{"_id":"68ff5e9465cb3c08c50b366a","slug":"jal-shakti-department-para-workers-meeting-in-ponta-nahan-news-c-177-1-ssml1030-163228-2025-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: कैबिनेट बैठक में नहीं हुई जलशक्ति विभाग के पैरा वर्कर्स के मुद्दों पर चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: कैबिनेट बैठक में नहीं हुई जलशक्ति विभाग के पैरा वर्कर्स के मुद्दों पर चर्चा
विज्ञापन
हिमाचल कर्मचारी संघर्ष मोर्चा जलशक्ति विभाग पांवटा मंडल की बैठक में भाग लेने पहुंचे सदस्य: संवा
पैरा वर्कर्स बोले, अब तक केवल आश्वासन मिले, मांग को लेकर शिमला में करेंगे रैली-प्रदर्शन
सरकार से खफा पैरा वर्कर्स ने पांवटा पार्क में आयोजित बैठक में लिया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी संघर्ष मोर्चा जलशक्ति विभाग पांवटा साहिब मंडल की बैठक यहां आयोजित हुई। बैठक में पैरा वर्कर्स के लिए पॉलिसी मुद्दे पर कैबिनेट बैठक में कोई चर्चा तक नहीं किए जाने से खफा हैं। पैरा कर्मचारी नाममात्र के मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। इस मानदेय से इतनी महंगाई में परिवार का गुजर बसर कर पाना कठिन हो रहा है। अब अपनी मांग को लेकर शिमला में रैली और धरना प्रदर्शन करेंगे।
जिला सिरमौर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष कुलदीप कुमार चौधरी और महासचिव रवि कुमार ने बताया कि कि पैरा वर्कर की पॉलिसी के मुद्दे पर 25 अक्तूूबर की मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होनी थी। इसमें पैरा वर्कर (मल्टी पर्पज फिटर व पंप ऑपरेटर) की पॉलिसी पर विचार, मानदेय में वृद्धि करने पर कोई चर्चा तक नहीं हुई है। इस बारे में जलशक्ति विभाग मंत्री और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था।
जिला अध्यक्ष ने बताया कि जलशक्ति विभाग में लगे पैरा-वर्कर को सम्मानजनक वेतन तक नहीं मिल रहा है। मल्टीपर्पज वर्कर्स को मात्र 5,500 और पंप ऑपरेटर और फिटर को 6,600 रुपये मानदेय मिल रहा है। ये मानदेय आज की महंगाई को देखते हुए न के बराबर है। कार्यरत समस्त पैरा वर्कर ने प्रदेश की सरकार से मांग उठाई थी कि पॉलिसी को 5 साल किया जाए। 5 साल पूरे होने के बाद उन्हें विभाग में नियमित किया जाए परंतु आज दिन तक जो भी पैरा वर्कर के मुद्दे थे, न ही कैबिनेट में लाए गए और न ही आश्वासन दिया गया। पैरा वर्कर के साथ हमेशा ही सौतेला व्यवहार किया गया है तथा हमेशा की तरह मजाक बन कर रह गए हैं।
विज्ञापन
पैरा वर्कर्स अब परेशान होकर मजबूरन शिमला में रैली और धरना प्रर्दशन करेंगे। अगर उनकी बात नहीं मानी जाती है तो भविष्य में हड़ताल भी करेंगे। इस दौरान जिला सिरमौर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
.....संवाद
विज्ञापन
सरकार से खफा पैरा वर्कर्स ने पांवटा पार्क में आयोजित बैठक में लिया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी संघर्ष मोर्चा जलशक्ति विभाग पांवटा साहिब मंडल की बैठक यहां आयोजित हुई। बैठक में पैरा वर्कर्स के लिए पॉलिसी मुद्दे पर कैबिनेट बैठक में कोई चर्चा तक नहीं किए जाने से खफा हैं। पैरा कर्मचारी नाममात्र के मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। इस मानदेय से इतनी महंगाई में परिवार का गुजर बसर कर पाना कठिन हो रहा है। अब अपनी मांग को लेकर शिमला में रैली और धरना प्रदर्शन करेंगे।
जिला सिरमौर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष कुलदीप कुमार चौधरी और महासचिव रवि कुमार ने बताया कि कि पैरा वर्कर की पॉलिसी के मुद्दे पर 25 अक्तूूबर की मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होनी थी। इसमें पैरा वर्कर (मल्टी पर्पज फिटर व पंप ऑपरेटर) की पॉलिसी पर विचार, मानदेय में वृद्धि करने पर कोई चर्चा तक नहीं हुई है। इस बारे में जलशक्ति विभाग मंत्री और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था।
विज्ञापन
जिला अध्यक्ष ने बताया कि जलशक्ति विभाग में लगे पैरा-वर्कर को सम्मानजनक वेतन तक नहीं मिल रहा है। मल्टीपर्पज वर्कर्स को मात्र 5,500 और पंप ऑपरेटर और फिटर को 6,600 रुपये मानदेय मिल रहा है। ये मानदेय आज की महंगाई को देखते हुए न के बराबर है। कार्यरत समस्त पैरा वर्कर ने प्रदेश की सरकार से मांग उठाई थी कि पॉलिसी को 5 साल किया जाए। 5 साल पूरे होने के बाद उन्हें विभाग में नियमित किया जाए परंतु आज दिन तक जो भी पैरा वर्कर के मुद्दे थे, न ही कैबिनेट में लाए गए और न ही आश्वासन दिया गया। पैरा वर्कर के साथ हमेशा ही सौतेला व्यवहार किया गया है तथा हमेशा की तरह मजाक बन कर रह गए हैं।
विज्ञापन
पैरा वर्कर्स अब परेशान होकर मजबूरन शिमला में रैली और धरना प्रर्दशन करेंगे। अगर उनकी बात नहीं मानी जाती है तो भविष्य में हड़ताल भी करेंगे। इस दौरान जिला सिरमौर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
.....संवाद