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Sirmour News: मोगीनंद में सड़क धंसी, प्रशासन ने भारी वाहनों की आवाजाही पर लगाई रोक
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डबल एक्सल, टिपर और डंपर पर पूर्ण रोक, खिजराबाद के रास्ते भारी वाहन डायवर्ट
लोगों की मांग, स्थायी रूप से इस रूट पर लगे ओवरलोड ट्रालों पर प्रतिबंध
नाहन/कालाअंब (सिरमौर)। चंडीगढ़-देहरादून नेशनल हाईवे-07 पर मोगीनंद के समीप फीनिक्स कंपनी के पास सड़क का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद जिला प्रशासन ने अब भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका वर्मा ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत आदेश जारी कर डबल-एक्सल वाहनों, टिपर, डंपर समेत सभी भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है। यह रोक लदे और खाली दोनों प्रकार के वाहनों पर लागू होगी।
आदेश के मुताबिक कालाअंब-नाहन तथा पांवटा साहिब-नाहन और कालाअंब के बीच आने-जाने वाले भारी वाहनों को फिलहाल खिजराबाद (हरियाणा) के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक मोगीनंद के प्रभावित हिस्से को भारी वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित नहीं बनाया जाता।
जिला प्रशासन ने एनएच डिवीजन के अधिशासी अभियंता को भी स्पष्ट निर्देश देते हुए प्रभावित हिस्से को भारी वाहनों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए तत्काल सुधारात्मक कार्य करने को कहा है। पुलिस अधीक्षक सिरमौर को पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम नाहन और पांवटा साहिब को भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी। गौर रहे कि बुधवार को भूस्खलन के चलते सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते एक लेन पर ही वाहनों की आवाजाही हो रही है।
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वाहन चालकों व ग्रामीणों बाबू राम, अशोक कुमार, नवदीप, संदीप कुमार आदि ने कालाअंब से पांवटा साहिब तक खनन सामग्री से लदे मल्टी एक्सल ट्रालों पर स्थायी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि खजूरना पुल से शक्तिनगर तक चढ़ाई वाले हिस्से में इन ट्रालों के फंसने और पलटने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। ओवरलोड ट्राले सड़क पर कहीं भी पलटकर बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। लोगों ने कहा कि यह केवल ट्रालों का मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जान का सवाल है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस एनएच पर कालाअंब से पांवटा साहिब तक इन ट्रालों पर जन सुरक्षा को देखते हुए स्थायी प्रतिबंध लगाया जाए।
अगस्त में तीन बार थमा हाईवे, हर बार 5 से 6 घंटे लगा जाम
कालाअंब से पांवटा साहिब तक यह हाईवे भारी वाहनों में ओवरलोडिंग के कारण पहले भी कई बार यातायात के लिए मुसीबत बन चुका है। अगस्त में खनन सामग्री से लदे मल्टी एक्सल ट्रालों के कारण यह हाईवे तीन बार ठप हुआ। हर बार करीब पांच से छह घंटे तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई। ट्रालों के फंसने या दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगती रहीं। पांवटा साहिब से कालाअंब तक आए दिन खनन सामग्री से लदे ट्रालों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं सामने आती हैं। ओवरलोडिंग के कारण ये भारी-भरकम वाहन कभी चढ़ाई पर हांफते हुए फंस जाते हैं तो कभी अचानक सड़क पर पलट जाते हैं।
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लोगों की मांग, स्थायी रूप से इस रूट पर लगे ओवरलोड ट्रालों पर प्रतिबंध
नाहन/कालाअंब (सिरमौर)। चंडीगढ़-देहरादून नेशनल हाईवे-07 पर मोगीनंद के समीप फीनिक्स कंपनी के पास सड़क का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद जिला प्रशासन ने अब भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका वर्मा ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत आदेश जारी कर डबल-एक्सल वाहनों, टिपर, डंपर समेत सभी भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है। यह रोक लदे और खाली दोनों प्रकार के वाहनों पर लागू होगी।
आदेश के मुताबिक कालाअंब-नाहन तथा पांवटा साहिब-नाहन और कालाअंब के बीच आने-जाने वाले भारी वाहनों को फिलहाल खिजराबाद (हरियाणा) के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक मोगीनंद के प्रभावित हिस्से को भारी वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित नहीं बनाया जाता।
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जिला प्रशासन ने एनएच डिवीजन के अधिशासी अभियंता को भी स्पष्ट निर्देश देते हुए प्रभावित हिस्से को भारी वाहनों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए तत्काल सुधारात्मक कार्य करने को कहा है। पुलिस अधीक्षक सिरमौर को पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम नाहन और पांवटा साहिब को भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी। गौर रहे कि बुधवार को भूस्खलन के चलते सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते एक लेन पर ही वाहनों की आवाजाही हो रही है।
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वाहन चालकों व ग्रामीणों बाबू राम, अशोक कुमार, नवदीप, संदीप कुमार आदि ने कालाअंब से पांवटा साहिब तक खनन सामग्री से लदे मल्टी एक्सल ट्रालों पर स्थायी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि खजूरना पुल से शक्तिनगर तक चढ़ाई वाले हिस्से में इन ट्रालों के फंसने और पलटने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। ओवरलोड ट्राले सड़क पर कहीं भी पलटकर बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। लोगों ने कहा कि यह केवल ट्रालों का मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जान का सवाल है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस एनएच पर कालाअंब से पांवटा साहिब तक इन ट्रालों पर जन सुरक्षा को देखते हुए स्थायी प्रतिबंध लगाया जाए।
अगस्त में तीन बार थमा हाईवे, हर बार 5 से 6 घंटे लगा जाम
कालाअंब से पांवटा साहिब तक यह हाईवे भारी वाहनों में ओवरलोडिंग के कारण पहले भी कई बार यातायात के लिए मुसीबत बन चुका है। अगस्त में खनन सामग्री से लदे मल्टी एक्सल ट्रालों के कारण यह हाईवे तीन बार ठप हुआ। हर बार करीब पांच से छह घंटे तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई। ट्रालों के फंसने या दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगती रहीं। पांवटा साहिब से कालाअंब तक आए दिन खनन सामग्री से लदे ट्रालों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं सामने आती हैं। ओवरलोडिंग के कारण ये भारी-भरकम वाहन कभी चढ़ाई पर हांफते हुए फंस जाते हैं तो कभी अचानक सड़क पर पलट जाते हैं।