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Sirmour News: पहाड़ों को थामने की तैयारी ,सिरमौर की तीन सड़कों पर भूस्खलन का होगा स्थायी समाधान
Sun, 18 Oct 2026 12:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Sun, 18 Oct 2026 12:56 AM IST
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नाहन-ददाहू सड़क पर नेहली के समीप बरसात में हुआ भारी भूस्खलन। फाइल फोटो
एक्सक्लूसिव
नाहन-ददाहू, शंभूवाला-मात्तरभेड़ों और सराहां-चंडीगढ़ मार्ग के संवेदनशील स्थानों का होगा तकनीकी अध्ययन
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश, बजट मिलते ही शुरू होंगे सुरक्षा कार्य
धर्म सिंह तोमर
नाहन (सिरमौर)। बरसात में भूस्खलन से बार-बार बंद होने वाली सिरमौर की तीन सड़कों पर अब स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। नाहन-ददाहू मार्ग के नेहली, शंभूवाला-मात्तरभेड़ों सड़क और हिमाचल-हरियाणा सीमा के समीप सराहां-चंडीगढ़ मार्ग के संवेदनशील हिस्सों का तकनीकी अध्ययन कर भूस्खलन रोकने के उपाय किए जाएंगे। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआर और बजट की स्वीकृति के बाद काम शुरू करने की योजना है।
इसके लिए करीब एक महीने पहले हिमाचल प्रदेश राजस्व विभाग के आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के तहत एसटीएमएफ की टीम ने सिरमौर के पांच संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया था। तकनीकी आकलन के बाद तीन स्थानों को प्राथमिकता दी गई है। चांदनी के समीप का स्थान भी निरीक्षण में शामिल था, लेकिन फिलहाल उसे प्राथमिकता नहीं मिली है। चयनित स्थानों पर पहाड़ी की स्थिति के अनुसार ढलान मजबूत करने, पानी की निकासी सुधारने और अन्य इंजीनियरिंग उपायों पर विचार किया जाएगा। अंतिम तकनीक डीपीआर तैयार होने के बाद तय होगी।
नेहली में एक सप्ताह बंद रहा मार्ग
नाहन-ददाहू मार्ग पर नेहली के समीप बरसात में भारी मलबा गिरने से सड़क करीब एक सप्ताह तक बंद रही थी। लोक निर्माण विभाग की मशीनरी लगातार बहाली में जुटी रही, लेकिन पहाड़ी से बार-बार मलबा गिरने के कारण दिक्कतें बनी रहीं। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। यहां बड़ी चट्टानों के खिसकने का खतरा भी बना हुआ है। स्थायी समाधान होने से बार-बार सड़क बंद होने की समस्या कम होने की उम्मीद है।
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दो अन्य सड़कों पर भी बरसात में परेशानी
शंभूवाला-मात्तरभेड़ों सड़क पर बरसात के दौरान मलबा गिरने से यातायात बाधित होता है। कई बार बस सेवा बंद होने से ग्रामीणों को पैदल सफर करना पड़ता है। फिसलन और मलबे के कारण छोटे वाहनों की आवाजाही भी जोखिम भरी हो जाती है। वहीं, सराहां-चंडीगढ़ मार्ग पर हिमाचल-हरियाणा सीमा के समीप भूस्खलन यात्रियों की सुरक्षा के लिए चुनौती बना रहता है। इन स्थानों पर अब केवल मलबा हटाकर सड़क बहाल करने के बजाय भूस्खलन के कारणों का समाधान तलाशने की तैयारी है। हालांकि, निर्माण कार्य डीपीआर, स्वीकृति और बजट उपलब्ध होने के बाद ही शुरू होगा।
कोट
हिमाचल प्रदेश राजस्व विभाग के आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के तहत सिरमौर में पांच संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया गया था। तकनीकी आकलन के बाद तीन स्थानों को चुना गया है। इनकी विस्तृत डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जाएगा। - अरविंद शर्मा, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग, सिरमौर
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नाहन-ददाहू, शंभूवाला-मात्तरभेड़ों और सराहां-चंडीगढ़ मार्ग के संवेदनशील स्थानों का होगा तकनीकी अध्ययन
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश, बजट मिलते ही शुरू होंगे सुरक्षा कार्य
धर्म सिंह तोमर
नाहन (सिरमौर)। बरसात में भूस्खलन से बार-बार बंद होने वाली सिरमौर की तीन सड़कों पर अब स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। नाहन-ददाहू मार्ग के नेहली, शंभूवाला-मात्तरभेड़ों सड़क और हिमाचल-हरियाणा सीमा के समीप सराहां-चंडीगढ़ मार्ग के संवेदनशील हिस्सों का तकनीकी अध्ययन कर भूस्खलन रोकने के उपाय किए जाएंगे। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआर और बजट की स्वीकृति के बाद काम शुरू करने की योजना है।
इसके लिए करीब एक महीने पहले हिमाचल प्रदेश राजस्व विभाग के आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के तहत एसटीएमएफ की टीम ने सिरमौर के पांच संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया था। तकनीकी आकलन के बाद तीन स्थानों को प्राथमिकता दी गई है। चांदनी के समीप का स्थान भी निरीक्षण में शामिल था, लेकिन फिलहाल उसे प्राथमिकता नहीं मिली है। चयनित स्थानों पर पहाड़ी की स्थिति के अनुसार ढलान मजबूत करने, पानी की निकासी सुधारने और अन्य इंजीनियरिंग उपायों पर विचार किया जाएगा। अंतिम तकनीक डीपीआर तैयार होने के बाद तय होगी।
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नेहली में एक सप्ताह बंद रहा मार्ग
नाहन-ददाहू मार्ग पर नेहली के समीप बरसात में भारी मलबा गिरने से सड़क करीब एक सप्ताह तक बंद रही थी। लोक निर्माण विभाग की मशीनरी लगातार बहाली में जुटी रही, लेकिन पहाड़ी से बार-बार मलबा गिरने के कारण दिक्कतें बनी रहीं। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। यहां बड़ी चट्टानों के खिसकने का खतरा भी बना हुआ है। स्थायी समाधान होने से बार-बार सड़क बंद होने की समस्या कम होने की उम्मीद है।
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दो अन्य सड़कों पर भी बरसात में परेशानी
शंभूवाला-मात्तरभेड़ों सड़क पर बरसात के दौरान मलबा गिरने से यातायात बाधित होता है। कई बार बस सेवा बंद होने से ग्रामीणों को पैदल सफर करना पड़ता है। फिसलन और मलबे के कारण छोटे वाहनों की आवाजाही भी जोखिम भरी हो जाती है। वहीं, सराहां-चंडीगढ़ मार्ग पर हिमाचल-हरियाणा सीमा के समीप भूस्खलन यात्रियों की सुरक्षा के लिए चुनौती बना रहता है। इन स्थानों पर अब केवल मलबा हटाकर सड़क बहाल करने के बजाय भूस्खलन के कारणों का समाधान तलाशने की तैयारी है। हालांकि, निर्माण कार्य डीपीआर, स्वीकृति और बजट उपलब्ध होने के बाद ही शुरू होगा।
कोट
हिमाचल प्रदेश राजस्व विभाग के आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के तहत सिरमौर में पांच संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया गया था। तकनीकी आकलन के बाद तीन स्थानों को चुना गया है। इनकी विस्तृत डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जाएगा। - अरविंद शर्मा, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग, सिरमौर