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कालाअंब इलाके में आर्थिक तंगी की मार झेल रहे हजारों प्रवासी कामगार

Mon, 11 May 2020 09:27 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2020 09:27 PM IST
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कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में हजारों प्रवासी कामगार आर्थिक तंगी का शिकार हो रहे हैं। उद्योगों को चलाने की अनुमति के बाद मुठ्ठीभर कामगारों को ही काम मिल रहा है। बताया जा रहा है कि सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए उद्योग संचालकों को सख्ती से नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के मद्देनजर अधिकांश उद्योगों में कामगार कम संख्या में काम कर रहे हैं। शेष कामगारों को घर बैठने पर विवश होना पड़ रहा है।
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दूसरी ओर इन कामगारों को बिना काम के वेतन देने में भी उद्योग प्रबंधन असमर्थता जता रहे हैं। लिहाजा इन कामगारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रवासी कामगारों में रविरंजन, कमलेश, रूपेश, राम दयाल, किशोर, रानी, कामिनी, प्रकाश, मिथलेश, लालू, रूपेश और श्याम कुमार ने बताया कि उन्हें अप्रैल माह का वेतन भी नहीं मिला है और न ही सरकार की ओर से कोई व्यवस्था की गई है, जिससे जीवनयापन हो सके। मार्च माह के वेतन से जैसे-तैसे दो माह गुजारा कर लिया लेकिन अब मई माह में उनको आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने बताया कि ऐसे भूखे मरने से अच्छा है कि उनको प्रशासन या सरकार व्यवस्था करके उनको उनके घरों को भेज दे। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि जैसे हिमाचल के लोगों को बाहरी राज्यों से रेस्क्यू किया जा रहा है, वैसे ही उनको भी यहां से भेजने की व्यवस्था की जाए।
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उधर लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष संजय सिंगला ने बताया कि ऐसे कामगारों को सूची अनुसार राशन किट और भोजन यथासंभव वितरित किया जा रहा है। उद्योग और बाजार बंदी से आर्थिक संकट से उद्यमी भी जूझ रहे हैं। फिर भी कुछ उद्योग अपने कामगारों को हर संभव सहायता कर रहे हैं।
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