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Sirmour News: साल दर साल फीकी पड़ रही लोहड़ी की चमक

Mon, 13 Jan 2025 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jan 2025 11:58 PM IST
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no fire on lohri festival
नाहन में लोहड़ी पर्व को लेकर खरीदारी करते लोग। संवाद
सचित्र--
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साल दर साल फीकी पड़ रही लोहड़ी की चमक
पारंपरिक त्योहार पर मोबाइल और इंटरनेट की मार
नाहन में इक्का दुक्का जगह ही जलाई लोहड़ी, सिमटा पर्व
पंकज तन्हा
नाहन (सिमरौर)। पारंपरिक लोहड़ी पर्व की चमक साल-दर-साल फीकी पड़ती जा रही है। 21 सवीं सदी के इंटरनेट युग में लोहड़ी का पर्व हर तरह से फीका रहा। वहीं लोहड़ी पर्व पर शहर की गलियों, चौराहों, मोहल्लों में लकड़ियां जला कर नृत्य करने, सुंदर-मुंदरिए गाना गाने जैसे शानदार नजारे ओझल रहे। अधिकतर लोगों ने व्हाटसएप और फेसबुक के माध्यम से ही एक-दूसरे को लोहड़ी की बधाई दी, यह संख्या भी बहुत कम ही रही। शहर में एक आध जगह पर ही सोमवार को लोहड़ी जलाकर पर्व मनाया गया।
सनद् रहे कि एक दशक पूर्व तक शहर में लोहड़ी के पर्व को मनाने की तैयारियां एक पखवाड़े पहले ही शुरू हो जाया करती थीं। शहर की दुकानों पर जहां गजक, पापकोर्न, मूंगफली, रेवड़ी आदि के ढेर लग जाते थे वहीं बच्चे व युवा वर्ग कई दिन पहले से ही लोहड़ी पर आग जलाने के लिए लकड़ियां इकट्ठी करने लगते थे। वहीं अब लोहड़ी पर घर-घर जाकर लोहड़ी मांगने वाले बच्चे भी नहीं दिखाई दे रहे। मोहल्ले वालों का इकट्ठे होकर आग जलाना, एक-दूसरे को मिठाई बांटना, लोहड़ी गीत पर डांस करने का क्रेज भी अब पहले की अपेक्षा घट गया है।
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---बॉक्स के लिए
हर घर से ली जाती थी लकड़ी
पेंशनर संघ के प्रधान रामस्वरूप चौहान, पूर्व पार्षद दलीप सिंह वर्मा, समाजसेवी प्रदीप सहोत्रा आदि ने बताया कि पहले सभी मोहल्ले के लोग एक साथ लोहड़ी का त्योहार मनाते थे। इसके लिए बाकायदा हर घर से एक लकड़ी ली जाती थी जिसकी पूजा-अर्चना करने के बाद महिलाएं सुंदर-मुंदरिए का गीत गुनगुनाया करती थी। आज के दौर में यह प्रचलन न के बराबर रह गया है।
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महंगाई और नेट की मार त्योहार पर भारी
बाजारों में बढ़ रही महंगाई भी त्योहारों पर भारी पड़ रही है। मूंगफली, गजक, रेवड़ी के दाम आसमान छू रहे हैं। आय सीमित हो चुकी है। लोगों को दो रोटी का जुगाड़ करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में लोग त्योहारों पर होने वाले खर्च से कन्नी ही काट रहे हैं। वहीं इंटरनेट सुविधा ने जैसे युवा पीढ़ी को घरों तक ही सीमित कर दिया है।
----संवाद

नाहन में लोहड़ी पर्व को लेकर खरीदारी करते लोग। संवाद

नाहन में लोहड़ी पर्व को लेकर खरीदारी करते लोग। संवाद

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