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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   No consensus reached on the rate for soil excavation for the Renuka Dam; sixth round of meetings also inconclusive.

Sirmour News: रेणुका बांध के लिए मिट्टी उठाने के मूल्य पर नहीं बनी सहमति, छठे दौर की बैठक भी बेनतीजा

Tue, 25 Aug 2026 11:30 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2026 11:30 PM IST
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No consensus reached on the rate for soil excavation for the Renuka Dam; sixth round of meetings also inconclusive.
सुंदरघाट में बैठक के दौरान मौजूद रेणुका बांध प्रबंधन व भूस्वामी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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संगड़ाह(सिरमौर)। श्री रेणुका बांध निर्माण के लिए निजी भूमि से मिट्टी उठाने और भूमि मालिकों को दिए जाने वाले मूल्य के निर्धारण के लिए बांध प्रबंधन और भूस्वामियों के बीच सुंदरघाट में छठे दौर की बैठक हुई। बैठक में क्षेत्र के पांच दर्जन से अधिक किसान और भूमि मालिक शामिल हुए। इस बीच दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी और बातचीत फिर बेनतीजा रही।
बैठक में बांध प्रबंधन के उप महाप्रबंधक (डीजीएम) दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रबंधन ने पहले मिट्टी उठाने के लिए 38,500 रुपये प्रति बीघा का मूल्य प्रस्तावित किया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सर्कल रेट के आधार पर यह राशि और कम बनती है। इसके बावजूद प्रबंधन किसानों के हित में प्रस्तावित राशि को बढ़ाकर 70 हजार रुपये प्रति बीघा करने पर विचार कर रहा है।
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समिति अध्यक्ष योगेंद्र कपिला, संतराम राणा, दीपराम शर्मा ने बांध प्रबंधन के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि समिति ने निजी भूमि से मिट्टी उठाने के लिए तीन लाख रुपये प्रति बीघा का मूल्य निर्धारित किया है। इससे कम राशि पर किसान जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं। भूस्वामियों ने कहा कि क्षेत्र में किसान नकदी फसलों और बागवानी से प्रति बीघा लाखों रुपये की आमदनी करते हैं।
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भूमि मालिकों का कहना है कि जमीन से मिट्टी उठाने के बाद उसकी उर्वरता काफी हद तक प्रभावित हो जाएगी। इसे दोबारा कृषि योग्य बनाने में कई वर्ष लग सकते हैं। ऐसे में बांध प्रबंधन की ओर से प्रस्तावित मुआवजा उचित नहीं है। उन्होंने प्रबंधन को अपने प्रस्ताव पर विचार करने के लिए करीब तीन सप्ताह का समय देने की बात कही।
बैठक में बांध के महाप्रबंधक अनूप शर्मा ने कहा कि श्री रेणुका बांध राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है। इसके निर्माण के लिए आवश्यक संसाधनों की जरूरत है। उन्होंने किसानों से परियोजना के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जमीन से मिट्टी उठाने के मूल्य का निर्धारण आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण माहौल में किया जाना चाहिए, ताकि बांध निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।

बैठक में डीजीएम फाइनेंस मनोज कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक प्रदीप मेहरा, कपिल दत्त शर्मा, भू-अर्जन कार्यालय शिमला से आए अधिकारी तथा संतराम राणा, दीपराम शर्मा, यशपाल राणा, वेदप्रकाश ठाकुर, चेतराम शर्मा, रविंद्र शर्मा सहित भूमि मालिक मौजूद रहे।
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