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देवठी मझगांव में शुरू हुआ जिला स्तरीय एकादशी मेला
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राजगढ़ (सिरमौर)। राजगढ़ विकास खंड के देवठी मझगांव में धार्मिक एवं पारंपरिक जिला स्तरीय एकादशी मेला रविवार से आरंभ हुआ। रूद्र देवता की पारंपरिक पूजा से मेले का शुभारंभ किया गया।
मेला समिति के सदस्य रमेश सरैक ने बताया कि इस दौरान रूद्र देवता प्रमुख मंदिर से निकलकर सात दिनों तक एक अन्य मंदिर, जिसे मौड़ कहते हैं में लोगों के दर्शनार्थ मौजूद रहेंगे। मेला के दौरान सामूहिक नृत्य करने के अतिरिक्त रात्रि को करियाला और ड्रामे का आयोजन किया जाता है।
सरैक ने बताया कि बीते वर्ष कोरोना के कारण इस मेले को सांकेतिक रूप में मनाया गया था। इस वर्ष स्थानीय स्तर पर कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। एकादशी उपरांत इस क्षेत्र के छह गांवों में रूद्र महाराज के जागरा कार्यक्रम शुरू होंगे। पहले दिन का जागरा देवठी, दूसरे दिन का मझगांव, तीसरा तीसरे दिन का कूंथल, चौथे दिन का लवाणा, पांचवें दिन का ठारू और छठे दिन का जागरा मधैईक का होगा।
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इस जागरे में लोग अपने घरों में पटांडे बनाते हैं जिसे दाल और घी के साथ लोगों को परोसते हैं। छह दिन के जागरे के उपरांत सातवें दिन रूद्र महाराज के गुर सामूहिक नृत्य में भाग लेते हैं। उसके उपरांत देवता अपनी पुरानी देवठी को प्रस्थान करते हैं।
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मेला समिति के सदस्य रमेश सरैक ने बताया कि इस दौरान रूद्र देवता प्रमुख मंदिर से निकलकर सात दिनों तक एक अन्य मंदिर, जिसे मौड़ कहते हैं में लोगों के दर्शनार्थ मौजूद रहेंगे। मेला के दौरान सामूहिक नृत्य करने के अतिरिक्त रात्रि को करियाला और ड्रामे का आयोजन किया जाता है।
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सरैक ने बताया कि बीते वर्ष कोरोना के कारण इस मेले को सांकेतिक रूप में मनाया गया था। इस वर्ष स्थानीय स्तर पर कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। एकादशी उपरांत इस क्षेत्र के छह गांवों में रूद्र महाराज के जागरा कार्यक्रम शुरू होंगे। पहले दिन का जागरा देवठी, दूसरे दिन का मझगांव, तीसरा तीसरे दिन का कूंथल, चौथे दिन का लवाणा, पांचवें दिन का ठारू और छठे दिन का जागरा मधैईक का होगा।
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इस जागरे में लोग अपने घरों में पटांडे बनाते हैं जिसे दाल और घी के साथ लोगों को परोसते हैं। छह दिन के जागरे के उपरांत सातवें दिन रूद्र महाराज के गुर सामूहिक नृत्य में भाग लेते हैं। उसके उपरांत देवता अपनी पुरानी देवठी को प्रस्थान करते हैं।
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