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नाहन में दो माह से शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला/ नाहन (सिरमौर)
Updated Thu, 04 Feb 2016 07:12 PM IST
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डॉ. वाईएस परमार नाहन मेडिकल कॉलेज एवं क्षेत्रीय अस्तपाल नाहन में पिछले 65 दिनों से बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। अस्पताल के एममात्र बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम चतुर्वेदी 30 नवंबर 2015 को सेवानिवृत्त हो गए। उनसे पहले दूसरी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शूची अग्रवाल को पीजी करने के लिए प्रदेश से बाहर भेजा गया।
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ऐसे में रोजाना सैकड़ों बीमार बच्चों को अभिभावक अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों के अभिभावकों को कई बार घंटों कतार में खड़े होकर ओपीडी में अपने बच्चों को चेक करवाना पड़ रहा है। जिले की 228 पंचायतों से नाहन अस्पताल आने वाले गंभीर बीमार बच्चों के कई अभिभावक अस्पताल परिसर में बैठकर मायूस एवं गमगीन हालत में देखे गए हैं। दूरदराज के ग्रामीण बीमार बच्चों के परिजन तब और भी आहत होते हैं जब उन्हें नाहन अस्पताल में डॉक्टरों की सही जानकारी नहीं मिल पाती।
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अस्पताल में शिशु रोगी की ओपीडी आम दिनों में 150 से ऊपर पहुंच जाती है। सरकार और स्वास्थ्य निदेशालय बाल रोग विशेषज्ञ भेजने के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे। एक ओर राज्य सरकार ने नाहन अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा दे दिया है। दूसरी तरफ अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट तक नहीं है।
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इससे सिटी स्कैन के कई मामले यहां से बाहर और निजी अस्पतालों को रेफर किए जा रहे हैं। वीरवार को नाहन अस्पताल में इलाज करवाने आए रोगी जगत राम, रमेश कुमार, जंगवीर सिंह, कौंलावाला भूड़ निवासी रजनी, आरती, धगेड़ा निवासी पृथ्वी सिंह, शकुंतला देवी, ऊमा देवी, महीपुर निवासी उदय राम, निर्मला देवी सहित अन्य जगहों से आए तीमारदारों ने कहा कि शिशु रोग विशेषज्ञ एवं रेडियोलाजिस्ट नहीं होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महंगी दवा लिखने से परेशान ग्रामीण
- कई ग्रामीणों की शिकायत है कि नाहन अस्पताल के कुछ डॉक्टर महंगी दवा लिखते हैं। जबकि सरकार के आदेश है कि रोगियों को निशुल्क या बेहद कम कीमत की दवा लिखी जाए। नाहन अस्पताल में डॉक्टरों पर इसका कोई असर नहीं है।
डॉक्टरों के व्यवहार से आहत है रोगी-तीमारदार
- नाहन अस्पताल के कुछ डॉक्टरों के व्यवहार से रोगी-तीमारदार आहत हैं। सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण किसी डॉक्टर की शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटाते।
क्षेत्रीय अस्पताल नाहन में मौजूदा समय में बाल रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। अगर कोई डॉक्टर जबरन महंगी दवा लिखते हैं तो इसकी शिकायत सीधा सीएमओ कार्यालय में करें। रोगियों से अच्छा व्यवहार करने के निर्देश दिए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण रोगियों के बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- डॉ. संजय शर्मा, सीएमओ, नाहन