{"_id":"6ac3a089792ce573f60ace98","slug":"now-the-wedding-ceremony-will-be-a-one-day-affair-in-khat-banog-of-shillai-area-nahan-news-c-177-1-nhn1002-190749-2026-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: शिलाई क्षेत्र के खत बनोग में अब एक दिन का होगा विवाह समारोह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: शिलाई क्षेत्र के खत बनोग में अब एक दिन का होगा विवाह समारोह
विज्ञापन
फिजूलखर्ची और दिखावे पर लगेगी लगाम, सामाजिक नियम तोड़ने पर कार्रवाई का प्रावधान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। विवाह समारोहों में बढ़ते खर्च और दिखावे को कम करने के लिए शिलाई क्षेत्र के खत बनोग में लोगों ने अहम निर्णय लिया है। अब क्षेत्र में विवाह समारोह केवल एक दिन का होगा। इस संबंध बैठक आयोजित कर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक की अध्यक्षता खत के नंबरदार चंदन सिंह और कांडो गांव के नंबरदार रतन सिंह चौहान ने की। निर्णय के अनुसार विवाह के दौरान मामा के स्वागत पर कोई विशेष कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। विवाह के दूसरे दिन आने वाले मेहमानों और गांव के टोलुवा के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यकता के अनुसार भोजन की व्यवस्था की जा सकेगी। विवाह के निमंत्रण पत्र में भी केवल एक दिन के कार्यक्रम का ही उल्लेख किया जाएगा।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि समाज की ओर से तय किए गए नियम सभी परिवारों के लिए अनिवार्य होंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सामाजिक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सामाजिक बहिष्कार का प्रावधान भी रखा गया है। बैठक में पूर्व में निर्धारित अन्य सामाजिक नियमों को यथावत रखने पर सहमति बनी।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि सामूहिक सहमति से लिया गया यह निर्णय विवाह समारोहों में होने वाली फिजूलखर्ची और दिखावे को कम करने में मदद करेगा। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ घटने के साथ सामाजिक परंपराओं को सादगी से निभाने की दिशा में भी पहल होगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। विवाह समारोहों में बढ़ते खर्च और दिखावे को कम करने के लिए शिलाई क्षेत्र के खत बनोग में लोगों ने अहम निर्णय लिया है। अब क्षेत्र में विवाह समारोह केवल एक दिन का होगा। इस संबंध बैठक आयोजित कर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक की अध्यक्षता खत के नंबरदार चंदन सिंह और कांडो गांव के नंबरदार रतन सिंह चौहान ने की। निर्णय के अनुसार विवाह के दौरान मामा के स्वागत पर कोई विशेष कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। विवाह के दूसरे दिन आने वाले मेहमानों और गांव के टोलुवा के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यकता के अनुसार भोजन की व्यवस्था की जा सकेगी। विवाह के निमंत्रण पत्र में भी केवल एक दिन के कार्यक्रम का ही उल्लेख किया जाएगा।
विज्ञापन
बैठक में स्पष्ट किया गया कि समाज की ओर से तय किए गए नियम सभी परिवारों के लिए अनिवार्य होंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सामाजिक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सामाजिक बहिष्कार का प्रावधान भी रखा गया है। बैठक में पूर्व में निर्धारित अन्य सामाजिक नियमों को यथावत रखने पर सहमति बनी।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि सामूहिक सहमति से लिया गया यह निर्णय विवाह समारोहों में होने वाली फिजूलखर्ची और दिखावे को कम करने में मदद करेगा। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ घटने के साथ सामाजिक परंपराओं को सादगी से निभाने की दिशा में भी पहल होगी।