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बिजली बोर्ड को करोड़ों का चूना, पूर्व डीजीएम गिरफ्तार
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:27 PM IST
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।
विद्युत बोर्ड को लगभग चार करोड़ का चूना लगाने के मामले में सीआईडी की टीम ने अरसे से बंद पड़े एक उद्योग के पूर्व डीजीएम को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने इकाई कर्मचारियों के सहयोग से जाली आरटीजीएस तैयार कर बिजली बोर्ड को करोड़ों का चूना लगाया था। पिछले साल पांवटा सीआईडी की रिपोर्ट पर जालसाजी का मामला दर्ज हुआ था। इस इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
गौरतलब है कि पांवटा के जगतपुर में एक लोह इस्पात इकाई चलती थी। बिजली बोर्ड को करीब साढ़े 4 करोड़ का चूना लगाने की शिकायत मिली थी। शिकायत पर सीआईडी थाना भराड़ी (शिमला) में 3 अप्रैल 2016 को आईपीसी की धारा 420, 468, 471 व 120 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में सीआईडी थाना प्रभारी भराड़ी वीरेंद्र चौहान ने जांच शुरू की। मामले में आरोपी डीजीएम (अकाउंट) विवेक गुप्ता पुत्र वेद प्रकाश गुप्ता निवासी गली नंबर 5, टिबरा रोड मोदीनगर उत्तर प्रदेश की पहली गिरफ्तारी हुई है। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत से जमानत मिल गई। जांच टीम को शुरुआती जांच में पता चला कि इकाई के कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर करीब साढ़े 4 करोड़ रुपये के झूठे व जाली आरटीजीएस तैयार करके विद्युत विभाग को दे दिए। जांच टीम ने साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी विवेक को सोमवार को गिरफ्तार किया। मंगलवार को अदालत में पेश किया। जहां उसे जमानत मिल गई। जांच में जुटी सीआईडी टीम इस मामले के अन्य आरोपियों को दबोचने में जुट गई है।
उधर, डीएसपी सीआईडी भराड़ी शिमला संदीप धवन ने बताया कि डीजीएम अकाउंट विवेक गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। उसे पांवटा की कोर्ट नंबर-1 में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई है। मामले की छानबीन जारी है। उन्होंने इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया।
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विद्युत बोर्ड को लगभग चार करोड़ का चूना लगाने के मामले में सीआईडी की टीम ने अरसे से बंद पड़े एक उद्योग के पूर्व डीजीएम को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने इकाई कर्मचारियों के सहयोग से जाली आरटीजीएस तैयार कर बिजली बोर्ड को करोड़ों का चूना लगाया था। पिछले साल पांवटा सीआईडी की रिपोर्ट पर जालसाजी का मामला दर्ज हुआ था। इस इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
गौरतलब है कि पांवटा के जगतपुर में एक लोह इस्पात इकाई चलती थी। बिजली बोर्ड को करीब साढ़े 4 करोड़ का चूना लगाने की शिकायत मिली थी। शिकायत पर सीआईडी थाना भराड़ी (शिमला) में 3 अप्रैल 2016 को आईपीसी की धारा 420, 468, 471 व 120 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में सीआईडी थाना प्रभारी भराड़ी वीरेंद्र चौहान ने जांच शुरू की। मामले में आरोपी डीजीएम (अकाउंट) विवेक गुप्ता पुत्र वेद प्रकाश गुप्ता निवासी गली नंबर 5, टिबरा रोड मोदीनगर उत्तर प्रदेश की पहली गिरफ्तारी हुई है। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत से जमानत मिल गई। जांच टीम को शुरुआती जांच में पता चला कि इकाई के कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर करीब साढ़े 4 करोड़ रुपये के झूठे व जाली आरटीजीएस तैयार करके विद्युत विभाग को दे दिए। जांच टीम ने साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी विवेक को सोमवार को गिरफ्तार किया। मंगलवार को अदालत में पेश किया। जहां उसे जमानत मिल गई। जांच में जुटी सीआईडी टीम इस मामले के अन्य आरोपियों को दबोचने में जुट गई है।
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उधर, डीएसपी सीआईडी भराड़ी शिमला संदीप धवन ने बताया कि डीजीएम अकाउंट विवेक गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। उसे पांवटा की कोर्ट नंबर-1 में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई है। मामले की छानबीन जारी है। उन्होंने इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया।
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