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Sirmour News: कबीर के दोहों से गूंज उठा अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय
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अरिहंत स्कूल नाहन में कबीर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में छात्र को पुरस्कृत करती प्रधानाचार्य। स
सचित्र-
कबीर के दोहों से गूंज उठा अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय
कबीर जयंती पर स्कूल में आयोजित हुई दोहा गायन स्पर्धा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन(सिरमौर)। संत कबीर दास की 647वीं जयंती के उपलक्ष्य में अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय में दोहा गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें पहली से 5वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शारीरिक अध्यापिका अदिति ने प्राणायाम से इसका शुभारंभ किया। इसके बाद संस्कृत अध्यापक धर्मेंद्र दत्त ने कबीर के जीवन व उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला औैर कबीर के दोहे का गायन किया। इसके बाद दोहा गायन प्रतियोगिता हुई। इसमें विद्यार्थियों ने दोहों का उच्चारण करने के साथ-साथ उसके भावार्थ भी बताए।
प्रधानाचार्य एवं निदेशक दविंद्र के साहनी ने कहा कि महात्मा कबीर का पालन पोषण जुलाहे के परिवार में हुआ। वह कवि होने के साथ-साथ समाज सुधारक भी थे। उन्होंने छुआछूत, आडंबरों से रहित जीवन जीने के लिए समाज को प्रेरित किया। अंत में विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। स्कूल के चेयरमैन अनिल जैन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के अंदर नैतिक मूल्यों का विकास करते हैं।
-- -संवाद
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कबीर के दोहों से गूंज उठा अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय
कबीर जयंती पर स्कूल में आयोजित हुई दोहा गायन स्पर्धा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन(सिरमौर)। संत कबीर दास की 647वीं जयंती के उपलक्ष्य में अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय में दोहा गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें पहली से 5वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शारीरिक अध्यापिका अदिति ने प्राणायाम से इसका शुभारंभ किया। इसके बाद संस्कृत अध्यापक धर्मेंद्र दत्त ने कबीर के जीवन व उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला औैर कबीर के दोहे का गायन किया। इसके बाद दोहा गायन प्रतियोगिता हुई। इसमें विद्यार्थियों ने दोहों का उच्चारण करने के साथ-साथ उसके भावार्थ भी बताए।
प्रधानाचार्य एवं निदेशक दविंद्र के साहनी ने कहा कि महात्मा कबीर का पालन पोषण जुलाहे के परिवार में हुआ। वह कवि होने के साथ-साथ समाज सुधारक भी थे। उन्होंने छुआछूत, आडंबरों से रहित जीवन जीने के लिए समाज को प्रेरित किया। अंत में विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। स्कूल के चेयरमैन अनिल जैन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के अंदर नैतिक मूल्यों का विकास करते हैं।
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