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Sirmour News: डीजल पर वैट बढ़ोतरी की तो टूटेगी निजी बस व्यवसाय की कमर
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डीजल पर वैट बढ़ोतरी की तो टूटेगी निजी बस व्यवसाय की कमर
प्रदेश सरकार के इस फैसले से निजी बस ऑपरेटर्स का व्यवसाय होगा खत्म : बलविंद्र सिंह
कहा, निगम की बसों में महिलाओं को 50 फीसदी किराए छूट से भी प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। प्रदेश सरकार की ओर से डीजल पर वैट बढ़ोतरी की तैयारियों से निजी बस ऑपरेटर्स चिंतित नजर आने लगे हैं। उन्हें अपना व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित होता नजर आ हहा है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद अब तक दो बार डीजल वैट में कुल 6 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। अब अगर विषम आर्थिक स्थिति में बढ़ोतरी की गई तो व्यवसाय ठप होने के कगार पर पहुंचेगा। सिरमौर निजी बस ऑपरेटर्स संघ अध्यक्ष बलबिंद्र सिंह व महासचिव अखिल शर्मा ने खास बातचीत में ये बात कही।
निजी बस ऑपरेटर पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में जब से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को 50 फीसदी किराये में छूट दी जा रही है, तब से निजी बस ऑपरेटर का व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित है। प्रदेश में लंबी दूरी पर चल रही बसों में कम सवारियां बैठ रहीं हैं। पहले ही कई तरह के टैक्स, कलपुर्जों के महंगे होने से दिक्कतें आती रहीं हैं। वर्तमान सरकार ने दो बार तीन-तीन रुपये डीजल पर वैट बढ़ोतरी अब तक की है। अब वैट में किसी तरह की बढ़ौतरी निजी बस ऑपरेटरों के व्यवसाय की कमर तोड़ कर रख देगी।
निजी बस ऑपरेटर संघ सिरमौर के अध्यक्ष बलबिंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार एक समान नियम लागू करें। अगर सरकार पथ परिवहन निगम में किराये पर छूट पर 170 करोड़ देती है तो उतना ही लाभ प्रदेश के निजी बस ऑपरेटरों को भी मिलना चाहिए। प्रदेश सरकार से मांग रखी जाती रही है कि निजी बस ऑपरेटरों से सौतेला व्यवहार नहीं किया जाए। प्रदेश सरकार न्यूनतम किराया 15 रुपये प्रदेश में तय करे।
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13 अक्तूबर 2023 को उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जो निर्णय लिए थे, उनको तुरंत लागू किया जाए जिससे प्रदेश में निजी बस ऑपरेटरों के व्यवसाय को बचाया जा सके। अगर प्रदेश सरकार डीजल पर वैट बढ़ौतरी को थोपती है तो प्रदेश निजी बस ऑपरेटर्स के साथ मिलकर सड़कों पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
संवाद
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प्रदेश सरकार के इस फैसले से निजी बस ऑपरेटर्स का व्यवसाय होगा खत्म : बलविंद्र सिंह
कहा, निगम की बसों में महिलाओं को 50 फीसदी किराए छूट से भी प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। प्रदेश सरकार की ओर से डीजल पर वैट बढ़ोतरी की तैयारियों से निजी बस ऑपरेटर्स चिंतित नजर आने लगे हैं। उन्हें अपना व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित होता नजर आ हहा है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद अब तक दो बार डीजल वैट में कुल 6 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। अब अगर विषम आर्थिक स्थिति में बढ़ोतरी की गई तो व्यवसाय ठप होने के कगार पर पहुंचेगा। सिरमौर निजी बस ऑपरेटर्स संघ अध्यक्ष बलबिंद्र सिंह व महासचिव अखिल शर्मा ने खास बातचीत में ये बात कही।
निजी बस ऑपरेटर पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में जब से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को 50 फीसदी किराये में छूट दी जा रही है, तब से निजी बस ऑपरेटर का व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित है। प्रदेश में लंबी दूरी पर चल रही बसों में कम सवारियां बैठ रहीं हैं। पहले ही कई तरह के टैक्स, कलपुर्जों के महंगे होने से दिक्कतें आती रहीं हैं। वर्तमान सरकार ने दो बार तीन-तीन रुपये डीजल पर वैट बढ़ोतरी अब तक की है। अब वैट में किसी तरह की बढ़ौतरी निजी बस ऑपरेटरों के व्यवसाय की कमर तोड़ कर रख देगी।
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निजी बस ऑपरेटर संघ सिरमौर के अध्यक्ष बलबिंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार एक समान नियम लागू करें। अगर सरकार पथ परिवहन निगम में किराये पर छूट पर 170 करोड़ देती है तो उतना ही लाभ प्रदेश के निजी बस ऑपरेटरों को भी मिलना चाहिए। प्रदेश सरकार से मांग रखी जाती रही है कि निजी बस ऑपरेटरों से सौतेला व्यवहार नहीं किया जाए। प्रदेश सरकार न्यूनतम किराया 15 रुपये प्रदेश में तय करे।
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13 अक्तूबर 2023 को उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जो निर्णय लिए थे, उनको तुरंत लागू किया जाए जिससे प्रदेश में निजी बस ऑपरेटरों के व्यवसाय को बचाया जा सके। अगर प्रदेश सरकार डीजल पर वैट बढ़ौतरी को थोपती है तो प्रदेश निजी बस ऑपरेटर्स के साथ मिलकर सड़कों पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
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