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मढ़ीघाट-सुल्तानपुर सड़क की खस्ताहालत पर चक्का जाम
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सराहां के समीप कांगरघाट में खस्ताहाल सड़क को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : NAHAN
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सराहां (सिरमौर)। मढ़ीघाट-सुल्तानपुर सड़क की खस्ताहालत और टारिंग कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर सोमवार को ग्रामीणों ने कांगरघाट में चक्का जाम कर दिया। करीब साढ़े तीन घंटे प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विभाग के पच्छाद मंडल के अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता के मौके पर पहुंचने के बाद माहौल शांत हो पाया।
ग्रामीणों का आरोप है कि 21 किलोमीटर सड़क की मेटलिंग और अन्य कार्यों के लिए साढ़े सात करोड़ की राशि खर्च की गई है यानि औसतन एक किलोमीटर पर 30 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। बावजूद इसके सड़क टूटी-फूटी हुई है।
बाग पशोग पंचायत के पूर्व प्रधान प्रकाश भाटिया, डिलमन पंचायत प्रधान विनोद कुमार, धरोटी पंचायत उपप्रधान अनूप कुमार, पदम देव, मदन स्वरूप, नरेश शर्मा, रामगोपाल, रामस्वरूप, रामगोपाल, ऋषिपाल और श्याम दत्त ने बताया कि इस मामले को पहले भी उठाया गया था। उस समय विधायक रीना कश्यप ने भी उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया था लेकिन कुछ नहीं हो पाया। लिहाजा लोगों को मजबूरन अपना कामकाज छोड़कर सोमवार को एकत्रित होना पड़ा।
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ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर लोक निर्माण विभाग की नींद अब भी नहीं टूटी तो न केवल हाईवे पर चक्का जाम जैसे कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा, बल्कि आने वाले चुनाव का बहिष्कार भी किया जाएगा।
गौरतलब हो कि दशकों के लंबे इंतजार के बाद ये सड़क बनी थी। पिछले साल सड़क पक्की की गई थी जो पूरी तरह उखड़ गई। इसी साल मई-जून में भी पैच वर्क का कार्य शुरू किया था। इसके बाद भी सड़क नहीं सुधरी। इसको लेकर ग्रामीणों ने सड़क पर एकत्रित होकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग पैच वर्क कर लीपापोती कर रहा था, जिसको लेकर ग्रामीणों ने रोष जताया।
ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी हालत में पैच वर्क कार्य नहीं होने देंगे क्योंकि सड़क पर जहां तहां एक-एक फीट गहरे गड्ढे पड़े हैं। अधिशासी अभियंता प्रेमदास नरवाल ने कहा कि समय-समय पर इस सड़क की नेशनल क्वालिटी मॉनिटर की टीम व स्टेट क्वालिटी मॉनिटरिंग टीम जांच करती रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी।
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ग्रामीणों का आरोप है कि 21 किलोमीटर सड़क की मेटलिंग और अन्य कार्यों के लिए साढ़े सात करोड़ की राशि खर्च की गई है यानि औसतन एक किलोमीटर पर 30 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। बावजूद इसके सड़क टूटी-फूटी हुई है।
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बाग पशोग पंचायत के पूर्व प्रधान प्रकाश भाटिया, डिलमन पंचायत प्रधान विनोद कुमार, धरोटी पंचायत उपप्रधान अनूप कुमार, पदम देव, मदन स्वरूप, नरेश शर्मा, रामगोपाल, रामस्वरूप, रामगोपाल, ऋषिपाल और श्याम दत्त ने बताया कि इस मामले को पहले भी उठाया गया था। उस समय विधायक रीना कश्यप ने भी उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया था लेकिन कुछ नहीं हो पाया। लिहाजा लोगों को मजबूरन अपना कामकाज छोड़कर सोमवार को एकत्रित होना पड़ा।
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ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर लोक निर्माण विभाग की नींद अब भी नहीं टूटी तो न केवल हाईवे पर चक्का जाम जैसे कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा, बल्कि आने वाले चुनाव का बहिष्कार भी किया जाएगा।
गौरतलब हो कि दशकों के लंबे इंतजार के बाद ये सड़क बनी थी। पिछले साल सड़क पक्की की गई थी जो पूरी तरह उखड़ गई। इसी साल मई-जून में भी पैच वर्क का कार्य शुरू किया था। इसके बाद भी सड़क नहीं सुधरी। इसको लेकर ग्रामीणों ने सड़क पर एकत्रित होकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग पैच वर्क कर लीपापोती कर रहा था, जिसको लेकर ग्रामीणों ने रोष जताया।
ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी हालत में पैच वर्क कार्य नहीं होने देंगे क्योंकि सड़क पर जहां तहां एक-एक फीट गहरे गड्ढे पड़े हैं। अधिशासी अभियंता प्रेमदास नरवाल ने कहा कि समय-समय पर इस सड़क की नेशनल क्वालिटी मॉनिटर की टीम व स्टेट क्वालिटी मॉनिटरिंग टीम जांच करती रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी।