फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kishau Dam Project: 2,092 people from eight villages in Shillai to be displaced; key agreement reached in Delh

किशाऊ बांध परियोजना: शिलाई के आठ गांवों के 2,092 लोग होंगे विस्थापित, दिल्ली में हुआ अहम समझौता

Wed, 16 Sep 2026 05:45 AM IST
Krishan Singh जगत सिंह तोमर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिलाई।
जगत सिंह तोमर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिलाई। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 16 Sep 2026 05:45 AM IST
सार

 ऊपरी यमुना बेसिन में टोंस नदी पर प्रस्तावित 660 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना से किशाऊ कॉरपोरेशन के आंकड़ों के अनुसार हिमाचल के आठ गांवों के 2,092 और उत्तराखंड के नौ गांवों के 3,406 लोगों के पुनर्वास की आवश्यकता होगी।

विज्ञापन
Kishau Dam Project: 2,092 people from eight villages in Shillai to be displaced; key agreement reached in Delh
यहां प्रस्तावित है किशाऊ बांध परियोजना। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर प्रस्तावित बहुउद्देशीय किशाऊ बांध परियोजना को लेकर मंगलवार को दिल्ली में अहम समझौता हुआ। ऊपरी यमुना बेसिन में टोंस नदी पर प्रस्तावित 660 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना से किशाऊ कॉरपोरेशन के आंकड़ों के अनुसार हिमाचल के आठ गांवों के 2,092 और उत्तराखंड के नौ गांवों के 3,406 लोगों के पुनर्वास की आवश्यकता होगी। किशाऊ परियोजना टोंस नदी पर प्रस्तावित है, जो यमुना की प्रमुख सहायक नदी है और हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा बनाती है। परियोजना का उद्देश्य छह राज्यों में सिंचाई, पेयजल और जल प्रबंधन को मजबूत करने के साथ जलविद्युत उत्पादन बढ़ाना है।

विज्ञापन


परियोजना के तहत 1,324 मिलियन घन मीटर लाइव स्टोरेज क्षमता और 660 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन का प्रावधान है।परियोजना से हिमाचल प्रदेश में करीब 1,498 हेक्टेयर और उत्तराखंड में 1,452 हेक्टेयर, यानी कुल 2,950 हेक्टेयर क्षेत्र के जलमग्न होने का अनुमान है। परियोजना से सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र के मोहराड़, मशवाड़, कंड्यारी, नेरा, बड़ालानी, सियासु, थनाणा और धारवा गांव प्रभावित संभावित गांवों में शामिल हैं। परियोजना के कारण उत्तराखंड में करीब 81,300 पेड़, 631 लकड़ी के मकान, 171 पक्के मकान, आठ मंदिर, दो अस्पताल, सात प्राथमिक विद्यालय, दो माध्यमिक विद्यालय और एक इंटर कॉलेज भी प्रभावित क्षेत्र में आने का अनुमान है।
विज्ञापन


परियोजना के पूरा होने के बाद हिमाचल और उत्तराखंड को बिजली उत्पादन में हिस्सेदारी मिलेगी। परियोजना के मूल प्रस्ताव में 660 मेगावाट स्थापित क्षमता और करीब 1,379 मिलियन यूनिट वार्षिक ऊर्जा उत्पादन का प्रावधान है। इसके अलावा करीब 97,076 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने तथा पेयजल और औद्योगिक उपयोग के लिए जल उपलब्ध कराने की योजना है। परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विस्थापन का मुद्दा स्थानीय लोगों के लिए अहम बना हुआ है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed