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Sirmour News: आरएसएस के 100 वर्ष पूर्ण होने पर पांवटा साहिब में पथ संचलन
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1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने विजयादशमी के दिन की थी स्थापना
विजयादशमी पर सरस्वती विद्या मंदिर पांवटा साहिब में कार्यक्रम आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विजयादशमी उत्सव सरस्वती विद्या मंदिर, पांवटा साहिब में उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. विश्वजीत बंसल और मुख्य वक्ता के रूप में बनवीर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र के प्रचारक प्रमुख उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नगर संघ चालक अरुण कुमार तथा नगर कार्यवाह हेमंत भारद्वाज भी मौजूद रहे।
बनवीर ने कहा कि संघ ने 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की ओर से विजयादशमी के दिन आरएसएस की स्थापना के बाद तीन बार प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा, लेकिन निरंतर सेवा और संस्कारों की शक्ति के बल पर संघ आज समाज निर्माण की धुरी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि संघ पर महात्मा गांधी की हत्या का झूठा आरोप लगाया गया, लेकिन सत्य सदैव विजयी होता है।
सरकारें देश को सशक्त नहीं बनातीं, बल्कि संस्कार ही राष्ट्र को महान बनाते हैं। संघ का मूल कार्य शाखा है और शाखा से ही समाजोपयोगी चरित्रवान व्यक्ति तैयार होते हैं। पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और परिवार संस्था की रक्षा में भी संघ अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज पश्चिमी सभ्यता की कुरीतियां हमारे समाज में घर कर रही हैं। इसके कारण परिवारों में बुजुर्गों की उपेक्षा बढ़ रही है। संघ अपने 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शताब्दी वर्ष की ओर बढ़ते हुए पंच परिवर्तन कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता और स्वदेशी के लक्ष्य पर कार्यरत है।
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सरस्वती विद्या मंदिर पांवटा साहिब से शिव मंदिर धर्मशाला तक भव्य पथ संचलन किया गया, जिसमें सैकड़ों स्वयंसेवकों ने भाग लेकर राष्ट्रीय एकता और संगठन शक्ति का बेहतर परिचय दिया।
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विजयादशमी पर सरस्वती विद्या मंदिर पांवटा साहिब में कार्यक्रम आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विजयादशमी उत्सव सरस्वती विद्या मंदिर, पांवटा साहिब में उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. विश्वजीत बंसल और मुख्य वक्ता के रूप में बनवीर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र के प्रचारक प्रमुख उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नगर संघ चालक अरुण कुमार तथा नगर कार्यवाह हेमंत भारद्वाज भी मौजूद रहे।
बनवीर ने कहा कि संघ ने 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की ओर से विजयादशमी के दिन आरएसएस की स्थापना के बाद तीन बार प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा, लेकिन निरंतर सेवा और संस्कारों की शक्ति के बल पर संघ आज समाज निर्माण की धुरी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि संघ पर महात्मा गांधी की हत्या का झूठा आरोप लगाया गया, लेकिन सत्य सदैव विजयी होता है।
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सरकारें देश को सशक्त नहीं बनातीं, बल्कि संस्कार ही राष्ट्र को महान बनाते हैं। संघ का मूल कार्य शाखा है और शाखा से ही समाजोपयोगी चरित्रवान व्यक्ति तैयार होते हैं। पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और परिवार संस्था की रक्षा में भी संघ अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज पश्चिमी सभ्यता की कुरीतियां हमारे समाज में घर कर रही हैं। इसके कारण परिवारों में बुजुर्गों की उपेक्षा बढ़ रही है। संघ अपने 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शताब्दी वर्ष की ओर बढ़ते हुए पंच परिवर्तन कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता और स्वदेशी के लक्ष्य पर कार्यरत है।
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सरस्वती विद्या मंदिर पांवटा साहिब से शिव मंदिर धर्मशाला तक भव्य पथ संचलन किया गया, जिसमें सैकड़ों स्वयंसेवकों ने भाग लेकर राष्ट्रीय एकता और संगठन शक्ति का बेहतर परिचय दिया।