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पुरानी पेंशन के अलावा अब कुछ और नहीं मंजूर : सुरेंद्र पुंडीर
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हरिपुरधार (सिरमौर)। प्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना बहाल करवाने को लेकर कर्मचारी लामबंद होने लगे हैं। नई पेंशन योजना से जुड़े कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में प्रदेश सरकार को पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की चेतावनी दे दी है।
उनका कहना है कि यदि ऐसा नहीं होता है तो वह सड़कों पर उतरेंगे। नई पेंशन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने कहा कि संघ को अब पुरानी पेंशन योजना के अलावा कुछ और मंजूर नहीं है। यदि राज्य में पुरानी पेंशन योजना को बहाल नहीं किया गया तो प्रदेश के एक लाख से अधिक कर्मचारी इस मांग को मनवाने के लिए सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
सुरेंद्र पुंडीर ने कहा कि आरटीआई से प्राप्त आंकड़ों से स्पष्ट जाहिर है कि पुरानी पेंशन योजना बहाल करने से सरकार पर किसी तरह का वित्तीय बोझ नहीं पड़ने वाला है। उल्टा सरकार को करोड़ों रुपये की हर साल बचत होगी।
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उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए समिति गठित करने की अधिसूचना जारी करे। बजट सत्र से पूर्व यह समिति अपनी सिफारिशें सरकार के समक्ष रखे। यदि कार्मिक एवं वित्त विभाग ने इस पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं की तो आंदोलन होगा और यह तब तक चलता रहेगा जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती।
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उनका कहना है कि यदि ऐसा नहीं होता है तो वह सड़कों पर उतरेंगे। नई पेंशन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने कहा कि संघ को अब पुरानी पेंशन योजना के अलावा कुछ और मंजूर नहीं है। यदि राज्य में पुरानी पेंशन योजना को बहाल नहीं किया गया तो प्रदेश के एक लाख से अधिक कर्मचारी इस मांग को मनवाने के लिए सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
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सुरेंद्र पुंडीर ने कहा कि आरटीआई से प्राप्त आंकड़ों से स्पष्ट जाहिर है कि पुरानी पेंशन योजना बहाल करने से सरकार पर किसी तरह का वित्तीय बोझ नहीं पड़ने वाला है। उल्टा सरकार को करोड़ों रुपये की हर साल बचत होगी।
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उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए समिति गठित करने की अधिसूचना जारी करे। बजट सत्र से पूर्व यह समिति अपनी सिफारिशें सरकार के समक्ष रखे। यदि कार्मिक एवं वित्त विभाग ने इस पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं की तो आंदोलन होगा और यह तब तक चलता रहेगा जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती।