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विकास खंड पांवटा में 6.50 करोड़ के विकास कार्य प्रभावित
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। प्रदेश में जिला परिषद कैडर कर्मचारियों और अधिकारियों की कलम छोड़ हड़ताल आठवें दिन भी जारी रही। हड़ताल का सीधा असर अब पंचायतों की विकास गति पर नजर आने लगा है। पांवटा विकास खंड में ही करीब 6.50 करोड़ रुपये बजट के 950 योजना कार्य ठप पड़ गए हैं। सरकार ने शीघ्र कोई समाधान नहीं निकाला तो पंचायतों के विकास की गति पर ही गंभीर असर पड़ सकता है।
बता दें कि पिछले दो वर्षों में कोरोना महामारी से पंचायतों के विकास कार्य बुरी तरह से प्रभावित रहे हैं। अब कर्मचारियों और अधिकारियों के हड़ताल पर जाने से विकास की गति डगमगाने लगी है। पांवटा विकास खंड की 55 पंचायतों में मनरेगा के तहत वर्ष 2022-23 में कुल 4.55 करोड़ रुपये से 850 में से केवल 100 कार्य पूरे हो सके हैं। शेष 750 कार्य प्रगति पर है। इसमें संपर्क सड़कों, भूमि सुधार, जल संग्रहण टैंक, पौधरोपण और केंद्र सरकार की अमृत सरोवर में जलाशय जीर्णोद्घार कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
वहीं 15 वें वित्त आयोग योजना के करीब 1.50 करोड़ रुपये के बजट के 200 कार्य भी ठप हैं। इस योजना में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की योजनाओं के कार्य होने हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस तरल कचरा प्रबंधन कार्य भी प्रभावित हुआ है। पांवटा की सैनवाला, बद्रीपुर, बढ़ाना, डांडा, राजपुर, अंबोया, गोरखूवाला व छछेती पंचायतों में 36 लाख बजट खर्च हो रहा है, जिसमें ड्रेनेज, शौचालय, सोक पिटों का 90 फीसदी कार्य हो चुका है। इसका दस फीसदी शेष कार्य अब हड़ताल के चलते प्रभावित हो रहा है।
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इसके साथ ही पंचायतों से मिलने वाले विभिन्न प्रमाण पत्र भी नहीं बन पा रहे हैं। खंड विकास अधिकारी पांवटा साहिब रवि प्रकाश जोशी और पंचायत निरीक्षक राजेंद्र मणी ने कहा कि मनरेगा, 15वें वित्त आयोग और स्वच्छ भारत मिशन समेत विभिन्न योजनाओं के सैकड़ों विकास कार्य प्रगति पर हैं। जिला परिषद कैडर कर्मचारियों और अधिकारी एक सप्ताह से हड़ताल पर हैं। इसके चलते सैकड़ों विकास योजनाओं पर असर पड़ रहा है।
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बता दें कि पिछले दो वर्षों में कोरोना महामारी से पंचायतों के विकास कार्य बुरी तरह से प्रभावित रहे हैं। अब कर्मचारियों और अधिकारियों के हड़ताल पर जाने से विकास की गति डगमगाने लगी है। पांवटा विकास खंड की 55 पंचायतों में मनरेगा के तहत वर्ष 2022-23 में कुल 4.55 करोड़ रुपये से 850 में से केवल 100 कार्य पूरे हो सके हैं। शेष 750 कार्य प्रगति पर है। इसमें संपर्क सड़कों, भूमि सुधार, जल संग्रहण टैंक, पौधरोपण और केंद्र सरकार की अमृत सरोवर में जलाशय जीर्णोद्घार कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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वहीं 15 वें वित्त आयोग योजना के करीब 1.50 करोड़ रुपये के बजट के 200 कार्य भी ठप हैं। इस योजना में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की योजनाओं के कार्य होने हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस तरल कचरा प्रबंधन कार्य भी प्रभावित हुआ है। पांवटा की सैनवाला, बद्रीपुर, बढ़ाना, डांडा, राजपुर, अंबोया, गोरखूवाला व छछेती पंचायतों में 36 लाख बजट खर्च हो रहा है, जिसमें ड्रेनेज, शौचालय, सोक पिटों का 90 फीसदी कार्य हो चुका है। इसका दस फीसदी शेष कार्य अब हड़ताल के चलते प्रभावित हो रहा है।
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इसके साथ ही पंचायतों से मिलने वाले विभिन्न प्रमाण पत्र भी नहीं बन पा रहे हैं। खंड विकास अधिकारी पांवटा साहिब रवि प्रकाश जोशी और पंचायत निरीक्षक राजेंद्र मणी ने कहा कि मनरेगा, 15वें वित्त आयोग और स्वच्छ भारत मिशन समेत विभिन्न योजनाओं के सैकड़ों विकास कार्य प्रगति पर हैं। जिला परिषद कैडर कर्मचारियों और अधिकारी एक सप्ताह से हड़ताल पर हैं। इसके चलते सैकड़ों विकास योजनाओं पर असर पड़ रहा है।