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ड्रग्स इंस्पेक्टर पांवटा की गोंदपुर में छापेमारी, अवैध क्लीनिक सीज
Updated Wed, 30 May 2018 12:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। ड्रग्स इंस्पेक्टर पांवटा ने मंगलवार को पांवटा के औद्योगिक क्षेत्र गोंदपुर में छापेमारी की। इस दौरान अवैध रुप से चल रहे एक क्लीनिक को सीज कर दिया है। यह क्लीनिक अवैध रुप से उत्तराखंड के लाइसेंस पर गोंदपुर में चलाया जा रहा था। जबकि, क्लीनिक संचालन को हिमाचल प्रदेश सरकार ही रिटेल ड्रग्स स्टोर का लाइसेंस जारी कर सकती है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत ड्रग इंस्पेक्टर की टीम कोर्ट में मामला पेश करेगी।
मंगलवार को ड्रग इंस्पेक्टर पांवटा सुरेश चौहान की टीम ने गोंदपुर में छापेमारी की। इस दौरान गोंदपुर में क्लीनिक संचालित कर रहे जसपाल सिंह पुत्र जय सिंह से जरूरी दस्तावेज मांगे गए। टीम ने शेडयूल एच-1, नारकोटिक, रिटेल ड्रग लाइसेंस व आरएमपी सर्टिफिकेट मांगा। क्लीनिक संचालक के पास केवल उत्तराखंड के विकासनगर का ही रिलेट लाइसेंस था। जबकि किसी भी राज्य में इस तरह के क्लीनिक संचालक को उसी राज्य का लाइसेंस होना जरूरी होता है। टीम ने अवैध रुप से चलाए जा रहे क्लीनिक को सीज कर दिया। उधर, ड्रग्स इंस्पेक्टर पांवटा सुरेश चौहान ने पुुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि गोंदपुर में अवैध रुप से जसपाल सिंह पुत्र जय सिंह क्लीनिक संचालित कर रहा था। वह हिमाचल सरकार व संबंधित विभाग से मिलने वाले कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट की धारा- 18सी व 18 ए के तहत मामला कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। ड्रग्स इंस्पेक्टर पांवटा ने मंगलवार को पांवटा के औद्योगिक क्षेत्र गोंदपुर में छापेमारी की। इस दौरान अवैध रुप से चल रहे एक क्लीनिक को सीज कर दिया है। यह क्लीनिक अवैध रुप से उत्तराखंड के लाइसेंस पर गोंदपुर में चलाया जा रहा था। जबकि, क्लीनिक संचालन को हिमाचल प्रदेश सरकार ही रिटेल ड्रग्स स्टोर का लाइसेंस जारी कर सकती है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत ड्रग इंस्पेक्टर की टीम कोर्ट में मामला पेश करेगी।
मंगलवार को ड्रग इंस्पेक्टर पांवटा सुरेश चौहान की टीम ने गोंदपुर में छापेमारी की। इस दौरान गोंदपुर में क्लीनिक संचालित कर रहे जसपाल सिंह पुत्र जय सिंह से जरूरी दस्तावेज मांगे गए। टीम ने शेडयूल एच-1, नारकोटिक, रिटेल ड्रग लाइसेंस व आरएमपी सर्टिफिकेट मांगा। क्लीनिक संचालक के पास केवल उत्तराखंड के विकासनगर का ही रिलेट लाइसेंस था। जबकि किसी भी राज्य में इस तरह के क्लीनिक संचालक को उसी राज्य का लाइसेंस होना जरूरी होता है। टीम ने अवैध रुप से चलाए जा रहे क्लीनिक को सीज कर दिया। उधर, ड्रग्स इंस्पेक्टर पांवटा सुरेश चौहान ने पुुष्टि की है।
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उन्होंने कहा कि गोंदपुर में अवैध रुप से जसपाल सिंह पुत्र जय सिंह क्लीनिक संचालित कर रहा था। वह हिमाचल सरकार व संबंधित विभाग से मिलने वाले कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट की धारा- 18सी व 18 ए के तहत मामला कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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