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मेडिकल कॉलेज नाहन ने पहले बैच से सूबे को मिले 98 डॉक्टर
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नाहन (सिरमौर)। डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में बैठे पहले बैच से प्रदेश को 98 चिकित्सक मिले हैं। ये चिकित्सक एक वर्ष की इंटर्नशिप के बाद सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। वर्ष 2016 में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद यहां एमबीबीएस के 100 प्रशिक्षुओं का पहला बैच बैठा था। मई 2022 में पहले बैच ने एमबीबीएस की अपनी पढ़ाई पूरी की। सभी चिकित्सकों ने एक वर्ष की इंटर्नशिप भी पूरी कर ली है। सितंबर 2016 में 100 प्रशिक्षुओं ने पहले बैच में प्रवेश लिया था। इनमें दो प्रशिक्षुओं ने किसी कारणवश बीच में प्रशिक्षण छोड़ दिया था। मेडिकल कॉलेज नाहन में दूसरे बैच में एबीबीएस सीटें 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल नाहन का 2016 में उन्नयन कर इसे मेडिकल कॉलेज बनाया गया। इसके बाद प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार के नाम पर मेडिकल कॉलेज का नामकरण किया गया। मेडिकल कॉलेज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध और भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) की ओर से अनुमोदित है। कॉलेज भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। मेडिकल के प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण चल रहा है, जबकि अस्पताल भवन का निर्माण होना बाकी है।
मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. श्यामलाल कौशिश ने बताया कि पहले बैच के प्रशिक्षुओं ने एमबीबीएस का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। वर्ष 2016 में शुरू हुए मेडिकल कॉलेज ने 98 चिकित्सक तैयार किए हैं। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का नया भवन तैयार होने से सुविधाएं और सुदृढ़ होंगी। संवाद
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क्षेत्रीय अस्पताल नाहन का 2016 में उन्नयन कर इसे मेडिकल कॉलेज बनाया गया। इसके बाद प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार के नाम पर मेडिकल कॉलेज का नामकरण किया गया। मेडिकल कॉलेज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध और भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) की ओर से अनुमोदित है। कॉलेज भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। मेडिकल के प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण चल रहा है, जबकि अस्पताल भवन का निर्माण होना बाकी है।
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मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. श्यामलाल कौशिश ने बताया कि पहले बैच के प्रशिक्षुओं ने एमबीबीएस का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। वर्ष 2016 में शुरू हुए मेडिकल कॉलेज ने 98 चिकित्सक तैयार किए हैं। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का नया भवन तैयार होने से सुविधाएं और सुदृढ़ होंगी। संवाद
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