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Sirmour News: पीएम मोदी के लोकार्पित ऑक्सीजन प्लांट पर दो माह से ताला
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पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में दो माह से बंद आक्सीजन प्लांट। संवाद
पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में मरीजों की अटकी सांसें
1000 एलपीएम क्षमता का प्लांट खराब होने से सिलिंडरों के भरोसे व्यवस्था
डेढ़ करोड़ से लगा था प्लांट, चार साल में कंपनी ने नहीं की सर्विस-मेंटेनेंस
संजय कंवर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन संकट से निपटने के लिए पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में स्थापित किया गया ऑक्सीजन प्लांट अब खुद बदहाली का शिकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 7 अक्तूबर 2021 को वर्चुअल माध्यम से लोकार्पित 1000 एलपीएम क्षमता का यह प्लांट पिछले करीब दो माह से बंद पड़ा है। तकनीकी खराबी के चलते प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो रही है और अस्पताल प्रबंधन को दोबारा सिलिंडरों के सहारे मरीजों की सांसें संभालनी पड़ रही हैं।
करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से स्थापित इस प्लांट का उद्देश्य अस्पताल में मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन उपलब्ध करवाना था। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए केंद्र सरकार की योजना के तहत इसे स्थापित किया गया था। उस समय दावा किया गया था कि प्लांट शुरू होने के बाद पांवटा क्षेत्र के मरीजों को ऑक्सीजन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
सूत्रों के अनुसार प्लांट स्थापित होने के बाद पिछले करीब चार वर्षों में संबंधित कंपनी की ओर से इसकी नियमित सर्विस और मेंटेनेंस नहीं की गई। लगातार रखरखाव के अभाव में अब तकनीकी खराबी आने के बाद प्लांट करीब दो माह से बंद है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई सुविधा का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
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प्लांट बंद होने के कारण अस्पताल प्रबंधन को ऑक्सीजन सिलिंडरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन 800 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, जबकि करीब 100 मरीज भर्ती रहते हैं। सांस संबंधी बीमारी से जूझ रहे और गंभीर हालत वाले मरीजों के लिए ऑक्सीजन की निर्बाध उपलब्धता बेहद जरूरी है। ऐसे में प्लांट का लंबे समय से बंद रहना अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों सुनील कुमार, विशाल चौहान, दिनेश कुमार, कांता देवी, सुषमा, शिवानी और कृष्णा ने कहा कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया, लेकिन इसके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। समय पर सर्विस और मेंटेनेंस होती तो प्लांट आज बंद नहीं होता। उन्होंने सरकार से प्लांट को जल्द शुरू करवाने की मांग की।
एसएमओ डॉ. सुधी गुप्ता ने बताया कि प्लांट खराब होने की सूचना उच्च अधिकारियों और संबंधित कंपनी को दे दी गई है। जल्द ही तकनीकी खराबी दूर करवाकर प्लांट को चालू कर दिया जाएगा। संवाद-- -- -- -- -
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1000 एलपीएम क्षमता का प्लांट खराब होने से सिलिंडरों के भरोसे व्यवस्था
डेढ़ करोड़ से लगा था प्लांट, चार साल में कंपनी ने नहीं की सर्विस-मेंटेनेंस
संजय कंवर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन संकट से निपटने के लिए पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में स्थापित किया गया ऑक्सीजन प्लांट अब खुद बदहाली का शिकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 7 अक्तूबर 2021 को वर्चुअल माध्यम से लोकार्पित 1000 एलपीएम क्षमता का यह प्लांट पिछले करीब दो माह से बंद पड़ा है। तकनीकी खराबी के चलते प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो रही है और अस्पताल प्रबंधन को दोबारा सिलिंडरों के सहारे मरीजों की सांसें संभालनी पड़ रही हैं।
करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से स्थापित इस प्लांट का उद्देश्य अस्पताल में मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन उपलब्ध करवाना था। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए केंद्र सरकार की योजना के तहत इसे स्थापित किया गया था। उस समय दावा किया गया था कि प्लांट शुरू होने के बाद पांवटा क्षेत्र के मरीजों को ऑक्सीजन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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सूत्रों के अनुसार प्लांट स्थापित होने के बाद पिछले करीब चार वर्षों में संबंधित कंपनी की ओर से इसकी नियमित सर्विस और मेंटेनेंस नहीं की गई। लगातार रखरखाव के अभाव में अब तकनीकी खराबी आने के बाद प्लांट करीब दो माह से बंद है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई सुविधा का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
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प्लांट बंद होने के कारण अस्पताल प्रबंधन को ऑक्सीजन सिलिंडरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन 800 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, जबकि करीब 100 मरीज भर्ती रहते हैं। सांस संबंधी बीमारी से जूझ रहे और गंभीर हालत वाले मरीजों के लिए ऑक्सीजन की निर्बाध उपलब्धता बेहद जरूरी है। ऐसे में प्लांट का लंबे समय से बंद रहना अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों सुनील कुमार, विशाल चौहान, दिनेश कुमार, कांता देवी, सुषमा, शिवानी और कृष्णा ने कहा कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया, लेकिन इसके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। समय पर सर्विस और मेंटेनेंस होती तो प्लांट आज बंद नहीं होता। उन्होंने सरकार से प्लांट को जल्द शुरू करवाने की मांग की।
एसएमओ डॉ. सुधी गुप्ता ने बताया कि प्लांट खराब होने की सूचना उच्च अधिकारियों और संबंधित कंपनी को दे दी गई है। जल्द ही तकनीकी खराबी दूर करवाकर प्लांट को चालू कर दिया जाएगा। संवाद

पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में दो माह से बंद आक्सीजन प्लांट। संवाद