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वन तस्करी के एक दर्जन मामले विभाग ने किए हैं दर्ज

Fri, 19 Feb 2016 06:56 PM IST
Updated Fri, 19 Feb 2016 06:56 PM IST
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forest department file tweleve fir

जिला सिरमौर में वन तस्करी के कुछ मामले सामने आए हैं। पिछले एक साल में अवैध कटान कर स्लीपर ले जाने, प्रतिबंधित फर्न घास एवं वन क्षेत्र से खनन माफियाओं की ओर से पत्थर, बजरी एवं रेत उठाने के एक दर्जन मामले वन विभाग ने दर्ज किए हैं।

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हालांकि इस दौरान नाहन वन डिविजन में कोई मामला सामने नहीं आया है।  
हाल ही में संगड़ाह वन क्षेत्र में अज्ञात लोगों ने देवदार के 6 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई और कुछ डाटों को जंगल में छिपाकर रखा हुआ था। वन विभाग ने इसकी रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करवाते हुए करीब 6.50 लाख की क्षति दर्शाई गई। राजगढ़ के नेरीपुल और हाब्बन क्षेत्र में प्रतिबंधित सजावटी पौधे फर्न सहित चार जीपें वन विभाग ने नाके के दौरान पकड़ी और फर्न की तस्करी करने वालों पर जुर्माना ठोका। फर्न गुलदस्तों में सजावट के काम आता है जिसे प्रदेश सरकार ने प्रतिबंधित किया हुआ है।
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इसके अलावा कालाअंब, शिलाई, पच्छाद एवं पांवटा में वन भूमि पर अवैध खनन के आधा दर्जन मामले विभाग ने दर्ज कर खनन करने वालों पर कार्रवाई भी की है।
उधर डीएफओ नाहन निशांत मंढोत्रा ने 1 अप्रैल 2015 से अभी तक वन डिविजन नाहन में वन तस्करी का कोई मामला सामने नहीं आया है।
जिले में जहां भी वन तस्करी की सूचना मिलती है विभाग त्वरित कार्रवाई करते हुए तस्करों की धरपकड़ भी करता है। यदि आवश्यक हुआ तो पुलिस में मुकदमा भी दर्ज किया जाता है। जिले के अन्य डिविजनों में वन तस्करी के कुछ मामले दर्ज हुए हैं।
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वन विभाग की टीम को कुचलने का किया था प्रयास
23 जून 2014 को सतौन के समीप कांटी मश्वा के ढाब पीपली में वन विभाग की टीम को खनन माफियाओं ने कुचलने का प्रयास किया। कर्मचारियों ने भाग कर जान बचाई। तत्कालीन आरओ कफोटा रामचंद्र ने बताया था कि विभाग ने अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ मानल के समीप नाका लगाया था ताकि खनन माफियाओं को धर दबोचा जाए लेकिन नाके के दौरान चूना पत्थर लेकर आ रहे एक टिप्पर नंबर एचपी-17-7457 को जैसे ही रोकने का प्रयास किया गया तो टिप्पर चालक ने गाड़ी रोकने की बजाए कर्मचारी की तरफ मोड़ दी। कर्मचारियों ने इधर-उधर छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। जबकि टिप्पर चालक मौके से फरार होकर कुछ दूरी पर चूना पत्थर उतारकर चंपत हो गया। इसकी विभाग के अधिकारियों ने लिखित में पुलिस में शिकायत की थी। बाद में टिप्पर चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना किया गया।  
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