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Sirmour News: सिरमौर में स्क्रब टाइफस का बड़ा हमला, दो सप्ताह में 58 मामले

Wed, 16 Sep 2026 12:38 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:38 AM IST
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scrubtaifus diseases in nahan
मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी में चेकअप के लिए इंतजार करते मरीज। संवाद
रोजाना अस्पताल पहुंच रहे तीन-चार मरीज, अगस्त में थे 37 मामले
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मेडिकल कॉलेज और पांवटा साहिब अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या, मेडिसिन वार्ड-ओपीडी में भीड़ -सितंबर में डेंगू के 17 और इन्फ्लूएंजा के भी 24 मामले, स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच बढ़ाई

चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। जिले में बदलते मौसम के साथ मौसमी बीमारियों का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। डेंगू के मामलों में जहां फिलहाल कमी आई है, वहीं स्क्रब टाइफस ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। सितंबर के पहले 15 दिनों में ही जिले में 58 मामले सामने आ चुके हैं। अगस्त में यह संख्या 37 थी, यानी पिछले महीने के मुकाबले इस माह के पहले पखवाड़े में ही मामलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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मंगलवार को मेडिकल कॉलेज नाहन में स्क्रब टाइफस के तीन मरीज उपचार के लिए पहुंचे। पांवटा साहिब अस्पताल में भी दो मरीजों ने उपचार करवाया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में रोजाना औसतन तीन से चार मरीज सामने आ रहे हैं। नाहन और पांवटा साहिब अस्पतालों में मरीजों की संख्या अधिक देखी जा रही है। मेडिकल कॉलेज के पुरुष और महिला मेडिसिन वार्ड और ओपीडी में पहले से ही मरीजों की भीड़ है। कई बार एक बिस्तर पर दो मरीजों का उपचार करना पड़ रहा है।
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आंकड़ों के अनुसार अगस्त में स्क्रब टाइफस के 37 मामले सामने आए थे, जबकि सितंबर के पहले पखवाड़े में ही 58 मरीज मिल चुके हैं। दूसरी ओर अगस्त में डेंगू के 38 मामले सामने आए थे, जबकि सितंबर में अब तक 17 मामले मिले हैं। इन्फ्लूएंजा के मामले भी अगस्त के 11 से बढ़कर सितंबर में 24 हो गए हैं।
क्या है स्क्रब टाइफस स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो संक्रमित छोटे माइट यानी चिगर के काटने से फैलता है। ये माइट झाड़ियों, घास और वनस्पति वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और थकान शामिल हैं। कई मामलों में त्वचा पर दाने और काटने की जगह पर काला निशान या घाव भी दिखाई दे सकता है। गंभीर स्थिति में संक्रमण अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है।
मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु चौहान ने बताया कि अस्पताल में स्क्रब टाइफस के मामले बढ़े हैं। मंगलवार को तीन मरीज उपचार के लिए पहुंचे। उन्होंने लोगों से झाड़ियों और घास वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की। जरूरी होने पर पूरी बाजू के कपड़े और जूते पहनने तथा शरीर को ढककर रखने की सलाह दी। घर लौटने के बाद कपड़ों और शरीर की जांच करने और आसपास घास-झाड़ियों की नियमित सफाई रखने को कहा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश प्रताप ने बताया कि दो सप्ताह में मामले पिछले महीने की तुलना में तेजी से बढ़े हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच बढ़ा दी है। उन्होंने लोगों से लगातार बुखार या अन्य लक्षण होने पर खुद दवा लेने के बजाय चिकित्सक से जांच और उपचार करवाने की अपील की।------

इनसेट--

त्वचा या कपड़ों पर कीट-रोधक क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार स्क्रब टाइफस से बचाव के लिए झाड़ियों या लंबे घास वाले क्षेत्रों में जाते समय पूरी बाजू की शर्ट और पूरी पैंट पहनें। त्वचा या कपड़ों पर कीट-रोधक क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें। झाड़ियों, घास और खेतों में सीधे बैठने या लेटने से बचें। घर के आसपास घास और झाड़ियों को पनपने न दें और नियमित रूप से साफ-सफाई करें।-----
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