीवन जोशी समेत कई मौजूद रहे।

हिंदी दिवस पर पांवटा साहिब में सोमवार रात को आयोजित कवि गोष्ठी में अपनी प्रस्तुति देते हुए कवि