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Sirmour News: कालाअंब में ईएसआई अस्पताल जाने वाला रास्ता बना तालाब
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कालाअंब स्थित ईएसआई अस्पताल मार्ग पर हुआ जल भराव। संवाद
सचित्र-- -
कालाअंब में ईएसआई अस्पताल जाने वाला रास्ता बना तालाब
ईंट भट्ठा मालिक ने रोकी पानी की निकासी, मरीज और स्थानीय लोग झेल रहे परेशानी
खैरी और झिड़ीवाला के ग्रामीणों में उपजा भारी रोष
संजय गुप्ता
कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब स्थित ईएसआई अस्पताल को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर एक बार फिर जलभराव की समस्या गहरा गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण यह समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। इसको लेकर खैरी और झिड़ीवाला पंचायत के ग्रामीणों में प्रशासन और संबंधित विभागों के प्रति गहरा आक्रोश है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक त्रिलोकपुर सड़क से लगभग 500 मीटर दूर हरियाणा सीमा से सटे मार्ग पर एक ईंट भट्ठा स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि ईंट भट्ठा संचालक ने सड़क के लगभग 50 मीटर हिस्से की पानी की पारंपरिक निकासी को अवरुद्ध कर दिया है। वर्षों से पानी की निकासी उसी स्थान से होती आ रही थी, लेकिन अचानक इसे बंद करने से अस्पताल और दोनों गांवों को जोड़ने वाली इस सड़क पर गंदा पानी भर गया है।
हालांकि, करीब दो सप्ताह पहले हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था और अस्थायी तौर पर पानी निकासी की व्यवस्था की थी। वह प्रबंधन पर्याप्त नहीं साबित हुआ और जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है।
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खैरी गांव के ग्रामीणों में गुरनाम सिंह, पहल सिंह, सुषमा देवी, सुभाष चंद, लाल सिंह, बलजीत सिंह और झिड़ीवाला के सरपंच रामसरण, रोशन, नायब सिंह ने बताया कि जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सड़क पार करने में भारी दिक्कत हो रही है। वाहनों में कीचड़युक्त पानी घुस रहा है जिससे न केवल रखरखाव का खर्च बढ़ गया है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ी हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि न तो हिमाचल का प्रशासन और न ही हरियाणा के संबंधित विभाग इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर गंभीर हैं। दोनों राज्यों की सीमा पर स्थित होने के कारण यह समस्या और अधिक जटिल हो गई है। हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के कनिष्ठ अभियंता पंकज शर्मा ने बताया कि इस स्थान पर स्थायी समाधान के लिए सड़क किनारे पक्की नाली बनाने का प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को बजट स्वीकृति के लिए भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
वहीं, हरियाणा के नारायणगढ़ (अंबाला) स्थित लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दिनेश कुमार ने इस मुद्दे पर पल्ला झाड़ते हुए बताया कि यह मार्ग उनके विभागीय क्षेत्राधिकार में नहीं आता। उनके अधीन केवल हरियाणा क्षेत्र का डेरा-झिड़ीवाला मार्ग ही आता है। बहरहाल, जब तक बजट स्वीकृत नहीं होता और निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक ईएसआई अस्पताल जाने वाले रोगियों और दोनों गांवों के निवासियों को इसी समस्या से जूझना पड़ेगा। फिलहाल इस सवाल पर प्रश्नचिह्न बरकरार है कि इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक होता है।
-- -संवाद
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कालाअंब में ईएसआई अस्पताल जाने वाला रास्ता बना तालाब
ईंट भट्ठा मालिक ने रोकी पानी की निकासी, मरीज और स्थानीय लोग झेल रहे परेशानी
खैरी और झिड़ीवाला के ग्रामीणों में उपजा भारी रोष
संजय गुप्ता
कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब स्थित ईएसआई अस्पताल को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर एक बार फिर जलभराव की समस्या गहरा गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण यह समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। इसको लेकर खैरी और झिड़ीवाला पंचायत के ग्रामीणों में प्रशासन और संबंधित विभागों के प्रति गहरा आक्रोश है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक त्रिलोकपुर सड़क से लगभग 500 मीटर दूर हरियाणा सीमा से सटे मार्ग पर एक ईंट भट्ठा स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि ईंट भट्ठा संचालक ने सड़क के लगभग 50 मीटर हिस्से की पानी की पारंपरिक निकासी को अवरुद्ध कर दिया है। वर्षों से पानी की निकासी उसी स्थान से होती आ रही थी, लेकिन अचानक इसे बंद करने से अस्पताल और दोनों गांवों को जोड़ने वाली इस सड़क पर गंदा पानी भर गया है।
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हालांकि, करीब दो सप्ताह पहले हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था और अस्थायी तौर पर पानी निकासी की व्यवस्था की थी। वह प्रबंधन पर्याप्त नहीं साबित हुआ और जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है।
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खैरी गांव के ग्रामीणों में गुरनाम सिंह, पहल सिंह, सुषमा देवी, सुभाष चंद, लाल सिंह, बलजीत सिंह और झिड़ीवाला के सरपंच रामसरण, रोशन, नायब सिंह ने बताया कि जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सड़क पार करने में भारी दिक्कत हो रही है। वाहनों में कीचड़युक्त पानी घुस रहा है जिससे न केवल रखरखाव का खर्च बढ़ गया है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ी हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि न तो हिमाचल का प्रशासन और न ही हरियाणा के संबंधित विभाग इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर गंभीर हैं। दोनों राज्यों की सीमा पर स्थित होने के कारण यह समस्या और अधिक जटिल हो गई है। हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के कनिष्ठ अभियंता पंकज शर्मा ने बताया कि इस स्थान पर स्थायी समाधान के लिए सड़क किनारे पक्की नाली बनाने का प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को बजट स्वीकृति के लिए भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
वहीं, हरियाणा के नारायणगढ़ (अंबाला) स्थित लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दिनेश कुमार ने इस मुद्दे पर पल्ला झाड़ते हुए बताया कि यह मार्ग उनके विभागीय क्षेत्राधिकार में नहीं आता। उनके अधीन केवल हरियाणा क्षेत्र का डेरा-झिड़ीवाला मार्ग ही आता है। बहरहाल, जब तक बजट स्वीकृत नहीं होता और निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक ईएसआई अस्पताल जाने वाले रोगियों और दोनों गांवों के निवासियों को इसी समस्या से जूझना पड़ेगा। फिलहाल इस सवाल पर प्रश्नचिह्न बरकरार है कि इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक होता है।

कालाअंब स्थित ईएसआई अस्पताल मार्ग पर हुआ जल भराव। संवाद