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घंडूरी में फैला पीलिया, दर्जनभर बच्चे चपेट में आए
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नौहराधार (सिरमौर)। नौहराधार तहसील के घंडूरी में पीलिया फैल गया है। बीते रविवार क्षेत्र के करीब दर्जनभर बच्चे पीलिया की चपेट में आ गए। बीमार बीच्चों को पहले उल्टी की शिकायत हुई। इसके बाद बच्चों को पीलिया ने जकड़ लिया। लोगों ने आशंका जताई कि बच्चे दूषित पानी पीने से बीमारी की चपेट में आए हैं। इसके बाद जलशक्ति विभाग ने मौके पर पहुंचकर पेयजल टैंक से सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे।
जानकारी के अनुसार रविवार को घंडूरी में एक साथ राजेंद्र, वीरेंद्र, सुरेंद्र, अनिल ठाकुर आदि के बच्चों को पेट दर्द और उल्टियां लगीं। इसके बाद बच्चे पीलिया की चपेट में आ गए। हालांकि, परिजनों ने बच्चों को झाडफ़ूंक कराया। जब आराम नहीं हुआ तो बच्चों को सीएचसी नौहराधार लाया गया था, जहां से चार को सोलन रेफर किया गया। जबकि, सीएचसी नौहराधार में प्राथमिक उपचार के बाद कुछ बच्चे ठीक हो गए। बीते सोमवार विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पानी का सैंपल लिया गया। विभाग ने हर पेयजल स्रोत में ब्लीचिंग पाउडर डाला।
उधर, राजेश ठाकुर और सुरेंद्र ने जारी बयान में कहा कि घंडूरी में पेयजल स्टोर टैंक में दूषित पानी होने के चलते यह बीमारी पनपी है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बने स्टोर टैंकों में न तो समय पर ब्लीचिंग पाउडर डाला जाता है और न ही स्टोर टैंकों और सोर्स टैंक को साफ किया जाता है। इसके चलते तमाम तरह की गंदगी पेयजल में मिलकर नलों से निकलती है। उन्होंने विभाग से मांग की कि समय-समय पर आकर टैंक को साफ करें। समय-समय पर टैंकों में ब्लीचिंग पाउडर डाला जाए।
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उधर, सीएचसी नौहराधार एमओ डॉ. सौरव शांडिल ने क्षेत्र के लोगों से बरसात के मौसम में उबाल कर पानी पीने की सलाह दी है। जल शक्ति मंडल नौहराधार के सहायक अभियंता वीके गौतम ने बताया कि घंडूरी में पिछले सप्ताह टैंकों की सफाई की है। पानी साफ है। सोमवार को दोबारा सैंपल के लिए पानी लैब भेज दिया है। ब्लीचिंग पाउडर सभी स्टोर टैंकों में समय पर डाला जा रहा है। बरसात के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है।
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जानकारी के अनुसार रविवार को घंडूरी में एक साथ राजेंद्र, वीरेंद्र, सुरेंद्र, अनिल ठाकुर आदि के बच्चों को पेट दर्द और उल्टियां लगीं। इसके बाद बच्चे पीलिया की चपेट में आ गए। हालांकि, परिजनों ने बच्चों को झाडफ़ूंक कराया। जब आराम नहीं हुआ तो बच्चों को सीएचसी नौहराधार लाया गया था, जहां से चार को सोलन रेफर किया गया। जबकि, सीएचसी नौहराधार में प्राथमिक उपचार के बाद कुछ बच्चे ठीक हो गए। बीते सोमवार विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पानी का सैंपल लिया गया। विभाग ने हर पेयजल स्रोत में ब्लीचिंग पाउडर डाला।
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उधर, राजेश ठाकुर और सुरेंद्र ने जारी बयान में कहा कि घंडूरी में पेयजल स्टोर टैंक में दूषित पानी होने के चलते यह बीमारी पनपी है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बने स्टोर टैंकों में न तो समय पर ब्लीचिंग पाउडर डाला जाता है और न ही स्टोर टैंकों और सोर्स टैंक को साफ किया जाता है। इसके चलते तमाम तरह की गंदगी पेयजल में मिलकर नलों से निकलती है। उन्होंने विभाग से मांग की कि समय-समय पर आकर टैंक को साफ करें। समय-समय पर टैंकों में ब्लीचिंग पाउडर डाला जाए।
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उधर, सीएचसी नौहराधार एमओ डॉ. सौरव शांडिल ने क्षेत्र के लोगों से बरसात के मौसम में उबाल कर पानी पीने की सलाह दी है। जल शक्ति मंडल नौहराधार के सहायक अभियंता वीके गौतम ने बताया कि घंडूरी में पिछले सप्ताह टैंकों की सफाई की है। पानी साफ है। सोमवार को दोबारा सैंपल के लिए पानी लैब भेज दिया है। ब्लीचिंग पाउडर सभी स्टोर टैंकों में समय पर डाला जा रहा है। बरसात के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है।