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Sirmour News: आधुनिक उपकरणों का असंतुलित प्रयोग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में बाधक
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नाहन कॉलेज में तीन दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम के समापन पर मौजूद कॉलेज स्टाफ व प्रथम वर्ष के विद्य
सचित्र--
आधुनिक उपकरणों का असंतुलित प्रयोग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में बाधक
आईक्यूएसी समन्वयक रीना चौहान ने छात्रों के लिए मोबाइल को बताया सबसे निकट शत्रु
नाहन में इंडक्शन कार्यक्रम में शैक्षणिक संरचना और अनुशासनात्मक व्यवस्था पर डाला प्रकाश
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन में बीए प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। इसमें बीए प्रथम वर्ष के 360 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक संरचना, अनुशासनात्मक व्यवस्था, सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों एवं छात्र हित में उपलब्ध संसाधनों से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलन से हुई। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की समन्वयक प्रो. रीना चौहान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. विभव कुमार शुक्ला का स्वागत किया और उपस्थित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की कार्यप्रणाली से परिचित कराया।
डॉ. देवराज, उप-प्राचार्य ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया और उन्हें महाविद्यालय में शैक्षणिक जीवन की सफलता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मानुशासन, सक्रिय सहभागिता और सतत प्रयास की अपेक्षा व्यक्त की।
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प्रो. रीना चौहान ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की परीक्षा प्रणाली, मेंटोर-मेंटी व्यवस्था, संपूर्ण कला संकाय से परिचित कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि महाविद्यालय की वेबसाइट पर पाठ्यक्रम, ई-सामग्री, महत्वपूर्ण सूचना, ई-संसाधन एवं अन्य आवश्यक लिंक्स उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने कहा कि बस पास फॉर्म में मेंटर के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे और तीन दिन तक का अवकाश भी मेंटर द्वारा स्वीकृत किया जाएगा।
महाविद्यालय की छात्राओं के लिए विश्राम कक्ष, कैंटीन, पुस्तकालय में पठन की सुविधा, इंडोर जिम्नेजियम, खुले रंगमंच, शैक्षिक भ्रमण, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा, विभिन्न इकाइयों एवं क्लबों जैसे एनएसएस, एनसीसी, इको क्लब, रेड रिबन क्लब, साहित्यिक समिति, खेलकूद, आंतरिक समिति, ई-न्यूज़लेटर और छात्रवृत्ति योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
प्रो. रीना चौहान ने मोबाइल फोन को विद्यार्थियों का सबसे निकट का शत्रु बताते हुए कहा कि आधुनिक उपकरणों का असंतुलित प्रयोग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में बाधक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य, उद्देश्य और जीवन मूल्यों को स्पष्ट रूप से निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर डॉ. उत्तमा पांडेय, डॉ. विवेक नेगी, डॉ. सरिता, डॉ. पंकज, डॉ. जगदीश चंद, प्रो. सुदेश, डॉ. रविकांत, डॉ. अनुप, डॉ. जगपाल, डॉ. जयचंद, प्रो. बारू राम, प्रो. नवदीप शाह, डॉ. वीना, डॉ. प्रियंका, प्रो. गोपाल भारद्वाज, डॉ. विनीत, प्रो. पंकज चांडक, प्रो. दिव्या, प्रो. रजत, प्रो. विनोद, प्रो. ट्विंकल, प्रो. दीपिका, डॉ. हिमेंद्र व सुरेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
-- -संवाद
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आधुनिक उपकरणों का असंतुलित प्रयोग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में बाधक
आईक्यूएसी समन्वयक रीना चौहान ने छात्रों के लिए मोबाइल को बताया सबसे निकट शत्रु
नाहन में इंडक्शन कार्यक्रम में शैक्षणिक संरचना और अनुशासनात्मक व्यवस्था पर डाला प्रकाश
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन में बीए प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। इसमें बीए प्रथम वर्ष के 360 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक संरचना, अनुशासनात्मक व्यवस्था, सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों एवं छात्र हित में उपलब्ध संसाधनों से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलन से हुई। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की समन्वयक प्रो. रीना चौहान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. विभव कुमार शुक्ला का स्वागत किया और उपस्थित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की कार्यप्रणाली से परिचित कराया।
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डॉ. देवराज, उप-प्राचार्य ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया और उन्हें महाविद्यालय में शैक्षणिक जीवन की सफलता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मानुशासन, सक्रिय सहभागिता और सतत प्रयास की अपेक्षा व्यक्त की।
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प्रो. रीना चौहान ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की परीक्षा प्रणाली, मेंटोर-मेंटी व्यवस्था, संपूर्ण कला संकाय से परिचित कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि महाविद्यालय की वेबसाइट पर पाठ्यक्रम, ई-सामग्री, महत्वपूर्ण सूचना, ई-संसाधन एवं अन्य आवश्यक लिंक्स उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने कहा कि बस पास फॉर्म में मेंटर के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे और तीन दिन तक का अवकाश भी मेंटर द्वारा स्वीकृत किया जाएगा।
महाविद्यालय की छात्राओं के लिए विश्राम कक्ष, कैंटीन, पुस्तकालय में पठन की सुविधा, इंडोर जिम्नेजियम, खुले रंगमंच, शैक्षिक भ्रमण, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा, विभिन्न इकाइयों एवं क्लबों जैसे एनएसएस, एनसीसी, इको क्लब, रेड रिबन क्लब, साहित्यिक समिति, खेलकूद, आंतरिक समिति, ई-न्यूज़लेटर और छात्रवृत्ति योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
प्रो. रीना चौहान ने मोबाइल फोन को विद्यार्थियों का सबसे निकट का शत्रु बताते हुए कहा कि आधुनिक उपकरणों का असंतुलित प्रयोग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में बाधक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य, उद्देश्य और जीवन मूल्यों को स्पष्ट रूप से निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर डॉ. उत्तमा पांडेय, डॉ. विवेक नेगी, डॉ. सरिता, डॉ. पंकज, डॉ. जगदीश चंद, प्रो. सुदेश, डॉ. रविकांत, डॉ. अनुप, डॉ. जगपाल, डॉ. जयचंद, प्रो. बारू राम, प्रो. नवदीप शाह, डॉ. वीना, डॉ. प्रियंका, प्रो. गोपाल भारद्वाज, डॉ. विनीत, प्रो. पंकज चांडक, प्रो. दिव्या, प्रो. रजत, प्रो. विनोद, प्रो. ट्विंकल, प्रो. दीपिका, डॉ. हिमेंद्र व सुरेश शर्मा आदि मौजूद रहे।