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वोटर लिस्ट में जिंदा मतदाताओं को दर्शा दिया मृत
Updated Sat, 11 Nov 2017 10:38 PM IST
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वोटर लिस्ट में जिंदा मतदाताओं को दर्शा दिया मृत
नहीं डालने दिया वोट, मतदाता सूची से भी काटे नाम
वोटरों के पैरों से खिसकी जमीन, जांच की उठाई मांग
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
हिमाचल में लोकतंत्र के महाकुंभ विधानसभा मतदान का 9 नवंबर को समापन हो गया लेकिन कुछ मतदाताओं को यह चुनाव गहरे जख्म भी देकर गया। पांवटा के दो मतदाता अपना कीमती वोट डालने पोलिंग बूथ तो पहुंचे, लेकिन इनका नाम मृतक सूची की श्रेणी में डालकर मतदाता सूची से डिलीट कर दिया। ऐसे में वोटर अपना मतदान करने से भी वंचित रह गए।
पांवटा के वार्ड-5 यमुना विहार कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता विद्युत बोर्ड चतर सिंह व वार्ड नंबर-7 निवासी कपिल का नाम मृत घोषित कर मतदाता सूची से काट दिया गया। इस मामले को लेकर अब दोनों वोटरों ने इसकी शिकायत प्रदेश निर्वाचन आयोग शिमला, डीसी सिरमौर व एसडीएम पांवटा को भेजी है।
इन वोटरों ने मतदाता सूची बनाने वाले अधिकारी अथवा कर्मचारी की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता चतर सिंह पुत्र स्व. उत्तम सिंह ने बताया कि वर्ष 1977 से वह लगातार मत का प्रयोग करते आ रहे हैं लेकिन इस बार शरारती तत्वों ने जानबूझ कर घटिया हरकत को अंजाम दिया। मतदान के वक्त पता चला कि जिंदे व्यक्ति को मृत घोषित कर मतदान नामावली से नाम काट किया गया है।
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दूसरा मामला भी पांवटा शहरी क्षेत्र का ही है। पांवटा के वार्ड-7 निवासी निखिल कपिल (26) पुत्र अशोक कुमार कपिल मकान ने बताया कि कन्या स्कूल में मतदान केंद्र था। लोस, विस चुनाव व नप कमेटी चुनाव में पहले भी मतदान कर चुके हैं। इस बार जब वोट डालने वह कन्या स्कूल परिसर में बनाए गए पोलिंग बूथ पर पहुंचे तो हतप्रभ रह गए। मतदान केंद्र में कर्मचारियों ने बताया कि आप मत नहीं डाल सकते। कारण जानने पर लिस्ट दिखाई गई जिसमें मतदान नामावाली पर ई (मृत) व डिलिटिड दर्ज किया गया था।
निखिल ने कहा कि इस तरह कुछ अन्य उदाहरण भी हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। क्या किसी सोची समझी साजिश के तहत किसी जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित या अन्य कारणों से उनके नाम तो नहीं काटे गए हैं। मृत घोषित करने जैसी बड़ी लापरवाही करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए।
उधर, निर्वाचन अधिकारी व एसडीएम पांवटा एचएस राणा ने बताया कि शिकायत मिली है। किस स्तर पर सूची तैयार करने में लापरवाही हुई है, इसकी जांच उचित होगी।
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---सुरेश तोमर
नहीं डालने दिया वोट, मतदाता सूची से भी काटे नाम
वोटरों के पैरों से खिसकी जमीन, जांच की उठाई मांग
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
हिमाचल में लोकतंत्र के महाकुंभ विधानसभा मतदान का 9 नवंबर को समापन हो गया लेकिन कुछ मतदाताओं को यह चुनाव गहरे जख्म भी देकर गया। पांवटा के दो मतदाता अपना कीमती वोट डालने पोलिंग बूथ तो पहुंचे, लेकिन इनका नाम मृतक सूची की श्रेणी में डालकर मतदाता सूची से डिलीट कर दिया। ऐसे में वोटर अपना मतदान करने से भी वंचित रह गए।
पांवटा के वार्ड-5 यमुना विहार कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता विद्युत बोर्ड चतर सिंह व वार्ड नंबर-7 निवासी कपिल का नाम मृत घोषित कर मतदाता सूची से काट दिया गया। इस मामले को लेकर अब दोनों वोटरों ने इसकी शिकायत प्रदेश निर्वाचन आयोग शिमला, डीसी सिरमौर व एसडीएम पांवटा को भेजी है।
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इन वोटरों ने मतदाता सूची बनाने वाले अधिकारी अथवा कर्मचारी की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता चतर सिंह पुत्र स्व. उत्तम सिंह ने बताया कि वर्ष 1977 से वह लगातार मत का प्रयोग करते आ रहे हैं लेकिन इस बार शरारती तत्वों ने जानबूझ कर घटिया हरकत को अंजाम दिया। मतदान के वक्त पता चला कि जिंदे व्यक्ति को मृत घोषित कर मतदान नामावली से नाम काट किया गया है।
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दूसरा मामला भी पांवटा शहरी क्षेत्र का ही है। पांवटा के वार्ड-7 निवासी निखिल कपिल (26) पुत्र अशोक कुमार कपिल मकान ने बताया कि कन्या स्कूल में मतदान केंद्र था। लोस, विस चुनाव व नप कमेटी चुनाव में पहले भी मतदान कर चुके हैं। इस बार जब वोट डालने वह कन्या स्कूल परिसर में बनाए गए पोलिंग बूथ पर पहुंचे तो हतप्रभ रह गए। मतदान केंद्र में कर्मचारियों ने बताया कि आप मत नहीं डाल सकते। कारण जानने पर लिस्ट दिखाई गई जिसमें मतदान नामावाली पर ई (मृत) व डिलिटिड दर्ज किया गया था।
निखिल ने कहा कि इस तरह कुछ अन्य उदाहरण भी हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। क्या किसी सोची समझी साजिश के तहत किसी जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित या अन्य कारणों से उनके नाम तो नहीं काटे गए हैं। मृत घोषित करने जैसी बड़ी लापरवाही करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए।
उधर, निर्वाचन अधिकारी व एसडीएम पांवटा एचएस राणा ने बताया कि शिकायत मिली है। किस स्तर पर सूची तैयार करने में लापरवाही हुई है, इसकी जांच उचित होगी।
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---सुरेश तोमर