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Sirmour News: स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग से उत्पादन लागत घटाने के तरीके बताए
Sun, 18 Oct 2026 12:57 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Sun, 18 Oct 2026 12:57 AM IST
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कालाअंब में आयोजित स्मार्ट मेन्युफैक्चरिंग कार्यशाला में भाग लेते उद्यमी एवं अधिकारी। संवाद
कालाअंब में आयोजित कार्यशाला में 45 उद्यमियों ने लिया भाग
उद्योग 4.0, स्वचालन और डिजिटल सरकारी खरीद प्रणाली की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक इकाइयों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए शुक्रवार देर शाम कालाअंब में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। उद्योग विभाग के रैंप (आरएएमपी) कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यशाला में करीब 45 उद्यमियों और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला में उत्पादन प्रक्रिया में सुधार, लागत घटाने और डिजिटल सरकारी खरीद व्यवस्था से जुड़ने के तरीकों की जानकारी दी गई। जिला उद्योग केंद्र नाहन के प्रबंधक सुरेंद्र प्रकाश मुख्य अतिथि रहे। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब से एसडब्ल्यूसीए के ईआई मनीष मजटा ने भी भाग लिया। उन्होंने उद्यमियों से आधुनिक तकनीक और डिजिटल मंचों को अपनाने तथा कार्यशालाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
वक्ता कोविंद शर्मा ने उद्योग 4.0, स्वचालन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेने और उत्पादन लागत कम करने जैसे विषयों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों से उत्पादन प्रक्रिया में सुधार और संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।
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कार्यशाला में उद्यमियों ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल व्यावसायिक प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल पूछे। प्रश्नोत्तर सत्र में उनकी शंकाओं का समाधान किया गया। रैंप टीम ने प्रतिभागियों को तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन भी दिया। समापन पर उद्योग विभाग और रैंप टीम ने एमएसएमई इकाइयों की क्षमता बढ़ाने, तकनीकी उन्नयन को प्रोत्साहित करने और बाजार तक उनकी पहुंच मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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उद्योग 4.0, स्वचालन और डिजिटल सरकारी खरीद प्रणाली की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक इकाइयों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए शुक्रवार देर शाम कालाअंब में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। उद्योग विभाग के रैंप (आरएएमपी) कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यशाला में करीब 45 उद्यमियों और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला में उत्पादन प्रक्रिया में सुधार, लागत घटाने और डिजिटल सरकारी खरीद व्यवस्था से जुड़ने के तरीकों की जानकारी दी गई। जिला उद्योग केंद्र नाहन के प्रबंधक सुरेंद्र प्रकाश मुख्य अतिथि रहे। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब से एसडब्ल्यूसीए के ईआई मनीष मजटा ने भी भाग लिया। उन्होंने उद्यमियों से आधुनिक तकनीक और डिजिटल मंचों को अपनाने तथा कार्यशालाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
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वक्ता कोविंद शर्मा ने उद्योग 4.0, स्वचालन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेने और उत्पादन लागत कम करने जैसे विषयों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों से उत्पादन प्रक्रिया में सुधार और संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।
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कार्यशाला में उद्यमियों ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल व्यावसायिक प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल पूछे। प्रश्नोत्तर सत्र में उनकी शंकाओं का समाधान किया गया। रैंप टीम ने प्रतिभागियों को तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन भी दिया। समापन पर उद्योग विभाग और रैंप टीम ने एमएसएमई इकाइयों की क्षमता बढ़ाने, तकनीकी उन्नयन को प्रोत्साहित करने और बाजार तक उनकी पहुंच मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।