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Sirmour News: शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में कम और खस्ताहाल में फायर हाइड्रेंट
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पांवटा साहिब में नगर परिषद खेल मैदान में लगे फायर हाइड्रेंट। संवाद
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(ग्राउंड रिपोर्ट)
-11 वर्षों से फाइलों में दफन, औद्योगिक क्षेत्र और पांवटा साहिब शहरी क्षेत्र के लिए बनी योजना
-प्रस्तावित कुल 172 में से पांवटा साहिब शहरी क्षेत्र में लगने थे 32 फायर हाइड्रेंट
-शहर में दशकों पहले लगे आधा दर्जन में से 3 फायर हाइड्रेंट में ही पर्याप्त प्रेशर
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। फायर सीजन अप्रैल माह में शुरू हो जाता है। फायर सीजन के दौरान ही औद्योगिक क्षेत्र व पांवटा साहिब शहरी क्षेत्र में आग की घटनाओं में बढ़ोतरी होती है। इससे हर वर्ष करोड़ों की क्षति होती रही है। आग से निपटने के लिए दमकल विभाग टीम को तुरंत फायर हाइड्रेंट की जरूरत पड़ती है। शहर में दशकों पहले 6 फायर हाइड्रेंट लगे हैं। इसमें से तीन फायर हाइड्रेंट में उचित प्रेशर है। ऐसे में शहरी क्षेत्र में आग को बुझाने के इंतजाम नाकाफी रहते हैं। 11 वर्ष पहले बनी पांवटा साहिब शहरी व औद्योगिक क्षेत्रों के लिए फायर हाइड्रेंट लगाने की योजना कागजों में ही दफन होकर रह गई है।
बता दें कि पांवटा साहिब में औद्योगिक क्षेत्र गोंदपुर, रामपुरघाट, बातामंडी, राजबन, सतौन, गिरिपार के खोड़ोंवाला, बद्रीपुर, हीरपुर, सूरजपुर, पुरुवाला, किशनपुरा, केदारपुर, कुंजा मतरालियों से लेकर धौलाकुआं तक सैकड़ों छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रहीं हैं। हर वर्ष गर्मियों के सीजन में आग लगने से हर वर्ष करोड़ों की क्षति होती रही है।
11 वर्ष पहले दमकल विभाग ने एक योजना बनाई जिसके तहत करीब 172 फायर हाइड्रेंट लगाने के लिए स्थलों को चिह्नित किया गया। इसमें से शहरी क्षेत्र में 32 फायर हाइड्रेंट लगाए जाने प्रस्तावित रहे हैं। इसका प्राक्कलन तैयार कर फाइल मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार व जलशक्ति विभाग को भेजी गई है लेकिन आज दिन तक फाइल कहीं पर दफन होकर ही रह गई है।
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हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज पांवटा इकाई अध्यक्ष सतीश गोयल, महासचिव नवीन गर्ग, एनपीएस सहोता, हिमोत्कर्ष संस्था सिरमौर अध्यक्ष आरपी तिवारी, सुरजीत सिंह, जगमोहन सूर्या, भरत ठाकुर व मनिंदर सिंह ने बताया कि कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में फायर हाइड्रेंट लगे ही नहीं हैं। शहर में लगे दशकों पुराने हाइड्रेंट भी खस्ताहाल है। हर वर्ष मध्य अप्रैल माह से फायर सीजन शुरू हो जाता है। बेहतर फायर हाइड्रेंट नहीं होने या कम प्रेशर रहने पर आग की घटनाओं से निपटने की तैयारियां नाकाफी हैं। ऐसे में आगजनी से उचित ढंग से निपटने की तैयारियों को और पुख्ता करने की जरूरत है।
बाक्स...
दशकों पुराने कुछ फायर हाइड्रेंटों में प्रेशर कम : विनोद कुमार
- फायर आफिसर पांवटा साहिब विनोद कुमार ने कहा कि मंजूरी को भेजी योजना के तहत अभी फायर हाइड्रेंट नहीं लग सके हैं। पांवटा शहर में लगे दशकों पहले आधा दर्जन फायर हाइड्रेंट लगे हैं। इसमें तीन स्थलों गुरुद्वारा के समीप, मुख्य बाजार व जलशक्ति विभाग कार्यालय के समीप फायर हाइड्रेंट में ही पर्याप्त प्रेशर है।
- बाक्स...
नए फायर हाइड्रेंट लगाना प्रस्तावित : जितेंद्र ठाकुर
- जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता पांवटा साहिब जितेंद्र ठाकुर ने बताया कि नए फायर हाइड्रेंट लगाया जाना प्रस्तावित रहा है। अभी इसकी मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में लगे कुछ पुराने फायर हाइड्रेंटों की हालत सुधार दी गई है।
संवाद
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-11 वर्षों से फाइलों में दफन, औद्योगिक क्षेत्र और पांवटा साहिब शहरी क्षेत्र के लिए बनी योजना
-प्रस्तावित कुल 172 में से पांवटा साहिब शहरी क्षेत्र में लगने थे 32 फायर हाइड्रेंट
-शहर में दशकों पहले लगे आधा दर्जन में से 3 फायर हाइड्रेंट में ही पर्याप्त प्रेशर
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। फायर सीजन अप्रैल माह में शुरू हो जाता है। फायर सीजन के दौरान ही औद्योगिक क्षेत्र व पांवटा साहिब शहरी क्षेत्र में आग की घटनाओं में बढ़ोतरी होती है। इससे हर वर्ष करोड़ों की क्षति होती रही है। आग से निपटने के लिए दमकल विभाग टीम को तुरंत फायर हाइड्रेंट की जरूरत पड़ती है। शहर में दशकों पहले 6 फायर हाइड्रेंट लगे हैं। इसमें से तीन फायर हाइड्रेंट में उचित प्रेशर है। ऐसे में शहरी क्षेत्र में आग को बुझाने के इंतजाम नाकाफी रहते हैं। 11 वर्ष पहले बनी पांवटा साहिब शहरी व औद्योगिक क्षेत्रों के लिए फायर हाइड्रेंट लगाने की योजना कागजों में ही दफन होकर रह गई है।
बता दें कि पांवटा साहिब में औद्योगिक क्षेत्र गोंदपुर, रामपुरघाट, बातामंडी, राजबन, सतौन, गिरिपार के खोड़ोंवाला, बद्रीपुर, हीरपुर, सूरजपुर, पुरुवाला, किशनपुरा, केदारपुर, कुंजा मतरालियों से लेकर धौलाकुआं तक सैकड़ों छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रहीं हैं। हर वर्ष गर्मियों के सीजन में आग लगने से हर वर्ष करोड़ों की क्षति होती रही है।
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11 वर्ष पहले दमकल विभाग ने एक योजना बनाई जिसके तहत करीब 172 फायर हाइड्रेंट लगाने के लिए स्थलों को चिह्नित किया गया। इसमें से शहरी क्षेत्र में 32 फायर हाइड्रेंट लगाए जाने प्रस्तावित रहे हैं। इसका प्राक्कलन तैयार कर फाइल मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार व जलशक्ति विभाग को भेजी गई है लेकिन आज दिन तक फाइल कहीं पर दफन होकर ही रह गई है।
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हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज पांवटा इकाई अध्यक्ष सतीश गोयल, महासचिव नवीन गर्ग, एनपीएस सहोता, हिमोत्कर्ष संस्था सिरमौर अध्यक्ष आरपी तिवारी, सुरजीत सिंह, जगमोहन सूर्या, भरत ठाकुर व मनिंदर सिंह ने बताया कि कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में फायर हाइड्रेंट लगे ही नहीं हैं। शहर में लगे दशकों पुराने हाइड्रेंट भी खस्ताहाल है। हर वर्ष मध्य अप्रैल माह से फायर सीजन शुरू हो जाता है। बेहतर फायर हाइड्रेंट नहीं होने या कम प्रेशर रहने पर आग की घटनाओं से निपटने की तैयारियां नाकाफी हैं। ऐसे में आगजनी से उचित ढंग से निपटने की तैयारियों को और पुख्ता करने की जरूरत है।
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दशकों पुराने कुछ फायर हाइड्रेंटों में प्रेशर कम : विनोद कुमार
- फायर आफिसर पांवटा साहिब विनोद कुमार ने कहा कि मंजूरी को भेजी योजना के तहत अभी फायर हाइड्रेंट नहीं लग सके हैं। पांवटा शहर में लगे दशकों पहले आधा दर्जन फायर हाइड्रेंट लगे हैं। इसमें तीन स्थलों गुरुद्वारा के समीप, मुख्य बाजार व जलशक्ति विभाग कार्यालय के समीप फायर हाइड्रेंट में ही पर्याप्त प्रेशर है।
- बाक्स...
नए फायर हाइड्रेंट लगाना प्रस्तावित : जितेंद्र ठाकुर
- जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता पांवटा साहिब जितेंद्र ठाकुर ने बताया कि नए फायर हाइड्रेंट लगाया जाना प्रस्तावित रहा है। अभी इसकी मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में लगे कुछ पुराने फायर हाइड्रेंटों की हालत सुधार दी गई है।
संवाद
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